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UPTET
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लॉरेंस कोलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़गट स्तर' (Post-Conventional Level) की 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा की अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) अवस्था की सबसे महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'उत्तर-रूढ़गट स्तर' (Post-Conventional Level) का छठा और अंतिम चरण 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा की अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) कहलाता है। इस अवस्था में व्यक्ति बाहरी सामाजिक कानूनों या दंड-पुरस्कार की परवाह किए बिना, अपने स्वयं के अंतःकरण और न्याय, मानवाधिकार तथा मानवीय गरिमा के सार्वभौमिक सिद्धांतों के आधार पर नैतिक निर्णय लेता है। यदि कोई सामाजिक कानून मानवता के विरुद्ध होता है, तो इस स्तर पर व्यक्ति उस कानून का विरोध करने की नैतिक क्षमता भी रखता है।
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→ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' (Autism Spectrum Disorder - ASD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - MNS), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्कास' (Superior Temporal Sulcus), और 'पूर्व-ललाट पालि' (Prefrontal Cortex) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक विच्छेद (Social-Cognitive Disconnection), मानसिकीकरण (Mentalizing / Theory of Mind) में कमी, और दृश्य-श्रव्य अनुकरण की सक्रियण विफलता तथा दोषपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क (Neural Disconnectivity) की गतिकी, तथा लियो कान्नर (Leo Kanner) व हंस आस्परगर (Hans Asperger) द्वारा प्रतिपादित 'ऑटिज्म' प्रत्यय और आधुनिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डाइवर्सिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Diversity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक संचार कौशल, संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'मूल्यांकन और मापन (Evaluation and Measurement) के आधुनिक मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण' (Taxonomy of Educational Objectives) के 'संज्ञानात्मक पक्ष' (Cognitive Domain) के अंतर्गत सर्वोच्च स्तरों—'संश्लेषण' (Synthesis / सृजन) और 'मूल्यांकन' (Evaluation)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) की आलोचनात्मक चिंतन और निर्णय लेने की सक्रियण प्रक्रिया, तथा नॉर्मन ग्रोनलुंड (Norman Gronlund) और रॉबर्ट ग्लेसर (Robert Glaser) द्वारा प्रतिपादित 'मानदंड-संदर्भित परीक्षण' (Criterion-Referenced Testing) और 'निदानात्मक एवं रचनात्मक मूल्यांकन' (Diagnostic and Formative Assessment) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक दक्षताओं तथा स्व-नियमन (Self-Regulation) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार' (Plateau of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गैरी (Gary) और अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के कारणों' (थकान, प्रेरणा की कमी, जटिलता में वृद्धि और अनुचित शिक्षण विधियाँ) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'स्ट्रिएटम' (Striatum), और 'संवेदी-प्रेरक नेटवर्क' (Sensorimotor Network) के बीच सिनेप्टिक अतिभार (Synaptic Overload), डोपामिनर्जिक मार्ग की संवेदनशीलता में कमी, और स्वचालितता (Automaticity) व संज्ञानात्मक लचीलेपन के बीच गतिरोध की सक्रियण गतिकी, तथा लुईस (Luhse) के 'अधिगम वक्र' (Learning Curve) के पठार बिंदु के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्लेटऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Plateau Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक विश्राम रणनीतियों (Cognitive Rest Strategies), परिवर्तनशील शिक्षण विधियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और उनकी स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का सबसे पहला (प्रथम) वन्यजीव विहार 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में की गई थी। 2. 'बखिरा पक्षी विहार' उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित है, जिसे हाल ही में रामसर साइट (Ramsar Site) के रूप में मान्यता दी गई है। 3. 'लाख बहोसी पक्षी विहार' उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में स्थित है और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य का सबसे बड़ा पक्षी विहार है। 4. 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और गाजियाबाद जिलों में फैला हुआ है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों की आवश्यकता (Inclusive Education and Special Needs)' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय मॉडल (Ecological Model of Special Education)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सामाजिक मस्तिष्क नेटवर्क' (Social Brain Network—जिसमें 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्काई' (STS), 'फ्यूसीफॉर्म फेस एरिया' और 'टेम्पोरोपैराइटल जंक्शन' शामिल हैं) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रसंस्कृतियों, साथियों के साथ अंतःक्रियाओं और मनोवैज्ञानिक-सामाजिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा उ्री ब्रोंफेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL) और विद्यार्थियों में सामाजिक-भावनिक लचीलेपन व तदनुभूतिपूर्ण व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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