बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) — प्रश्न, व्याख्या और मॉक टेस्ट
CTET, UPTET और BPSC TRE जैसी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए विकास के सिद्धांत, अधिगम, बुद्धि-व्यक्तित्व, समावेशी शिक्षा, शिक्षण विधियाँ और मूल्यांकन के मुफ़्त MCQ, हर उत्तर की विस्तृत व्याख्या के साथ।
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्कूली ज्ञान को उनके बाहरी जीवन, परिवेश और…
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality) किस आयु वर्ग से संबंधित है?
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में पारंपरिक नैतिकता का स्तर (Conventional Morality) आमतौर पर 10 से 13 वर्ष की आयु के बालकों में पाया जाता है, जिसमें बालक समाज के…
जीन पियाजे کے संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' की आयु सीमा क्या है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) की आयु सीमा लगभग 2 वर्ष से 7 वर्ष तक होती है।
जीन पियाजे کے संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' की अवधि क्या है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था लगभग 7 वर्ष से 11 वर्ष की आयु तक होती है, जिसमें बालक तार्किक रूप से मूर्त वस्तुओं के…
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के कक्षा कक्षीय अधिगम को उनके बाहरी जीवन और…
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सोच या चिंतन का गणितीय करण करना है, जिससे वे तार्किक ढंग से सोच सकें।
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की अवधि क्या है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था 11 वर्ष से 15 वर्ष या किशोरावस्था से वयस्कता तक होती है जिसमें बालक अमूर्त चिंतन करने…
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' की अवधि क्या है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार पूर्व संक्रियात्मक अवस्था 2 वर्ष से 7 वर्ष की आयु तक होती है।
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' किस आयु वर्ग से संबंधित है?
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में पारंपरिक नैतिकता का स्तर (Conventional Morality) सामान्यतः 10 से 13 वर्ष की आयु के बालकों में देखा जाता है, जिसमें बालक…
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्कूली ज्ञान को उनके बाहरी जीवन और वास्तविक दुनिया के…
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास किस स्तर के अंतर्गत आता है?
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Boy-Nice Girl) अभिविन्यास पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत आता है, जो इस…
राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF-2005) के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF-2005) के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्कूली ज्ञान को उनके बाहरी जीवन और अनुभवों से जोड़ना है।
जीन पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण विकसित होता है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (वस्तु के रूप या आकार बदलने पर भी उसके द्रव्यमान या आयतन में कोई परिवर्तन न होना) का गुण मूर्त…
राष्ट्रीय पाठ्य रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम का मुख्य आधार क्या होना चाहिए?
राष्ट्रीय पाठ्य रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) को विभिन्न विषयों (विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा) को मिलाकर एक एकीकृत…
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अच्छा लड़का - अच्छी लड़की' अभिविन्यास किस स्तर से संबंधित है?
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'अच्छा लड़का - अच्छी लड़की' अभिविन्यास (Stage 3) पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत आता है, जिसमें व्यक्ति सामाजिक…
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'संरक्षण' (Conservation) का गुण बच्चों में किस अवस्था में विकसित होता है?
जीन पियाजे के अनुसार 'संरक्षण' (यह समझना कि किसी वस्तु का रूप बदलने से उसकी मात्रा या आयतन नहीं बदलता) का गुण बच्चों में मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष) में…
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास नैतिक विकास की किस स्तर के अंतर्गत आता है?
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Boy-Nice Girl Orientation) अभिविन्यास पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत आता…
जीन पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) का गुण सीखता है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं के संरक्षण, वर्गीकरण और पलटावी (Reversibility) के…
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार 'संरक्षण' (Conservation) का गुण किस अवस्था में विकसित होता है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'संरक्षण' (यह समझना कि मात्रा या आयतन रूप बदलने से नहीं बदलता) का गुण मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष)…
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' किस स्तर के अंतर्गत आता है?
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Stage 4) आता है, जिसमें व्यक्ति समाज के…