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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम के अंतर्गत 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) और 'पारिस्थितिक अनुक्रमण' (Ecological Succession) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'नाइट्रोजन चक्र' के दौरान वायुमंडल की स्वतंत्र नाइट्रोजन को पौधों द्वारा सीधे उपयोग में नहीं लाया जा सकता, इसलिए 'राइजोबियम' जैसे सहजीवी जीवाणु और 'एजोटोबैक्टर' इसे नाइट्रेट्स में बदलकर मिट्टी में संचित करते हैं, जिसे अमोनियाकरण (Ammonification) कहा जाता है।
- 2. 'हाइड्रोसेरे' (Hydrosere) एक ऐसा जल-आरंभी पारिस्थितिक अनुक्रमण है जो जलीय वातावरण (जैसे तालाब या झील) से शुरू होकर धीरे-धीरे शुष्क या मरुस्थलीय अवस्था की ओर अग्रसर होता है।
- 3. किसी पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह चक्रीय (Cyclic) होता है, जबकि पोषक तत्वों (जैसे कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस) का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि राइजोबियम और एजोटोबैक्टर द्वारा वायुमंडलीय नाइट्रोजन को नाइट्रेट्स या अमोनिया में बदलने की प्रक्रिया को 'नाइट्रोजन स्थिरीकरण' (Nitrogen Fixation) कहा जाता है, जबकि मृत कार्बनिक पदार्थों का अमोनिया में बदलना 'अमोनियाकरण' कहलाता है। कथन 2 सत्य है क्योंकि 'हाइड्रोसेरे' (Hydrosere) जल-आरंभी अनुक्रमण (Hydrarch succession) का उदाहरण है जो जलीय तंत्र से प्रारंभ होकर क्रमिक रूप से स्थलीय वनस्पति की ओर बढ़ता है। कथन 3 पूरी तरह गलत है क्योंकि पारिस्थितिकी तंत्र में 'ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional)' होता है (ऊष्मागतिकी के नियमों के अनुसार) और 'पोषक तत्वों का प्रवाह चक्रीय (Cyclic)' होता है। अतः केवल कथन 2 सही है।
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