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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत, 'व्यंजन संधि' के नियमों में 'विसर्ग संधि' का एक विशेष नियम आता है। यदि विसर्ग के बाद 'च' या 'छ' आए, तो विसर्ग का परिवर्तन किस वर्ण में हो जाता है तथा 'दुः + चरित्र' के मेल से बनने वाला शब्द इस नियम के अनुसार क्या होगा?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
विसर्ग संधि के नियमानुसार, यदि विसर्ग (ः) के बाद 'च' या 'छ' आए, तो विसर्ग का परिवर्तन 'श' (तालव्य श) में हो जाता है। उदाहरण के लिए, दुः + चरित्र = दुश्चरित्र। इसी प्रकार निः + चल = निश्चल होता है। अतः विकल्प (b) सही है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं अधिगम के सिद्धांत' के अंतर्गत 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'संरक्षण का अभाव' (Lack of Conservation) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मीडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (mPFC) और 'इंसुला' (Insula) के बीच सामाजिक परिप्रेक्ष्य लेने की क्षमता की अपरिपक्वता, दृश्य-स्थानिक विकेंद्रीकरण की विसंगति तथा कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन फ्लेवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'दृश्य परिप्रेक्ष्य ग्रहण' (Visual Perspective-Taking: Level 1 and Level 2) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विकेंद्रीकरण संवर्धन आधारित शिक्षाशास्त्र (Decentration-Focused Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, तार्किक विकेंद्रीकरण व समग्र बौद्धिक परिपक्वता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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