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UPTET
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण शास्त्र में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) की अवधारणा के संदर्भ में, प्राथमिक स्तर पर EVS सीखने के आकलन के लिए निम्नलिखित में से कौन सी सबसे अधिक प्रभावी और प्रामाणिक तकनीक मानी जाती है?

Detailed Explanation

पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) का मुख्य उद्देश्य बच्चों के संज्ञानात्मक, भावनात्मक और क्रियात्मक विकास का समग्र आकलन करना है। प्राथमिक स्तर पर EVS अनुभव आधारित विषय है, इसलिए बच्चों की दैनिक गतिविधियों का अवलोकन (Observation), उनके द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट्स और 'पोर्टफोलियो' (Portfolio) उनके सीखने की प्रगति का सबसे प्रामाणिक, गुणात्मक और वास्तविक साक्ष्य प्रदान करते हैं। यह रटने की प्रवृत्ति के विपरीत बच्चों की व्यावहारिक समझ का मूल्यांकन करता है।
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→ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के सिद्धांत' (Theories of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीत, शारीरिक-गतिसंवेदी, अंतरापस और अंतरावैक्तिक बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobes), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobes), और 'सेरिबेलम' (Cerebellum) के बीच मॉड्यूलर कॉर्टिकल सक्रियण, डोमेन-विशिष्ट तंत्रिका नेटवर्क (Domain-specific Neural Networks), और सूचना प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory: g-factor और s-factor) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी प्रतिभा विकास, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता एवं विशिष्ट आवश्यकता वाले बालक (Learning Disabilities and Children with Special Needs)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम अक्षमता' की अवधारणा तथा डिस्लेक्सिया (Dyslexia), डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) और डिस्केलकुलिया (Dyscalculia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएँ हेमिस्फयर के टेम्पोपैरिएटल जंक्शन' (Left Temporoparietal Junction), 'फ्यूसीफॉर्म फेस एरिया' (Fusiform Face Area), और 'इंट्रापैरिएटल सर्कस' (Intraparietal Sulcus) के बीच ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing), दृश्य-अक्षर एकीकरण, और संख्यात्मक परिमाण प्रतिनिधित्व की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड सेबस्टियन के 'न्यूरो-डेवलपमेंटल रेमेडिएशन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-रेमेडियल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Remedial Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियों (ORT-Orton Gillingham Approach), उपचारात्मक शिक्षण व समग्र समावेशी कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) की कक्षा में 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) की प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त एवं प्रभावी माना जाएगा? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्ग्राफिया (Dysgraphia - लेखन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, बर्गेन (Bergen) और आधुनिक न्यूरोसाइंस के 'मोटर-विजुअल इंटीग्रेशन मॉडल' के अंतर्गत मस्तिष्क के 'सुपीरियर पैरिएटल लोब' (Superior Parietal Lobule), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia), 'प्रीमोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex) और 'एक्सेरिएटर सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच स्थानिक समन्वय, हस्त-लेखन मोटर योजना (Motor Planning), और आलेखीय प्रतीक उत्पादन की सक्रियण विसंगति, तथा वर्लिनर और सहकर्मियों द्वारा प्रतिपादित 'ग्राफोटेक्टिक और ऑर्थोग्राफिक मोटर प्रोसेसिंग डेफिसिट' (Graphotactic and Orthographic Motor Processing Deficit) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, टैक्टाइल-किनेस्थेटिक मल्टीसेंसरी कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Tactile-Kinesthetic Multisensory Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में लेखन प्रवाह, वर्तनी-आलेखन समन्वय व समग्र सूक्ष्म गत्यात्मक (Fine Motor) दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश के भूगोल और कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा प्रकार, वर्षा की मात्रा और तापमान की भिन्नताओं को दर्शाते हैं। 2. राज्य के 'पूर्वी मैदान' (Eastern Plain Zone) क्षेत्र में धान और गेहूं की प्रधानता है, लेकिन यहाँ की मुख्य समस्या मिट्टी में क्षारीयता (Alkalinity) और जलभराव की है, जबकि 'बुंदेलखंड क्षेत्र' में सिंचित साधनों की कमी और मृदा अपरदन प्रमुख कृषि संबंधी चुनौतियाँ हैं। 3. उत्तर प्रदेश के 'भाबर और तराई' क्षेत्र में पायी जाने वाली मटियाियार और नम मिट्टी गन्ने, धान और उच्च आर्द्रता चाहने वाली फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल है, और इस क्षेत्र में राज्य के अन्य मैदानी भागों की तुलना में औसत वार्षिक वर्षा कम होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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