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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा अपनी पूर्व-मौजूदा स्कीमा (Schema) में नई जानकारी को फिट करने के लिए उसमें संशोधन या बदलाव करता है, तो इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'समायोजन' (Accommodation) वह प्रक्रिया है जिसमें बालक नई सूचनाओं को अपने पूर्व-निर्धारित स्कीमा में फिट करने के लिए अपने पुराने स्कीमा में परिवर्तन या संशोधन करता है। इसके विपरीत, 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) में बालक बिना किसी बदलाव के नई जानकारी को मौजूदा स्कीमा में जोड़ता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम' (Motivation and Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अनुसार, उन आवश्यकताओं को पहचानिए जिन्हें मैस्लो ने 'कमी संबंधी आवश्यकताएँ' (Deficiency Needs या D-Needs) की श्रेणी में रखा है, तथा इनमें से कौन सा विकल्प सही समुच्चय (Set) को दर्शाता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'अमिगडाला' (Amygdala) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच सिनैप्टिक समेकन (Synaptic Consolidation), ट्रेस्ड डीके (Trace Decay) और भावनात्मक टैगिंग की सक्रियण गतिकी, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'मल्टी-स्टोर मेमोरी मॉडल' (Sensory, Short-Term, and Long-Term Memory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्पेaced पुनरावृत्ति शिक्षाशास्त्र (Spaced Repetition Pedagogy) और विद्यार्थियों में सूचना प्रतिधारण, दीर्घकालिक स्मरण व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक स्वरूप तथा उसकी मृदाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ चिकनी मिट्टी होती हैं, जिनमें जल धारण करने की उच्च क्षमता पाई जाती है और सूखने पर इनमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मृदा मुख्य रूप से महीन कणों वाली उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी होती है, जिसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस की प्रचुरता होती है, और यह क्षेत्र उच्च आर्द्रता तथा घने जंगलों व लंबी घासों के लिए जाना जाता है।
3. 'राड़' या 'भूड़' (Bhoor) मृदा मुख्य रूप से गंगा और यमुना की नदियों के कछार में पाई जाने वाली अत्यंत उपजाऊ नवीन जलोढ़ मिट्टी है, जिसमें बालू की मात्रा बिल्कुल नहीं होती और यह गन्ना उत्पादन के लिए सर्वोत्तम है।
4. विंध्यन पर्वतीय और पठारी क्षेत्रों के समीप उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिलों में पाई जाने वाली 'परवा' (Parwa) मृदा हल्की बलुई-दोमट प्रकार की मिट्टी होती है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की कमी होती है, किंतु इसमें सिंचाई के साधन उपलब्ध कराने पर अच्छी फसलें उगाई जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु प्रदेशों और विशेष प्रकार की मिट्टियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को योजना आयोग द्वारा कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, और राज्य में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) पाई जाती है, जिसे दो भागों—खादर (नवीन जलोढ़) और बांगर (प्राचीन जलोढ़) में वर्गीकृत किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'भाँवर' (या भोंड) प्रकार की मृदाएँ अत्यधिक चिकनी और उपजाऊ होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की अपार क्षमता होती है, और शुष्क मौसम में इनमें गहरी-चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं, जिसके कारण इन्हें 'काली कपास मिट्टी' के समकक्ष माना जाता है।
3. राज्य के दक्षिणी पठारी एवं पर्वतीय क्षेत्रों (जैसे मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली) में पाई जाने वाली 'लाल एवं पीली मृदा' रवेदार विंध्यन और प्राचीन चट्टानों के विखंडन से बनी है, जिसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और ह्यूमस की प्रचुरता पाई जाती है, जिससे यह गेहूँ और धान की खेती के लिए देश की सबसे उपजाऊ मिट्टी मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत गृहों और जलविद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का पहला तापीय विद्युत संयत्र 'हरदुएगंज तापीय विद्युत गृह' अलीगढ़ जिले में स्थापित किया गया था, जिसकी स्थापना वर्ष 1942 में की गई थी।
2. सोनभद्र जिले का 'ओबरा' (Obra) थर्मल पावर स्टेशन और 'अनपरा' (Anpara) तापीय परियोजना राज्य के प्रमुख ऊर्जा केंद्र हैं, जिन्हें सिंगरौली कोयला क्षेत्र से निर्बाध कोयला आपूर्ति प्राप्त होती है।
3. 'माताटीला बहुउद्देशीय परियोजना' बेतवा नदी पर ललितपुर जिले में स्थित है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना है और इससे जलविद्युत का उत्पादन भी किया जाता है।
4. उत्तर प्रदेश राज्य में अपनी निजी सौर ऊर्जा नीति (Solar Energy Policy) का अभाव है, जिसके कारण राज्य पूरी तरह से जीवाश्म ईंधन और केंद्रीय ग्रिड पर निर्भर है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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