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UPTET
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण के दौरान 'पर्यावरणीय मुद्दों' पर आधारित शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में निम्नलिखित में से किस उपागम (Approach) को सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है, जो विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशल और व्यावहारिक संवेदनशीलता दोनों का विकास करता है?

Detailed Explanation

प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में केवल पाठ्यपुस्तक आधारित ज्ञान पर्याप्त नहीं होता है। 'परियोजना विधि' (Project Method) और 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के माध्यम से विद्यार्थी अपने आस-पास की वास्तविक पर्यावरणीय समस्याओं (जैसे प्रदूषण, जल संरक्षण, वनों की कटाई) से सीधे जुड़ते हैं। इससे उनमें आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान की क्षमता और पर्यावरण के प्रति सच्ची संवेदनशीलता का विकास होता है, जो राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के प्राथमिक शिक्षा के उद्देश्यों के अनुकूल है।
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→ निम्नलिखित में से 'स्वागत' शब्द में कौन सी संधि है? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ में, प्रसिद्ध 'झूला मेला' और 'नककटैया मेला' क्रमशः उत्तर प्रदेश के किन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरों में आयोजित किए जाते हैं? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और प्रग्रहण (Memory and Encoding) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, हर्बिंग एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच अल्पकालिक स्मृति से दीर्घकालिक स्मृति में सूचना के समेकन (Memory Consolidation) की सक्रियण गतिकी, तथा रिचर्ड शिफ़्रिन (Richard Shiffrin) एवं रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) द्वारा प्रतिपादित 'मल्टी-स्टोर मॉडल' (Multi-store Memory Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अंतरालित पुनरावृत्ति (Spaced Repetition) रणनीतियों और विद्यार्थियों में दीर्घकालिक ज्ञान प्रतिधारण व संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और मध्यवर्ती क्षेत्रों में बोली जाने वाली विभिन्न बोलियों तथा उनके मुख्य भौगोलिक विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. भोजपुरी (Bhojpuri) - बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, गोरखपुर और देवरिया (यह बिहार की सीमा से लगे जिलों में प्रमुखता से बोली जाती है और इसका उद्गम शौरसेनी अपभ्रंश से माना जाता है) 2. अवधी (Awadhi) - लखनऊ, अयोध्या, सीतापुर, रायबरेली, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ (यह मध्य उत्तर प्रदेश का क्षेत्र है जिसका विकास अर्द्धमागधी अपभ्रंश से हुआ है) 3. ब्रजभाषा (Brajbhasha) - आगरा, मथुरा, अलीगढ़, एटा और हाथरस (यह क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थित है जहाँ सूरदास और बिहारी ने अपनी रचनाएँ लिखीं) 4. बुंदेली (Bundeli) - झाँसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर और बाँदा (यह दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश का पठारी क्षेत्र है जहाँ अर्धमागधी अपभ्रंश का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जाता है) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं? → बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास की प्रक्रिया आयु के साथ क्रमिक रूप से तीन मुख्य स्तरों (Levels) और प्रत्येक स्तर में दो अवस्थाओं (Stages) यानी कुल छह चरणों में विभाजित है, और यह विकास सार्वभौमिक होता है। 2. 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति कानून को एक कठोर और अपरिवर्तनीय नियम के रूप में देखता है, जहाँ कानून का पालन करना ही एकमात्र परम नैतिकता है, भले ही वह सामाजिक कल्याण के विरुद्ध हो। 3. कोहलबर्ग ने अपने सिद्धांत के प्रतिपादन के लिए 'हाइन्ज़ दुविधा' (Heinz Dilemma) का उपयोग किया था, जिसके माध्यम से उन्होंने बालकों और वयस्कों के तार्किकीकरण (Reasoning) का अध्ययन किया कि वे नैतिक दुविधा की स्थिति में किस प्रकार निर्णय लेते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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