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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास की प्रक्रिया आयु के साथ क्रमिक रूप से तीन मुख्य स्तरों (Levels) और प्रत्येक स्तर में दो अवस्थाओं (Stages) यानी कुल छह चरणों में विभाजित है, और यह विकास सार्वभौमिक होता है।
- 2. 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति कानून को एक कठोर और अपरिवर्तनीय नियम के रूप में देखता है, जहाँ कानून का पालन करना ही एकमात्र परम नैतिकता है, भले ही वह सामाजिक कल्याण के विरुद्ध हो।
- 3. कोहलबर्ग ने अपने सिद्धांत के प्रतिपादन के लिए 'हाइन्ज़ दुविधा' (Heinz Dilemma) का उपयोग किया था, जिसके माध्यम से उन्होंने बालकों और वयस्कों के तार्किकीकरण (Reasoning) का अध्ययन किया कि वे नैतिक दुविधा की स्थिति में किस प्रकार निर्णय लेते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि लॉरेंस कोहलबर्ग ने नैतिक विकास के तीन मुख्य स्तर (पूर्व-रूढ़िगत, रूढ़िगत और उत्तर-रूढ़िगत) और प्रत्येक में दो अवस्थाएँ यानी कुल छह चरण बताए हैं, जो सार्वभौमिक माने जाते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि कठोर नियमों और कानून के प्रति पूर्ण समर्पण की भावना 'रूढ़िगत नैतिकता' (Conventional Morality) के 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) चरण की विशेषता है, जबकि 'सामाजिक अनुबंध' चरण में व्यक्ति मानता है कि नियम सामाजिक भलाई के लिए हैं और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के कल्याण के खिलाफ हो, तो उसमें सुधार किया जा सकता है। कथन 3 सही है क्योंकि कोहलबर्ग ने अपने अध्ययन के लिए 'हाइन्ज़ की दुविधा' (Heinz Dilemma) नामक नैतिक कहानियों का प्रयोग किया था ताकि यह समझा जा सके कि व्यक्ति नैतिक निर्णय लेते समय किस प्रकार का तर्क देता है। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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1. बुंदेलखंड का पठारी क्षेत्र उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में यमुना नदी के दक्षिण में स्थित है, जिसके अंतर्गत झाँसी, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, बांदा और चित्रकूट के कुछ भाग आते हैं, और यह प्राचीन प्री-कैंब्रियन काल की गनीस (Gneiss) और ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार — चंदौली (स्थापना वर्ष: 1957)
2. हस्तिनापुर वन्यजीव विहार — मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर (स्थापना वर्ष: 1986)
3. रानीपुर वन्यजीव विहार — बांदा और चित्रकूट (स्थापना वर्ष: 1977)
4. किशनपुर वन्यजीव विहार — लखीमपुर खीरी (स्थापना वर्ष: 1972)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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