BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
1 views

पर्यावरण अध्ययन (EVS) के प्राथमिक स्तर पर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में 'संरचनावादी उपागम' (Constructivist Approach) के अंतर्गत निम्नलिखित में से किस शिक्षण रणनीति को सर्वाधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जो विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल (HOTS) और वास्तविक परिवेश से जुड़ाव को विकसित करती है?

Detailed Explanation

संरचनावादी उपागम (Constructivist Approach) के अनुसार, अधिगमकर्ता अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने अनुभवों और पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया करके करते हैं। प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) में क्षेत्र-भ्रमण, प्रायोगिक कार्य और सामूहिक चर्चा जैसी रणनीतियाँ बच्चों को वास्तविक दुनिया से जोड़ती हैं, जिससे उनकी खोजबीन करने की क्षमता, आलोचनात्मक चिंतन और उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल (HOTS) का विकास होता है। रटने की पद्धति या केवल व्याख्यान सुनना रचनावादी दृष्टिकोण के विपरीत हैं।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश की कृषि-जलवायु ज़ोन (Agro-Climatic Zones) और वहाँ की प्रमुख फसल प्रणालियों तथा मृदा विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. योजना आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिसमें 'पश्चिमी मैदानी क्षेत्र' में गन्ने और गेहूँ की सघन खेती की जाती है और यहाँ मुख्य रूप से कैल्केरियस तथा दोमट मृदा पाई जाती है। 2. 'बुंदेलखंड क्षेत्र' के अंतर्गत आने वाले दक्षिणी पठारी भाग में मुख्य रूप से 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ पाई जाती हैं, जो अत्यधिक उपजाऊ जलोढ़ मृदा के प्रकार हैं और जिनमें धान की खेती सर्वाधिक मात्रा में होती है। 3. 'उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र' (North-Eastern Plain Zone) में भारी वर्षा और तराई जैसी भौगोलिक स्थिति के कारण धान और गन्ने की पैदावार के साथ-साथ जूट की खेती भी बड़े पैमाने पर की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी बुद्धि (Intelligence) एक वास्तुकार, मूर्तिकार या शतरंज के खिलाड़ी में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाती है, जो उन्हें मानसिक रूप से दृश्यों को देखने, घुमाने और अंतरिक्षीय संबंधों को समझने की उत्कृष्ट क्षमता प्रदान करती है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे और समावेशन' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अधिगम विकलांगता' के अंतर्गत 'डਿਸग्राफिया' (Dysgraphia) के 'मोटर-ऑर्थोग्राफिक डेफिसिट मॉडल' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एन्टेरियर इंट्रापैरिएटल सलकस' (AIPS), 'सुपीरियर पैराइटल लोब' (SPL), और 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia) के बीच दृश्य-स्थानिक समन्वय (Visuo-spatial Coordination), मोटर प्लानिंग (Motor Planning), और हाथ-आँख समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा वर्जीनिया बर्लिंगहम (Virginia Berninger) के 'ऑर्थोग्राफिक-मोटर इंटीग्रेशन हाइपोथैसिस' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरियल काइनेस्थेटिक पेडागोजी (Multisensory Kinesthetic Pedagogy) और विद्यार्थियों में लेखन दक्षता, सूक्ष्म पेशीय नियंत्रण (Fine Motor Control) व समग्र ग्राफिक अभिव्यक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development - विशेष रूप से 'उत्तरांचल उत्तर-पारंपरिक स्तर' / Post-conventional Level और सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'इंसुला' (Insula) के बीच नैतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया, सहानुभूति आधारित सामाजिक-संवेगात्मक मूल्यांकन, और संज्ञानात्मक संघर्ष समाधान (Cognitive Conflict Resolution) की सक्रियण गतिकी, तथा कैरोल गिलीगन (Carol Gilligan) के 'नैतिक देखभाल के नैतिकता मॉडल' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोरालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Morality Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में न्यायपरक व सहानुभूतिपूर्ण नैतिक तрку, लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के खनिजों, ऊर्जा संसाधनों और उद्योग से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में 'चूना पत्थर' (Limestone), 'कोयला' और 'नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले' जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, और सोनभद्र का डल्ला क्षेत्र सीमेंट उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। 2. उत्तर प्रदेश में तांबा और यूरेनियम के एकमात्र भंडार क्रमशः ललितपुर जिले में पाए जाते हैं, जहाँ यूरेनियम का उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है। 3. उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद जिला कांच और चूड़ियों के निर्माण के लिए देश भर में प्रसिद्ध है, जिसे 'सुहाग नगरी' भी कहा जाता है, जबकि पीतल के बर्तनों के लिए मुरादाबाद को 'पीतल नगरी' के रूप में जाना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.