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UPTET
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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत 'इतिहास' विषय के शिक्षण में 'कालक्रम (Chronology)' और 'ऐतिहासिक स्रोतों (Historical Sources)' के समालोचनात्मक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं तार्किक है?

Detailed Explanation

इतिहास शिक्षण में केवल तिथियों को रटने के बजाय ऐतिहासिक स्रोतों (साक्ष्यों) का समालोचनात्मक (Critical) विश्लेषण करना अत्यंत आवश्यक है। इससे विद्यार्थियों में यह समझ विकसित होती है कि इतिहास का निर्माण किस प्रकार विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर हुआ है, जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) को बढ़ावा मिलता है।
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