त्वरित लिंक्स
UPTET
16 views
हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'कारक' (Case) और उसके विभक्ति चिह्नों के प्रयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'अपादान कारक' का विभक्ति चिह्न 'से' अलगाव, डर, तुलना, दूरी या सीखने के भाव को प्रकट करता है, जैसे 'पेड़ से पत्ता गिरा' में अलगाव का बोध होता है।
- 2. 'करण कारक' और 'अपादान कारक' दोनों का विभक्ति चिह्न 'से' होता है, लेकिन करण कारक में 'से' साधन या माध्यम का बोध कराता है (जैसे 'वह कलम से लिखता है'), जबकि अपादान कारक में 'से' पृथक्करण (अलगाव) को दर्शाता है।
- 3. 'संबोधन कारक' का कोई अलग विभक्ति चिह्न नहीं होता है, और वाक्य में इसका प्रयोग हमेशा कर्म कारक के रूप में ही किया जाता है, जिसके लिए 'को' चिह्न का प्रयोग अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि अपादान कारक का विभक्ति चिह्न 'से' पृथक्करण, डर, लज्जा, तुलना और सीखने के अर्थ में प्रयोग किया जाता है। कथन 2 भी सही है क्योंकि 'से' चिह्न करण कारक में साधन (Instrument) का कार्य करता है जबकि अपादान में अलग होने का भाव प्रकट करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'संबोधन कारक' के अपने विशिष्ट चिह्न (हे, अरे, ओ आदि) होते हैं और इसका प्रयोग किसी को पुकारने या संबोधित करने के लिए किया जाता है, न कि कर्म कारक के रूप में।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धिमत्ता के बहुआयामी सिद्धांतों (Multidimensional Theories of Intelligence)' के संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत 'संगीतकीय बुद्धिमत्ता' (Musical Intelligence) और 'शारीरिक-संवेदी बुद्धिमत्ता' (Bodily-Kinesthetic Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus - STG), 'सेरिबेलम' (Cerebellum) और 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) के बीच श्रवण प्रसंस्करण, लेयबद्ध एकीकरण और सूक्ष्म-पेशीय समन्वय (Fine-motor coordination) की सक्रियण गतिकी, तथा डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) द्वारा प्रतिपादित 'संवेगात्मक बुद्धि सिद्धांत' (Emotional Intelligence Theory: आत्म-जागरूकता, स्व-प्रबंधन, सामाजिक जागरूकता और संबंध प्रबंधन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुसंवेदी कला-एकीकृत शिक्षाशास्त्र (Arts-integrated Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, अंतर-वैयक्तिक समन्वय व समग्र कौशल विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
कोह्लबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषताएँ सही हैं?
1. 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले समझौते हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या व्यक्तिगत स्वतंत्रता के विरुद्ध हो, तो उसमें सुधार किया जाना चाहिए।
2. 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles) चरण में व्यक्ति किसी बाहरी अधिकार या सामाजिक दबाव के बिना अपने अंतःकरण (Conscience) के आंतरिक नैतिक सिद्धांतों और न्याय, मानवाधिकारों एवं समानता के सार्वभौमिक मूल्यों के आधार पर सही या गलत का निर्णय लेता है।
3. इस स्तर पर बच्चों की नैतिकता पूरी तरह से बाहरी दंड (Punishment) और पुरस्कार (Reward) की संभावनाओं या सामाजिक स्वीकृति प्राप्त करने की इच्छा द्वारा निर्देशित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
समावेशी कक्षा कक्ष (Inclusive Classroom) में अधिगम अक्षमता (Learning Disability) से ग्रसित विद्यार्थियों की पहचान और उनके सफल समावेशन हेतु निम्नलिखित में से कौन-सी रणनीतियाँ सबसे अधिक प्रभावी मानी जाती हैं?
1. शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में बहुसंवेदी उपागम (Multi-sensory Approach) का प्रयोग करना, जिसमें दृश्य, श्रव्य और स्पर्शनीय सामग्रियों का एक साथ समावेश हो।
2. विद्यार्थियों के लिए मानकीकृत पाठ्यक्रम और एक ही प्रकार की कठोर मूल्यांकन विधियों को अनिवार्य रूप से लागू करना ताकि सभी का निष्पक्ष आकलन हो सके।
3. कक्षा में सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और पीयर ट्यूटरिंग (Peer Tutoring) को बढ़ावा देना, जिससे सामाजिक अन्तःक्रिया और आपसी सहयोग मजबूत हो।
4. अधिगम कार्यों को छोटे-छोटे और प्रबंधनीय चरणों (Scaffolding) में विभाजित करना तथा विद्यार्थियों को उनकी गति के अनुसार कार्य करने की स्वतंत्रता देना।
उपर्युक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोसफ गिल्फोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन (Divergent Thinking)' के घटकों — प्रवाहशीलता (Fluency), लचीलापन (Flexibility), मौलिकता (Originality), और विस्तारण (Elaboration) — के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), और 'सेरिएटर सैलियंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच वैचारिक लचीलेपन (Ideational Flexibility), डिफ़ॉल्ट और कार्यकारी प्रणालियों के बीच गतिशील युग्मन (Dynamic Coupling), और नवीनता उत्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा एलिस पॉल टॉरेन्स (E. Paul Torrance) के 'टॉरेन्स टेस्ट्स ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, क्रिएटिविटी-ड्रिवेन कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Creativity-Driven Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में अपरंपरागत समस्या-समाधान, अभिनव विचार निर्माण व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भीय संरचना और खनिज संपदा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्र वास्तव में प्राचीन प्रायद्वीपीय भारत के 'गोंडवाना लैंड' का ही उत्तरी विस्तार है, जिसके अंतर्गत झाँसी, महोबा, ललितपुर, बाँदा और सोनभद्र के कुछ हिस्से आते हैं, और यहाँ मुख्य रूप से आर्कियन क्रम की नीस, ग्रेनाइट तथा विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थर (Sandstone) चट्टानें पाई जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में देश का एकमात्र सबसे बड़ा 'यूरेनियम' (Uranium) का भंडार खोजा गया है, और इसके साथ ही यह जिला 'डाइस्पोर', 'प्लेटिनम' और 'रॉक फॉस्फेट' के उत्पादन में भी राज्य में एकाधिकार या प्रमुख स्थान रखता है।
3. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में पाए जाने वाले 'कोयला' (Coal) के भंडार मुख्य रूप से ऊपरी कार्बोनिफेरस और टर्शरी युग की चट्टानों से संबंधित हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से ओबरा और अनपरा ताप विद्युत गृहों में ईंधन के रूप में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.