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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सी अवस्था 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की एक प्रमुख विशेषता नहीं है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' लगभग 7 से 11 वर्ष की आयु तक होती है। इस अवस्था में बच्चे संरक्षण, विकेंद्रीकरण, वर्गीकरण और क्रबद्धता जैसी मानसिक योग्यताओं को सीख जाते हैं, लेकिन 'निगमनात्मक चिंतन' (Deductive Reasoning) और पूरी तरह से अमूर्त या काल्पनिक तर्कों की क्षमता अगली अवस्था यानी 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) की विशेषता है। अतः विकल्प (b) सही उत्तर है क्योंकि यह मूर्त संक्रियात्मक अवस्था की विशेषता नहीं है।
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1. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने पर भी उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage, लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं के वर्गीकरण (Classification), उत्क्रमणीयता (Reversibility) और तार्किक रूप से सोचने की क्षमता प्राप्त कर लेता है, बशर्ते वे वस्तुएं उसकी प्रत्यक्ष दृष्टि या अनुभव (Concrete) के दायरे में हों।
3. औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage, 11 वर्ष से आगे) में किशोरों के भीतर अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-Deductive Reasoning) और वैज्ञानिक सोच की क्षमता का विकास होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन तथा उत्तर प्रदेश के इतिहास के संदर्भ में, वर्ष 1925 में हुए प्रसिद्ध 'काकोरी ट्रेन एक्शन' (Kakori Train Action) के क्रांतिकारियों का बचाव करने के लिए गठित मुख्य कानूनी सहायता समिति के अध्यक्ष निम्नलिखित में से कौन थे?
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बच्चों के भाषा विकास, विचार और सामाजिक-सांस्कृतिक अधिगम के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांतों के बीच के मौलिक अंतरों और समानताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का परिणाम है और बच्चों में 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है, जो बाद में सामाजिक वाक् में बदल जाता है। इसके विपरीत, लेव वाइगोत्स्की का मानना था कि भाषा शुरुआत से ही सामाजिक होती है और 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) बच्चों को अपने संज्ञानात्मक कार्यों और व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने में सहायता प्रदान करता है।
2. पियाजे के अनुसार 'विचार' (Thought) भाषा से पहले विकसित होते हैं और बच्चे अपने भौतिक पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण (Active Exploration) करके ज्ञान का निर्माण करते हैं, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार जीवन के शुरुआती वर्षों में अलग-अलग स्रोतों से उत्पन्न होते हैं और लगभग दो वर्ष की आयु के बाद आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं।
3. वाइगोत्स्की ने संज्ञानात्मक विकास में 'अधिक ज्ञानवान अन्य' (MKO) और 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (ZPD) की अवधारणा के माध्यम से संस्कृति और सामाजिक अंतःक्रिया को केंद्रीय स्थान दिया है, जबकि पियाजे ने बच्चों के विकास को सांस्कृतिक संदर्भों से पूरी तरह स्वतंत्र और सार्वभौमिक चरणों (Stages of Cognitive Development) में विभाजित माना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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