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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय इतिहास के संदर्भ में, राज्य के प्राचीनतम 'बुंदेलखंड पठार' (Bundelkhand Plateau) क्षेत्र की चट्टानों का निर्माण मुख्य रूप से किस भूगर्भीय काल में हुआ था तथा इन चट्टानों की प्रमुख विशेषता निम्नलिखित में से क्या है?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी क्षेत्र (विशेषकर बुंदेलखंड क्षेत्र) प्रायद्वीपीय भारत के पठार का ही उत्तरपूर्वी विस्तार है। भूगर्भीय दृष्टि से, इस क्षेत्र की चट्टानें प्री-कैंब्रियन (आर्कियन) काल की हैं, जो गनीस (Gneiss), शिस्ट (Schist) और ग्रेनाइट से बनी हैं। लंबे समय तक लगातार अपक्षय और अपरदन (Denudation) के कारण यह क्षेत्र अब ऊबड़-खाबड़, पठारी और पथरीला हो गया है, जहाँ लाल मृदा पाई जाती है और सिंचाई के साधन सीमित हैं।
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→ उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना और कृषि जलवायु प्रदेशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के आधार पर कुल 9 प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की विभिन्न भौगोलिक और मिट्टी की विशेषताओं को दर्शाते हैं। 2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी और मध्य मैदानी भागों में पाई जाने वाली 'लाल व भूरी मृदा' (Red and Brown Soil) का निर्माण मुख्य रूप से विंध्यन क्रम की लाल चट्टानों और ग्रेनाइट के अपक्षय से हुआ है, जो मोटे अनाजों की खेती के लिए उपयुक्त है। 3. राज्य के तराई और भाभर क्षेत्रों में मिलने वाली मृदा में नाइट्रोजन और ह्यूमस (Humus) की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र धान, जूट और गन्ने की सघन कृषि के लिए अत्यधिक अनुकूल माना जाता है। 4. उत्तर प्रदेश में 'मार' (Maar) और 'परवा' (Parwa) मृदा मुख्य रूप से बुंदेलखंड के पठारी और दक्षिणी जिलों में पाई जाती है, जिसमें मार मृदा चिकनी मिट्टी की तरह होती है जो सूखने पर कड़ी हो जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजनों, खनिज संपदा और उद्योग-धंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पाई जाने वाली 'कोयला' की प्राप्ति मुख्य रूप से विंध्यन क्रम की चट्टानों से होती है, जिनका उपयोग सिंगरौली और ओबरा तापीय विद्युत गृहों में विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है। 2. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में देश के प्रमुख यूरेनियम (Uranium) भंडारों के साथ-साथ तांबा, डायस्पोर और रॉक फॉस्फेट जैसे खनिज भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। 3. कांच बालू (Silica Sand) के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का देश में प्रमुख स्थान है, और इसके सबसे बड़े भंडार शंकरगढ़ (प्रयागराज) तथा चित्रकूट और बांदा जिलों में पाए जाते हैं, जो कांच उद्योग को कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → कुचिपड़ी शास्त्रीय नृत्य शैली मुख्य रूप से किस भारतीय राज्य से संबंधित है? → सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान भारत के किस राज्य में स्थित है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक और त्रिपाद सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'जी-फैक्टर (General Intelligence)' और 'एस-फैक्टर (Specific Intelligence)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैरिएटल इंटीग्रेशन थ्योरी (P-FIT - Frontoparietal Integration Theory)' के अंतर्गत 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'इन्फीरियर और सुपीरियर पैरिएटल लोब' (IPL/SPL), और 'िंग्युलेट कॉर्टेक्स' के बीच सूचना एकीकरण, अमूर्त तर्क और कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'फ्लूइड (Gf) और क्रिस्टलाइज्ड (Gc) इंटेलिजेंस' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विश्लेषणात्मक पूछताछ शिक्षाशास्त्र (Analytical Inquiry Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, तार्किक दक्षता व समग्र बौद्धिक प्रसंस्करण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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