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भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाएँ' (All India Services - Article 312) के प्रावधानों तथा उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, संसद को यह विशिष्ट अधिकार प्राप्त है कि वह राज्य सभा द्वारा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से समर्थित संकल्प के आधार पर, संघ और राज्यों के लिए एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं (जिनमें न्यायिक सेवा भी शामिल हो सकती है) के सृजन का उपबंध कर सके। 2. अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों का चयन केंद्र सरकार की लोक सेवा एजेंसी (संघ लोक सेवा आयोग - UPSC) द्वारा किया जाता है, उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है, किंतु वे कैडर नियमों के तहत विभिन्न राज्यों को आवंटित किए जाते हैं और प्रशासनिक नियंत्रण के मामले में वे पूरी तरह से केवल केंद्र सरकार के प्रति उत्तरदायी होते हैं, राज्य सरकारों का उन पर कोई disciplinary (अनुशासनात्मक) नियंत्रण नहीं होता है। 3. भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) को संविधान के प्रारंभ से ही अखिल भारतीय सेवाओं के रूप में मान्यता प्राप्त थी, जबकि 'भारतीय वन सेवा' (IFS) को वर्ष 1966 में अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 के तहत संसद द्वारा एक नई अखिल भारतीय सेवा के रूप में सृजित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All-India Services) और 'संघ तथा राज्यों के अधीन लोक सेवाओं' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अंतर्गत राज्यसभा यदि उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है, तो संसद को कानून द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अतिरिक्त किसी भी अन्य नई अखिल भारतीय सेवा के सृजन करने की शक्ति प्राप्त हो जाती है। 2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है, परंतु वे विभिन्न राज्यों के 'कैडरों' (Cadres) में नियुक्त होते हैं और उन्हें केंद्र तथा राज्य दोनों सरकारों के अधीन सेवाएँ देने का अधिकार होता है, तथापि उन पर अंतिम अनुशासनिक नियंत्रण (Ultimate Disciplinary Control) और बर्खास्तगी की शक्ति पूरी तरह से संबंधित राज्य सरकार के पास निहित होती है, न कि केंद्र सरकार के पास। 3. संविधान के अनुच्छेद 315 के प्रावधानों के तहत संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) का गठन किया जाता है, किंतु दो या अधिक राज्य समझौते के माध्यम से संसद से अनुरोध कर सकते हैं कि उनके लिए एक 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) का गठन किया जाए, जिसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All India Services) और 'संघ तथा राज्यों के अधीन लोक सेवा आयोगों' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अंतर्गत संसद को कानून द्वारा 'भारतीय प्रशासनिक सेवा' (IAS), 'भारतीय पुलिस सेवा' (IPS) और 'भारतीय वन सेवा' (IFoS) के अतिरिक्त किसी भी अन्य नई अखिल भारतीय सेवा का सृजन करने की अनन्य शक्ति प्राप्त है, बशर्ते कि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित करे कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है। 2. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, तथा संविधान के प्रावधानों के अनुसार आयोग के सदस्यों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि उनमें से कम-से-कम आधे सदस्य ऐसे व्यक्ति हों जो भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन कम-से-कम दस वर्ष तक पद धारण कर चुके हों। 3. राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के अध्यक्ष या किसी सदस्य को केवल और केवल राष्ट्रपति द्वारा ही उनके पद से हटाया जा सकता है, भले ही उनकी नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की गई हो, और हटाने के आधार वही होंगे जो संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) और लोक सेवाओं से संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो संसद विधि द्वारा एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं (जिनमें न्यायिक सेवा भी शामिल हो सकती है) के सृजन का उपबंध कर सकती है। 2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और यद्यपि वे केंद्र सरकार के नियंत्रण में विभिन्न संवर्गों (Cadres) में कार्य करते हैं, तथापि उन्हें किसी भी राज्य सरकार द्वारा बिना राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति के सेवा से बर्खास्त (Dismiss) या पदच्युत किया जा सकता है। 3. अनुच्छेद 315 के तहत संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) का प्रावधान किया गया है, तथा संविधान यह भी अनुमति देता है कि दो या अधिक राज्य सहमत हों तो संसद कानून द्वारा उन राज्यों के लिए एक संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JSPSC) का गठन कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) और लोक सेवाओं से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्यसभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो संसद विधि द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के समान एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन का उपबंध कर सकती है, तथा यह शक्ति भारतीय न्यायिक सेवा के सृजन तक भी विस्तारित है। 2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, किंतु वे केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के अधीन सेवा करते हैं, और उन्हें संघ तथा संबंधित राज्य दोनों की लोक सेवा के संयुक्त नियंत्रण के तहत रखा जाता है, जिससे वे दोनों सत्ताओं के प्रति जवाबदेह होते हैं। 3. अनुच्छेद 315 के तहत संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग का प्रावधान किया गया है, किंतु दो या अधिक राज्य समझौते के माध्यम से यह अनुरोध कर सकते हैं कि संसद विधि द्वारा उनके लिए एक संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JPSC) का गठन करे, जिसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति संबंधित राज्यों के राज्यपालों द्वारा संयुक्त रूप से की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services - Article 312) और लोक सेवाओं से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या समीचीन है, तो संसद विधि द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अतिरिक्त किसी भी नई अखिल भारतीय सेवा के सृजन का प्रावधान कर सकती है, और ऐसा संकल्प पारित करने की अनन्य शक्ति केवल राज्य सभा के पास है। 2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति और सेवा की शर्तें निर्धारित करने की अंतिम शक्ति राष्ट्रपति में निहित है, किंतु इन सेवाओं के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उन्हें पदच्युत (Dismiss) करने का अधिकार केवल संबंधित राज्य सरकारों के पास होता है, केंद्र सरकार का इसमें कोई प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं होता है। 3. संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) का प्रावधान किया गया है, तथा अनुच्छेद 317 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के किसी भी सदस्य को उनके पद से केवल राष्ट्रपति द्वारा ही कदाचार के आधार पर हटाया जा सकता है, जिसके लिए उच्चतम न्यायालय की जाँच और प्रतिवेदन अनिवार्य होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'संघ और राज्यों के अधीन सेवाएँ' (Services Under the Union and the States - Articles 308-323) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है, तो संसद विधि द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं (All-India Services) के सृजन का उपबंध कर सकती है, तथा इसके अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) को संविधान के प्रारंभ से ही अखिल भारतीय सेवा माना गया है, जबकि भारतीय वन सेवा (IFoS) को 1966 में इस श्रेणी में जोड़ा गया था। 2. अनुच्छेद 315 के अंतर्गत संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के गठन का प्रावधान है, तथा दो या दो से अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद (न कि राष्ट्रपति) विधि द्वारा उन राज्यों के लिए एक संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JSPSC) की स्थापना कर सकती है। 3. अनुच्छेद 317 के प्रावधानों के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग या किसी संयुक्त आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को केवल राष्ट्रपति के आदेश से ही उसके पद से हटाया जा सकता है, वह भी तब जब उच्चतम न्यायालय द्वारा (राष्ट्रपति द्वारा निर्देशित किए जाने पर) की गई जाँच में उसे 'कदाचार' (Misbehaviour) का दोषी पाया जाता है, और उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई यह सलाह राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All-India Services) और लोक सेवा आयोगों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अंतर्गत राज्य सभा द्वारा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से संकल्प पारित किए जाने पर संसद को नई अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन की शक्ति प्राप्त है, और इसके तहत वर्ष 1966 में 'भारतीय वन सेवा' (IFoS) को तीसरी अखिल भारतीय सेवा के रूप में जोड़ा गया था। 2. अनुच्छेद 316 के प्रावधानों के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या किसी राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, तथा आयोग के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल पद ग्रहण करने की तारीख से छह वर्ष की अवधि या पैंसठ (65) वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक (इनमें से जो भी पहले हो) होता है, भले ही वह SPSC का सदस्य क्यों न हो। 3. अनुच्छेद 317 के अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग या किसी संयुक्त आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को केवल राष्ट्रपति के आदेश से ही उसके पद से हटाया जा सकता है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को हटाने की शक्ति केवल संबंधित राज्य के राज्यपाल के पास होती है, राष्ट्रपति के पास नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं - अनुच्छेद 308 से 323) के अंतर्गत 'लोक सेवा आयोगों' (Public Service Commissions) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 315 के अनुसार, संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) का प्रावधान किया गया है, तथा दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद विधि द्वारा उन राज्यों के लिए एक 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) का गठन कर सकती है, जिसके सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। 2. संघ लोक सेवा आयोग या संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या अन्य सदस्यों को उनके पद से हटाने की शक्ति राष्ट्रपति के पास होती है, परंतु राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के अध्यक्ष या सदस्यों को हटाने का अधिकार केवल संबंधित राज्य के राज्यपाल के पास होता है, क्योंकि वे राज्य की सेवा के अधिकारी होते हैं। 3. संविधान के अनुच्छेद 320 के अनुसार, लोक सेवा आयोगों का मुख्य कार्य सिविल सेवाओं में नियुक्तियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करना है, तथा सरकार के लिए यह अनिवार्य है कि वह अखिल भारतीय सेवाओं और केंद्रीय सेवाओं से संबंधित सभी अनुशासनात्मक मामलों पर संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करे, और आयोग द्वारा दी गई सलाह सरकार पर हमेशा बाध्यकारी होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All India Services - अनुच्छेद 312) और लोक सेवाओं से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से एक प्रस्ताव पारित कर यह घोषित करती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है, तो संसद कानून द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अतिरिक्त किसी अन्य नई अखिल भारतीय सेवा के सृजन का उपबंध कर सकती है, तथा ऐसा अधिकार केवल राज्य सभा को ही प्राप्त है, लोकसभा को नहीं। 2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति और सेवा शर्तो के निर्धारण का अधिकार राष्ट्रपति में निहित है, किंतु इन सेवाओं के अधिकारियों पर अंतिम अनुशासनिक नियंत्रण (Ultimate Disciplinary Control), जिसमें उन्हें सेवा से बर्खास्त करना या पदच्युत करना शामिल है, संबंधित राज्य सरकार का होता है जहाँ वे सेवारत हैं, केंद्र सरकार का नहीं। 3. संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोगों (UPSC और SPSC) के सदस्यों की नियुक्ति के संदर्भ में, राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के अध्यक्ष या सदस्य को उसके पद से हटाने की शक्ति राज्यपाल के पास होती है यदि वह दिवालिया हो जाए या कदाचरण का दोषी पाया जाए, और इसके लिए राज्यपाल को उच्चतम न्यायालय की किसी जांच की आवश्यकता नहीं होती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों کے अधीन सेवाएँ - अनुच्छेद 308 से 323) और उससे संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन से एक संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या समीचीन है, तो संसद विधि द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) के सृजन का उपबंध कर सकती है, तथा इसके अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के साथ-साथ 'भारतीय न्यायिक सेवा' (All India Judicial Service) का भी सृजन किया जा सकता है। 2. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को उनके पद से राष्ट्रपति द्वारा केवल साबित कदाचार (Proved Misbehavior) या असमर्थता के आधार पर ही हटाया जा सकता है, और ऐसे मामलों में राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय से जाँच कराने की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि राष्ट्रपति का निर्णय अंतिम और सर्वोपरि होता है। 3. अनुच्छेद 323 के प्रावधानों के तहत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का यह कर्तव्य है कि वह प्रत्येक वर्ष राष्ट्रपति को आयोग के किए गए कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करे, और राष्ट्रपति इस रिपोर्ट को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाते हैं, जिसके साथ उस हिस्से का विवरण भी होता है जिसमें यह बताया जाता है कि आयोग की सलाह को क्यों अस्वीकार किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं - अनुच्छेद 308 से 323) के अंतर्गत लोक सेवा आयोगों और अखिल भारतीय सेवाओं से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, संसद को कानून द्वारा संघ और राज्यों के लिए एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाएं (जिनमें वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा शामिल हैं) सृजित करने की शक्ति प्राप्त है, बशर्ते राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन से ऐसा करने के लिए संकल्प पारित करे। 2. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के किसी सदस्य को उसके पद से केवल राष्ट्रपति द्वारा ही, उच्चतम न्यायालय के प्रतिवेदन पर और कदाचार के आधार पर हटाया जा सकता है, तथा संविधान के अनुसार इन आयोगों के सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य नियोजन (Employment) के लिए पूर्णतः अपात्र घोषित किया गया है। 3. राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्यों की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें उनके पद से हटाने की शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास होती है, राज्यपाल के पास नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All India Services - अनुच्छेद 312) और 'संघ लोक सेवा आयोग' (UPSC - अनुच्छेद 315 से 323) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, संसद को राज्य सभा द्वारा समर्थित एक विशेष संकल्प के माध्यम से, यदि वह उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा पारित किया जाता है, नई अखिल भारतीय सेवाओं (जिनमें न्यायिक सेवा भी शामिल हो सकती है) के सृजन करने की अनन्य शक्ति प्रदान की गई है। 2. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, तथा संविधान यह प्रावधान करता है कि आयोग के कम से कम आधे सदस्य ऐसे व्यक्ति होंगे जो भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन कम से कम दस वर्ष तक पद धारण कर चुके हों। 3. संघ लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को उसके पद से केवल राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही हटाया जा सकता है, यदि उच्चतम न्यायालय द्वारा (राष्ट्रपति द्वारा निर्देशित किए जाने पर) की गई जांच के बाद उसे 'कदाचार' (Misbehaviour) के आधार पर हटाने की सिफारिश की जाती है, और ऐसी जांच के दौरान उच्चतम न्यायालय का निर्णय राष्ट्रपति के लिए पूर्णतः बाध्यकारी होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं - अनुच्छेद 308 से 323) तथा अखिल भारतीय सेवाओं से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 312 संसद को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह राज्य सभा द्वारा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से समर्थित संकल्प के आधार पर, राष्ट्रहित में एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं (जिनमें वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा शामिल हैं) के सृजन का उपबंध कर सके। 2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति और सेवा शर्तें निर्धारित करने का अंतिम और अनन्य संवैधानिक अधिकार संबंधित राज्य सरकारों के पास होता है, क्योंकि वे राज्य के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत कार्य करते हैं, और केंद्र सरकार केवल उनके अनुशासनात्मक मामलों में ही हस्तक्षेप कर सकती है। 3. संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) का प्रावधान किया गया है, तथा इसके साथ ही दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद कानून द्वारा उन राज्यों के लिए एक 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) का गठन कर सकती है, जिसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
0 2 months ago Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं - अनुच्छेद 308 से 323) तथा 'लोक सेवा आयोगों' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 315 के अनुसार संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) होगा, तथा दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद कानून द्वारा उन राज्यों के लिए एक 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) का गठन कर सकती है, जो एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है। 2. संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति क्रमशः राष्ट्रपति या संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, और संविधान के अनुसार आयोग के कम से कम आधे सदस्यों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि उन्होंने भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन कम से कम दस वर्ष तक प्रशासनिक सेवा का अनुभव प्राप्त किया हो। 3. संघ लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को केवल राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही उसके पद से हटाया जा सकता है, और ऐसा करने के लिए राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 317 के तहत की गई जाँच (जिसमें न्यायालय ने कदाचार के आधार पर हटाने की सिफारिश की हो) के प्रतिवेदन का पालन करना अनिवार्य होता है, जबकि राज्यपाल को राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों को हटाने की कोई शक्ति प्राप्त नहीं होती है, यह शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं - अनुच्छेद 308 से 323) के अंतर्गत 'संघ लोक सेवा आयोग' (UPSC) और 'राज्य लोक सेवा आयोगों' (SPSC) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या अन्य सदस्य की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, तथा आयोग के प्रत्येक सदस्य को अपने पद ग्रहण करने की तारीख से छह वर्ष की अवधि के लिए या 65 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक (इनमें से जो भी पहले हो) अपने पद पर बने रहने का अधिकार होता है। 2. संविधान के अनुच्छेद 317 के प्रावधानों के तहत संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के किसी भी सदस्य को उसके पद से केवल राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही हटाया जा सकता है, भले ही वह सदस्य राज्य लोक सेवा आयोग का ही क्यों न हो, और राष्ट्रपति द्वारा ऐसा हटाया जाना उच्चतम न्यायालय के प्रतिवेदन के आधार पर किया जाता है। 3. संविधान के अनुच्छेद 319 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के पद पर समाप्त होने वाले कार्यकाल के बाद वह व्यक्ति भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार के लिए पात्र नहीं होता है, जबकि किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने पर वह संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का पात्र होता है, किंतु भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार के लिए पात्र नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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