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Indian Polity
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उच्च न्यायालय (High Court) किस अनुच्छेद के तहत रिट जारी कर सकते हैं?

Detailed Explanation

उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करते हैं।
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भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5 से 11) और 'भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955' के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 9 यह स्पष्ट रूप से उपबंधित करता है कि यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता अर्जित कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाएगी, और इस संबंध में संसद को नागरिकता समाप्त करने के लिए कोई अलग से विधि बनाने की आवश्यकता नहीं होती। 2. भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत 'देशीयकरण' (Naturalization) द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि आवेदक किसी ऐसे देश का नागरिक न हो जहाँ भारतीय नागरिकों को देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने से प्रतिबंधित किया गया हो। 3. संविधान का अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में विधि बनाने की पूर्ण शक्ति प्रदान करता है, और इस शक्ति के अंतर्गत संसद को यह अधिकार प्राप्त है कि वह भूतक्ष्मी (Retrospective) प्रभाव से भी नागरिकता संबंधी कानून लागू कर सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के भाग III (मूल अधिकार) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 13 के अधीन 'विधि' (Law) के अंतर्गत भारत के राज्यक्षेत्र में विधि का बल रखने वाले अध्यादेश, आदेश, उप-विधि, नियम, विनियम और अधिसूचनाएं तो शामिल हैं, किंतु कोई प्रथा या रीति (Custom or Usage) जिसके पास विधि का बल है, इसके दायरे में नहीं आती है। 2. संविधान का अनुच्छेद 19(1)(g) सभी नागरिकों को कोई भी वृत्ति, व्यापार या कारोबार करने का अधिकार देता है, किंतु राज्य को यह शक्ति प्राप्त है कि वह इस अधिकार पर किसी भी प्रकार का व्यावसायिक या तकनीकी अर्हता (Professional or Technical Qualifications) से संबंधित प्रतिबंध आरोपित कर सके और साथ ही राज्य द्वारा किसी व्यापार, व्यवसाय या सेवा का पूर्ण या आंशिक एकाधिकार (Monopoly) अपने हाथ में लिए जाने को विधि-मान्यता प्रदान कर सके। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'ए.के. गोपालन वाद' (1950) में अपनाए गए संकुचित दृष्टिकोण को पलटते हुए 'मेनका गांधी वाद' (1978) में यह अभिनिर्धारित किया गया कि अनुच्छेद 21 के अंतर्गत 'प्राण और दैहिक स्वतंत्रता' के संरक्षण के लिए 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' (Procedure Established by Law) में अमेरिकी संविधान के 'विधि की सम्यक् प्रक्रिया' (Due Process of Law) के तत्वों, अर्थात् प्रक्रिया के न्यायसंगत, निष्पक्ष और तार्किक होने की अनिवार्यता को भी शामिल माना जाएगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के भाग IV में वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP - अनुच्छेद 36-51) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत 'समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता' का प्रावधान मूल संविधान में 1950 में ही अंतःस्थापित किया गया था, जिसे बाद में 42वें संविधान संशोधन द्वारा और अधिक सशक्त बनाया गया। 2. संविधान का अनुच्छेद 40 पंचायतों के संगठन से संबंधित एक गांधीवादी सिद्धांत है, जिसे बाद में 73वें और 74वें संविधान संशोधन अधिनियमों के माध्यम से संवैधानिक और त्रिस्तरीय रूप प्रदान किया गया। 3. अनुच्छेद 48A के अंतर्गत पर्यावरण का संरक्षण और संवहन तथा वन एवं वन्यजीवों की रक्षा का प्रावधान मूल संविधान में नहीं था, बल्कि इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा नीति निर्देशक तत्वों में जोड़ा गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? संविधान संशोधन विधेयक राष्ट्रपति के पास जाने पर क्या कर सकते हैं? भारत के पहले उपग्रह लांचर का क्या नाम है?
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