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UPTET
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उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के संदर्भ में, वर्ष 1925 में हुए प्रसिद्ध 'काकोरी ट्रेन एक्शन' (काकोरी कांड) की योजना को मूर्त रूप देने और इस क्रांतिकारी घटना के प्रमुख सूत्रधारों में निम्नलिखित में से किन स्वतंत्रता सेनानियों ने मुख्य भूमिका निभाई थी तथा इस घटना से संबंधित सरकारी पक्ष का मुकदमा किस प्रसिद्ध वकील ने लड़ा था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
9 अगस्त 1925 को सहारनपुर से लखनऊ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को काकोरी नामक स्थान पर 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) के क्रांतिकारियों द्वारा लूटा गया था, जिसे काकोरी ट्रेन एक्शन कहा जाता है। इस ऐतिहासिक घटना के मुख्य योजनाकार और प्रमुख क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह थे। इस मामले में ब्रिटिश सरकार की ओर से पैरवी करने वाले सरकारी वकील (Public Prosecutor) जगत नारायण मुल्ला थे, जबकि क्रांतिकारियों की ओर से कानूनी बचाव के लिए गोविंद बल्लभ पंत, चंद्र भानु गुप्ता और मोहन लाल सक्सेना जैसे वकीलों ने प्रयास किया था।
Related Questions
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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के अंतर्गत 'असहयोग आंदोलन' (Non-Cooperation Movement, 1920-22) और उससे जुड़े घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नागपुर के दिसंबर 1920 के वार्षिक अधिवेशन में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से अनुमोदित और पारित किया गया था, जिसका नेतृत्व चित्तरंजन दास ने इस प्रस्ताव को प्रस्तुत करके किया था।
2. आंदोलन के दौरान चौरी-चौरा (गोरखपुर, उत्तर प्रदेश) की हिंसक घटना 4 फरवरी 1922 को हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप महात्मा गांधी ने अत्यधिक क्षुब्ध होकर बारदोली में कांग्रेस की बैठक में इस आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा की थी।
3. असहयोग आंदोलन के स्थगन के निर्णय से क्षुब्ध होकर चित्रंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस से अलग होकर वर्ष 1923 में 'स्वराज पार्टी' (Swaraj Party) की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य परिषदों के भीतर प्रवेश करके सरकार की नीतियों में बाधा डालना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अवधान (Attention) और कार्यकारी नियंत्रण के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, माइकल पॉस्नर (Michael Posner) द्वारा प्रतिपादित 'अवдони नेटवर्क मॉडल' (Attentional Network Model) के अंतर्गत 'सतर्कता नेटवर्क' (Alerting Network), 'उन्मुखीकरण नेटवर्क' (Orienting Network), और 'कार्यकारी नेटवर्क' (Executive Network) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब', 'थैलेमस' और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) की चयनात्मक ध्यान (Selective Attention) और संघर्ष समाधान (Conflict Resolution) की सक्रियण गतिकी, तथा डोनाल्ड ब्रॉडबेंट (Donald Broadbent) द्वारा प्रतिपादित 'फिल्टर मॉडल' (Filter Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक भार प्रबंधन (Cognitive Load Management) और विद्यार्थियों में अवधान क्षमता व स्व-विनियमित अधिगम के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' के अंतर्गत 'अधिगम विकलांगता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्कैलकुलिया' (Dyscalculia - संख्यात्मक और गणितीय अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'इन्ट्रಾಪैरिएटल सलकस' (Intraparietal Sulcus - IPS), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'वेंट्रल ऑसिपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' के बीच संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण (Numerical Magnitude Processing), स्थानिक-अंकीय प्रतिनिधित्व (Spatial-Numerical Association), और कार्यकारी स्मृति (Working Memory) के बीच समन्वय की सक्रियण विफलता तथा दोषपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क (Neural Disconnectivity) की गतिकी, तथा हेन्रीक कॉहन (Henrik Cohn) व गाइ डिसलेक्सिया के समान डिस्कैलकुलिया के ऐतिहासिक प्रत्यय और आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्कैलकुलिया ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Dyscalculia Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में गणितीय बोध, मूर्त-से-अमूर्त अनुदेशन रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD - अवधान न्यूनता अतिसक्रियता विकार)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, रसेल बार्कले (Russell Barkley) द्वारा प्रतिपादित 'कार्यकारी कार्य मॉडल' (Executive Functioning Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia), और 'स्ट्रिएटम' (Striatum) के बीच निरोधात्मक नियंत्रण (Inhibitory Control), कार्यशील स्मृति (Working Memory) और स्व-नियमन की सक्रियण विसंगति, तथा जोएल निगर (Joel Nigg) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-मार्ग मॉडल' (Multi-pathway Model of ADHD) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक-व्यवहारपरक और संरचित स्व-नियमन शिक्षाशास्त्र (Self-Regulation Pedagogy) और विद्यार्थियों में आवेग नियंत्रण, ध्यान अवधि व समग्र अनुकूली व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों, रामसर आद्रभूमियों (Ramsar Wetlands) और टाइगर रिजर्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'दुधवा राष्ट्रीय उद्यान' उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर फैला हुआ राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे वर्ष 1987 में 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था, और इसके अंतर्गत किशनपुर वन्यजीव विहार तथा कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार भी शामिल हैं।
2. 'पीलीभीत टाइगर रिजर्व' को हाल ही में 'TX2' अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, क्योंकि यहाँ बाघों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है, और यह उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित है।
3. 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश का सबसे पहला वन्यजीव विहार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में एशियाई शेरों (Asiatic Lions) के पुनरुत्पादन के उद्देश्य से की गई थी।
4. 'संडोना पक्षी विहार' (Sandi Bird Sanctuary) हरदोई जिले में स्थित एक कृत्रिम झील पर बना पक्षी विहार है, जिसे रामसर सूची में शामिल नहीं किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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