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UPTET
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण और पर्यावरण संरक्षण आंदोलनों के संदर्भ में, वर्ष 1973 में उत्तराखंड के चमोली जिले से शुरू हुए प्रसिद्ध 'चिपको आंदोलन' (Chipko Movement) के मुख्य प्रेरणास्त्रोत और सुंदरलाल बहुगुणा के साथ इस आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार या वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जुड़े पर्यावरणविद् कौन थे, जिन्होंने पेड़ों से चिपककर उनकी रक्षा करने का आह्वान किया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
चिपको आंदोलन (1973) उत्तराखंड के चमोली जिले में वनों की अंधाधुंध कटाई को रोकने के लिए चलाया गया एक अहिंसक आंदोलन था। इस आंदोलन को सफल बनाने में सुंदरलाल बहुगुणा के साथ-साथ श्री चंडी प्रसाद भट्ट (जिन्हें 1982 में रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था) का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान था। गौरा देवी इस आंदोलन की एक अन्य प्रमुख महिला नेत्री थीं जिन्होंने महिलाओं का नेतृत्व किया था।
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बच्चों के बौद्धिक विकास के चार चरणों (संवेदी गामक, पूर्व संक्रियात्मक, मूर्त संक्रियात्मक और औपचारिक संक्रियात्मक) की पहचान किसके द्वारा की गई थी?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विकास के आयाम और अवस्थाएँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) द्वारा प्रतिपादित 'मनोसामाजिक विकास का सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory: 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' अवस्था - Identity vs. Role Confusion) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) के बीच आत्म-अवधारणा निर्माण, सामाजिक मूल्यांकन, और आवेग नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा जेम्स मार्सिया (James Marcia) के 'पहचान की अवस्थाएँ' (Identity Statuses: डिफ्यूजन, फोरक्लोज़र, मोरैटोरियम, और अचीवमेंट) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक माध्यमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-साइकोसोशल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Psychosocial Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में किशोरावस्था के दौरान सकारात्मक स्व-पहचान, निर्णय लेने की क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम (1857 की क्रांति) और उससे संबंधित नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'कानपुर' - नाना साहब (इन्होंने पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र के रूप में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया और तात्या टोपे ने इनके सेनापति के रूप में सैन्य संचालन किया।)
2. 'लखनऊ' - बेगम हजरत महल (इन्होंने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिम कादिर को नवाब घोषित कर अवध में विद्रोह की कमान संभाली।)
3. 'बरेली' - खान बहादुर खान (इन्होंने रुहेलखंड क्षेत्र में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया और एक स्वतंत्र सरकार की स्थापना की।)
4. 'फैजाबाद' - लियाकत अली (इन्होंने मौलवी अहमदुल्ला शाह के साथ मिलकर इस क्षेत्र में अंग्रेजी सेना को कड़ी चुनौती दी और जिहाद का नारा दिया।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और औद्योगिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र 'नरोरा परमाणु विद्युत गृह' (Narora Atomic Power Station) बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थित है, जिसकी दोनों इकाइयों ने क्रमशः 1991 और 1992 में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया था।
2. 'रिहंद बांध परियोजना' (Rihand Dam Project) सोन नदी की प्रमुख सहायक नदी रिहंद पर पिपरी (सोंभद्र जिला) में बनाई गई है, जिसके पीछे बने कृत्रिम जलाशय को 'गोविन्द बल्लभ पंत सागर' के नाम से जाना जाता है और यह भारत का सबसे बड़ा कृत्रिम झील (Artificial Lake) है।
3. राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए स्थापित 'उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण' (UPSIDA) का मुख्यालय कानपुर में स्थित है, जबकि उत्तर प्रदेश में सॉफ्टवेयर और आईटी उद्योगों का प्रमुख केंद्र 'नोएडा' (गौतम बुद्ध नगर) को माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक काल के उपरांत 'उपनयन संस्कार' तथा उत्तर-वैदिककालीन शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उपनयन संस्कार के माध्यम से बालक को 'द्विज' की संज्ञा मिलती थी, जिसमें विभिन्न वर्णों के बालकों के लिए आयु निर्धारित थी—जैसे ब्राह्मण बालक के लिए 8 वर्ष, क्षत्रिय के लिए 11 वर्ष और वैश्य के लिए 12 वर्ष की आयु में यह संस्कार संपन्न होता था।
2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था—पहला 'सद्योवधू' जो आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए वेदों का अध्ययन करती थीं, और दूसरा 'ब्रह्मवादिनी' जो विवाह कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश करती थीं।
3. गुरुकुल में शिक्षा पूरी होने के बाद छात्र का 'समावर्तन' (Samavartana) संस्कार संपन्न होता था, जिसके पश्चात वह 'स्नातक' की उपाधि प्राप्त कर गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर वापस लौटता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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