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कार्टर वी. गुड ने पाठ्यचर्या को इस प्रकार परिभाषित किया था।
रट कर याद करना समावेशी शिक्षा की विशेषता नहीं है।
अनुच्छेद 45 अनिवार्य शिक्षा (सभी के लिए शिक्षा) से संबंधित है।
टॉयलर मॉडल का अंतिम चरण मूल्यांकन है।
नारीवाद सभी के लिए समान अधिकारों के बारे में है।
डेलोर (Delors) रिपोर्ट में शिक्षा के चार स्तंभों की बात की गई है।
आधिकारिक (Authoritative) शैली बाल पालन की सर्वोत्तम मानी जाती है।
समावेशी शिक्षा का मुख्य अर्थ विकलांग बच्चों को भी मुख्यधारा में शामिल करना है।
बीन एट.अल. ने पाठ्यचर्या को इन चार पहलुओं में वर्गीकृत किया।
पाठ्यचर्या डिज़ाइन में शिक्षक शामिल नहीं है।
आत्मविश्वास यौन शोषण का परिणाम नहीं है।
शिक्षण सहायक सामग्री की कमी और उचित विधियों के अभाव के कारण इसे लागू करना कठिन है।
सर्व शिक्षा अभियान (SSA) का उद्देश्य 2010 तक सार्वत्रिक प्रतिधारण प्राप्त करना था।
क्षेत्रीय विविधता का एक मुख्य कारण 'ऐतिहासिक कारण' (Historical reasons) हैं.
प्रच्छन्न पाठ्यचर्या वह है जो औपचारिक रूप से नहीं पढ़ाई जाती लेकिन बच्चे के अनुभव इसमें शामिल होते हैं.
इनमें से 'लिंग' (Gender) एक जैविक शब्द है.
IEDC (Integrated Education for Disabled Children) में समावेशी शिक्षा शामिल है.
मेसोसिस्टम के अंतर्गत स्कूल (School) जैसी संस्थाएं आती हैं.
इस क्षमता को 'क्रमबद्धता' (Serialization) कहा जाता है.
संज्ञानात्मक अधिगम की मुख्य शैलियों में दृश्य, श्रवण और गतिसंवेदी शामिल हैं.