त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक तंत्र की कार्यप्रणाली' (Ecosystem Dynamics) और 'ऊर्जा प्रवाह' (Energy Flow) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, और ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम (Law of Conservation of Energy) के अनुसार जब ऊर्जा एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो कुल ऊर्जा का लगभग 90% भाग श्वसन, ऊष्मा और उपापचय क्रियाओं में क्षय हो जाता है, तथा केवल 10% ऊर्जा ही अगले स्तर तक पहुँच पाती है, जिसे लिंडेमैन का 'दस प्रतिशत का नियम' (10% Law) कहा जाता है। 2. पारिस्थितिक तंत्र में विभिन्न जीवों के बीच खाद्य ऊर्जा के स्थानांतरण के मार्ग को 'खाद्य जाल' (Food Web) कहा जाता है, जो एक सीधी रेखा में चलता है और इसमें ऊर्जा का कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होता है, जबकि 'खाद्य श्रृंखला' (Food Chain) अनेक जटिल और परस्पर जुड़ी हुई श्रृंखलाओं का समूह होती है। 3. किसी भी पारिस्थितिक तंत्र का 'ऊर्जा का पिरामिड' (Pyramid of Energy) सदैव सीधा (Upright) बनता है, क्योंकि उत्पादकों से लेकर शीर्ष उपभोक्ताओं तक प्रत्येक क्रमिक पोषण स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा की मात्रा घटती जाती है, और इसे किसी भी परिस्थिति में उल्टा नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव एकदिशीय होता है। हालाँकि, यहाँ एक सूक्ष्म तथ्यात्मक त्रुटि को समझें: 90% ऊर्जा का क्षय होता है और केवल 10% ऊर्जा ही अगले पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, जिसे लिंडेमैन का 10% नियम कहा जाता है (हालाँकि ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण से संबंधित है, जबकि ऊर्जा का ह्रास ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम पर आधारित होता है, लेकिन 10% नियम का तथ्य सही है)। कथन 2 गलत है क्योंकि 'खाद्य श्रृंखला' (Food Chain) एक सीधी रेखा में चलती है, जबकि 'खाद्य जाल' (Food Web) अनेक जटिल और परस्पर जुड़ी हुई श्रृंखलाओं का जाल होता है (कथन में दोनों की परिभाषाओं को आपस में उलट दिया गया है)। कथन 3 सही है क्योंकि ऊर्जा का पिरामिड किसी भी पारिस्थितिक तंत्र में सदैव सीधा (Upright) ही बनता है, क्योंकि प्रत्येक उच्च पोषण स्तर पर कुल उपलब्ध ऊर्जा कम होती जाती है। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के समकालीन और बहुआयामी सिद्धांतों' के संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences)—जिसके अंतर्गत नौ प्रकार की स्वतंत्र बुद्धियों जैसे कि भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिकी, अंतर्व्यक्तिगत, अंतravyaktigat (Intrapersonal), प्रकृतिवादी, और अस्तित्ववादी बुद्धि को शामिल किया गया है—के न्यूरोलॉजिकल आधार (जैसे मस्तिष्क के विभिन्न गोलार्द्धों और क्षेत्रों की क्षति से विशिष्ट क्षमताओं का ह्रास), तथा डेनियल गोलमैन (Daniel Goleman) द्वारा प्रतिपादित 'संवेगनात्मक बुद्धि' (Emotional Intelligence - EQ) के पाँच प्रमुख घटकों—'आत्म-जागरूकता' (Self-awareness), 'आत्म-विनियमन' (Self-regulation), 'प्रेरणा' (Motivation), 'सहानुभूति' (Empathy), और 'सामाजिक कौशल' (Social skills)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों और उनके शैक्षिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत परियोजनाओं और ग्रामीण विद्युतीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य में स्थापित होने वाली पहली तापीय विद्युत परियोजना (Thermal Power Plant) 'हरदुअगंज तापीय विद्युत गृह' है, जो अलीगढ़ जिले में स्थित है।
2. 'सोनभद्र' जिले को उत्तर प्रदेश की 'ऊर्जा राजधानी' (Energy Capital) कहा जाता है क्योंकि यहाँ रिहंद बाँध परियोजना, ओबरा तापीय परियोजना और अनपरा तापीय परियोजना जैसे विशाल ऊर्जा केंद्र स्थित हैं।
3. राज्य में ग्रामीण विद्युतीकरण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिए 'उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी' (UPNEDA) की स्थापना वर्ष 1983 में की गई थी, जो सौर ऊर्जा और बायोगैस संयंत्रों को बढ़ावा देती है।
4. उत्तर प्रदेश में परमाणु ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए एकमात्र परमाणु संयंत्र 'रोवरा परमाणु विद्युत गृह' है, जो ललितपुर जिले में स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के संदर्भ में, जर्मन मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अनुसार, सीखने की प्रक्रिया तुरंत समाप्त होने के ठीक बाद के शुरुआती समय में (विशेषकर पहले 20 से 60 मिनट के भीतर) सीखी गई विषय-वस्तु का सबसे तीव्र गति से क्षय या ह्रास क्यों होता है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है, जिससे वे यह समझ पाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप बदलने पर उसकी मात्रा या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।
2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने की क्षमता यानी 'क्रमबद्धता' (Seriation) और 'वर्गीकरण' (Classification) सीख जाता है।
3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) की एक प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-deductive Reasoning) का विकास है, जिसमें किशोर अमूर्त विचारों और वैज्ञानिक रूप से समस्याओं के समाधान की कल्पना करने में सक्षम हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Theories of Learning) के संदर्भ में, गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिक कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) में प्रयुक्त शब्दावली 'जीवन-अवकाश' (Life Space - $LSp$) के अंतर्गत निम्नलिखित में से किन दो प्रमुख घटकों या कारकों का समावेश होता है, जो किसी व्यक्ति के विशिष्ट समय में उसके मनोवैज्ञानिक वातावरण को निर्धारित करते हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.