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UPTET
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव भू-रासायनिक चक्रों' (Biogeochemical Cycles) में 'नाइट्रोजन चक्र' (Nitrogen Cycle) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वायुमंडलीय नाइट्रोजन को पौधों द्वारा सीधे उपयोग करने योग्य रूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को 'नाइट्रोजन स्थिरीकरण' (Nitrogen Fixation) कहा जाता है, जिसमें राइजोबियम (Rhizobium) जैसे जीवाणु महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- 2. मृदा में मौजूद अमोनिया को नाइट्रेट में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को 'अमोनीकरण' (Ammonification) कहा जाता है, जो नाइट्रोसोमोनास और नाइट्रोबैक्टर बैक्टीरिया द्वारा संपन्न होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: वायुमंडलीय नाइट्रोजन ($N_2$) को अमोनिया या नाइट्रेट जैसे उपयोगी यौगिकों में बदलने की प्रक्रिया को नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहते हैं, जिसमें लेग्यूमिनस पौधों की जड़ों में पाए जाने वाले राइजोबियम बैक्टीरिया सहायता करते हैं। कथन 2 असत्य है: मृदा में उपस्थित अमोनिया को सीधे नाइट्रेट में बदलने की इस विशिष्ट प्रक्रिया को 'नाइट्रीकरण' (Nitrification) कहा जाता है (जहाँ नाइट्रोसोमोनास अमोनिया को नाइट्राइट में और नाइट्रोबैक्टर नाइट्राइट को नाइट्रेट में बदलते हैं)। वहीं, 'अमोनीकरण' वह प्रक्रिया है जिसमें मृत पौधों और जंतुओं के नाइट्रोजनयुक्त कार्बनिक यौगिकों (जैसे प्रोटीन और यूरिया) का अपघटन होकर अमोनिया का निर्माण होता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) और रॉबर्ट वुडवर्थ (Robert Woodworth) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अंतर्गत 'पूर्व अधिगम और नवीन अधिगम के मध्य संज्ञानात्मक सामान्यीकरण' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच क्रॉस-डोमेन मैपिंग, न्यूरल सर्किट री-यूटिलाइजेशन और कार्यशील स्मृति की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जुड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित शिक्षाशास्त्र (Problem-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक कौशल, अमूर्त सिद्धांतों के अनुप्रयोग व सकारात्मक अधिगम स्थानांतरण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन, जलवायु और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को भारत के योजना आयोग द्वारा कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो राज्य की विभिन्न भौगोलिक और मिट्टी की विशेषताओं को दर्शाते हैं।
2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में सिंचित भूमि का प्रतिशत सबसे अधिक है और यहाँ नलकूप (Tube Wells) सिंचाई का प्रमुख साधन हैं, जबकि इस क्षेत्र में गन्ने का उत्पादन सबसे प्रमुख है।
3. राज्य के दक्षिणी पठारी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ और जल-धारण क्षमता वाली लाल मिट्टी के प्रकार हैं, जो विशेष रूप से चाय और रबर के बागानों के लिए उपयुक्त हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश में 'नरोरा परमाणु ऊर्जा केंद्र' निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित है?
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) और राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में प्रयुक्त 'समाजवादी' (Socialist) शब्द लोकतांत्रिक समाजवाद (Democratic Socialism) को दर्शाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य मिश्रित अर्थव्यवस्था के माध्यम से आय, अवसर और जीवन स्तर की असमानताओं को समाप्त करना है।
2. संविधान के भाग IV में निहित अनुच्छेद 39(b) और 39(c) के अंतर्गत भौतिक संसाधनों का स्वामित्व और नियंत्रण इस प्रकार वितरित होना चाहिए जिससे जनसाधारण के सामूहिक हित का सर्वोत्तम रूप से साधन हो, और यह निर्देशक तत्व मौलिक अधिकारों पर प्राथमिकता प्राप्त करते हैं जब इन्हें अनुच्छेद 39(b) या (c) को लागू करने के लिए अधिनियमित किया जाता है (संशोधन 42 के प्रावधान के तहत)।
3. वर्ष 1976 के 42वें संविधान संशोधन द्वारा प्रस्तावना में 'पंथनिरपेक्ष', 'समाजवादी' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे, जिसमें 'समाजवादी' शब्द का तात्पर्य उत्पादन और वितरण के सभी साधनों के राष्ट्रीयकरण से है, जिससे निजी संपत्ति का पूर्णतः उन्मूलन हो जाता है।
4. सर्वोच्च न्यायालय के 'केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973)' वाद में यह स्पष्ट किया गया था कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है और इसमें संसद द्वारा अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन किया जा सकता है, बशर्ते वह संविधान के 'मूल ढांचा' (Basic Structure) का उल्लंघन न करे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में वर्णित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और मनोवैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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