त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि संदर्भ में, 'तराई क्षेत्र' (Terai Region) की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित में से कौन सी हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश के उत्तर में स्थित 'तराई क्षेत्र' शिवालिक पहाड़ियों के ठीक नीचे का नम और दलदली भाग है। यहाँ नदियां पर्वतीय क्षेत्रों से नीचे उतरकर विलुप्त होती हैं और पुनः प्रकट होती हैं, जिससे यहाँ की मिट्टी बहुत उपजाऊ, नम और महीन अवसादों (सिल्ट) से युक्त होती है। इस क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा और नमी के कारण गन्ना, धान और जूट की खेती प्रचुर मात्रा में की जाती है। अतः विकल्प 'b' सही है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries) और उनकी स्थापना वर्ष या अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश का सबसे पहला वन्यजीव विहार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में की गई थी और यह मुख्य रूप से एशियाई शेरों और काले हिरणों के संरक्षण के लिए जाना जाता था।
2. हस्तिनापुर वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जिसका विस्तार मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और अमरोहा जिलों तक फैला हुआ है।
3. रानीपुर वन्यजीव विहार चित्रकूट जिले में स्थित है, जिसे हाल ही में उत्तर प्रदेश के चौथे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया है।
4. किशनपुर वन्यजीव विहार लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है, जो दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और यहाँ दलदली हिरण (बारासिंगा) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'जल संसाधन एवं भूजल प्रबंधन' के संदर्भ में, केंद्रीय ग्राउंड वाटर बोर्ड (CGWB) और उत्तर प्रदेश भूजल विभाग की रिपोर्टों के अनुसार राज्य के पश्चिमी और बुंदेलखंड क्षेत्रों में भूजल स्तर में भारी गिरावट और भूजल में आर्सेनिक, फ्लोराइड तथा भारी धातुओं के संदूषण (Contamination) की गंभीर पारिस्थितिकीय व स्वास्थ्य समस्याओं, तथा इसके समाधान हेतु अपनाई जाने वाली 'अटल भूजल योजना' (Atal Bhujal Yojana), रेनवाटर हार्वेस्टिंग, और माइक्रो-इर्रिगेशन (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई) प्रणालियों के वैज्ञानिक व शैक्षणिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास और संज्ञानात्मक अंतर्संबंधों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-conventional Morality Level) के विशिष्ट चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत'—के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप और मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' तथा 'इंसुला' (Insula) की सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया, तथा कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'देखभाल का नैतिकता दृष्टिकोण' (Ethics of Care) के अंतर्गत 'स्वयं केंद्रितता से सार्वभौमिक उत्तरदायित्व तक' के चरणों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, नैतिक दुविधाओं (Moral Dilemmas) के समाधान और विद्यार्थियों में सामाजिक-संवेगात्मक न्यायसंगत व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'रूहेलखंड मैदान' (Rohilkhand Plain) और उसकी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रूहेलखंड का मैदान उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिम भाग में स्थित है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से गंगा और उसकी सहायक नदियों (जैसे रामगंगा, गार और शर्धा) द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) के निक्षेप से हुआ है।
2. इस क्षेत्र की अधिकांश मृदा उपजाऊ दोमट और बलुई-दोमट प्रकार की है, और यहाँ नलकूपों तथा नहरों के विकास के कारण गेहूँ, धान और गन्ने की खेती बहुत बड़े पैमाने पर की जाती है।
3. रूहेलखंड मैदान का दक्षिणी भाग यमुना और गंगा के दोआब के उत्तरी हिस्से के साथ मिलकर एक तीव्र ढाल वाली पर्वतीय स्थलाकृति का निर्माण करता है, जहाँ कृषि की संभावनाएँ नगण्य हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुआयामी एवं बहुबुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (जिसमें भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीत, शारीरिक-गतिसंवेदी, अंतरापवैक्तिक, अंतःवैक्तिक और प्रकृतिवादी बुद्धि शामिल हैं) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के विशिष्ट गोलार्द्धों और क्षेत्रों—यथा 'ब्रोका व वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas), 'पश्चकपाल लोब' (Occipital Lobe), 'सेरिबैलम व मोटर कॉर्टेक्स' (Cerebellum & Motor Cortex), और 'प्रीफ्रंटल-लिम्बिक सर्किट' (Prefrontal-Limbic Circuit)—के बीच विशिष्ट तंत्रिका नेटवर्क मॉड्यूलरिटी (Neural Network Modularity), स्वतंत्र प्रसंस्करण मार्गों (Independent Processing Pathways), और संज्ञानात्मक विशिष्टीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) के 'संवेगात्मक बुद्धि सिद्धांत' (Emotional Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मॉड्यूलर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Modular Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-क्षमता आधारित मूल्यांकन, विभेदित शिक्षण (Differentiated Instruction) व समग्र संज्ञानात्मक उत्कृष्टता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.