त्वरित लिंक्स
UPTET
17 views
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वायगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास उसके सामाजिक परिवेश, संस्कृति और भाषा के साथ अंतःक्रिया (Interaction) का परिणाम होता है, और अधिगम विकास से पहले होता है (अर्थात अधिगम विकास को गति प्रदान करता है)।
- 2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन और सहयोग से प्राप्त कर सकता है।
- 3. वायगोत्स्की द्वारा वर्णित 'निजी वाक्' (Private Speech) बालकों के संज्ञानात्मक विकास में एक बाधक कारक है, क्योंकि इसके माध्यम से बालक केवल अपनी भावनाओं को दूसरों पर थोपने का प्रयास करते हैं और इससे उनके विचारों का नियमन बाधित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि लेव वायगोत्स्की के अनुसार संज्ञानात्मक विकास सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ में होता है और अधिगम (Learning) विकास (Development) का मार्ग प्रशस्त करता है (अधिगम विकास से आगे चलता है)। कथन 2 सही है क्योंकि ZPD वास्तविक विकास स्तर (स्वयं अकेले कार्य करने की क्षमता) और संभावित विकास स्तर (मार्गदर्शन में कार्य करने की क्षमता) के बीच का अंतर है, जहाँ MKO सहायता करता है जिसे 'मचान' या 'स्काफोल्डिंग' (Scaffolding) कहा जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि वायगोत्स्की के अनुसार 'निजी वाक्' (Private Speech) बालकों के संज्ञानात्मक विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण और सहायक उपकरण है, जिसके माध्यम से बच्चे अपने स्वयं के व्यवहार और विचारों को नियंत्रित (Self-Regulation) करते हैं, यह कोई बाधक कारक नहीं है।
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE-2009) के प्रावधानों के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त और सही है?
→
उत्तर प्रदेश में 'नरोरा परमाणु ऊर्जा केंद्र' किस जनपद में अवस्थित है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'अमिगडाला' (Amygdala) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच सिनैप्टिक समेकन (Synaptic Consolidation), ट्रेस्ड डीके (Trace Decay) और भावनात्मक टैगिंग की सक्रियण गतिकी, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'मल्टी-स्टोर मेमोरी मॉडल' (Sensory, Short-Term, and Long-Term Memory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्पेaced पुनरावृत्ति शिक्षाशास्त्र (Spaced Repetition Pedagogy) और विद्यार्थियों में सूचना प्रतिधारण, दीर्घकालिक स्मरण व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक और त्रिआयामी सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'सामान्य (g) और विशिष्ट (s) कारक सिद्धांत' तथा जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SI Model: विषय-वस्तु, संक्रियाएं और उत्पाद) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'इंटीरियर पारेटल कॉर्टेक्स' (IPC), और 'टेम्पोरल एसोसिएशन कॉर्टेक्स' के बीच मानसिक संचालन क्षमता (Mental Operation Efficiency), अभिसारी-अपसारी चिंतन (Convergent-Divergent Thinking), और सूचना प्रसंस्करण एकीकरण (Information Processing Integration) की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, न्यूरो-कोग्निटिव डिफरेंशिएटेड पेडागोजी (Neuro-Cognitive Differentiated Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी संज्ञानात्मक कौशल, समस्या-समाधान व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों और तापीय विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन' (Singrauli Super Thermal Power Station) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के शक्तिनगर में स्थित है, जो एनटीपीसी (NTPC) की पहली कोयला आधारित विद्युत परियोजना है और इसे स्थानीय रिहंद बांध से जल आपूर्ति प्राप्त होती है।
2. 'हरदुवागंज ताप विद्युत गृह' उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित राज्य का एक प्रमुख और सबसे पुराना तापीय विद्युत केंद्र है, जिसे आधुनिकारित करके इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई है।
3. 'रोजा थर्मल पावर प्लांट' उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्थित एक निजी क्षेत्र (Private Sector) की कोयला आधारित विद्युत परियोजना है, जिसका संचालन रिलायंस पावर (ADAG) द्वारा किया जाता है।
4. उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 'ओबरा तापीय विद्युत केंद्र' के परिसर में ही राज्य का सबसे बड़ा तैरता हुआ (Floating) सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.