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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु क्षेत्रों तथा प्रमुख फसलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएं चिकनी और अत्यधिक उपजाऊ होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की विशेष क्षमता होती है, जो चना और मटर जैसी रबी फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती हैं। 2. उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा राज्य को कुल 20 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की वर्षा, तापमान और मिट्टी की विविधता को स्पष्ट करते हैं। 3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मिट्टी मुख्य रूप से उपजाऊ कछारी और नम प्रकार की होती है, जहाँ धान और गन्ने की बंपर पैदावार होती है, लेकिन यह क्षेत्र बाजरे की खेती के लिए राज्य में सबसे प्रसिद्ध माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (चिकनी काली मिट्टी) और 'काबर' (हल्के भूरे रंग की चिकनी मिट्टी) मृदाओं में नमी धारण करने की असाधारण क्षमता होती है, जो चना, मटर और गेहूं जैसी फसलों के लिए बेहद उपयुक्त होती है।
कथन 2 गलत है: उत्तर प्रदेश को योजना आयोग (या कृषि विभाग) द्वारा कुल 9 (नौ) कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, न कि 20 में।
कथन 3 गलत है: तराई क्षेत्र अपनी उच्च नमी, उपजाऊ मिट्टी और भारी वर्षा के कारण धान और गन्ने की खेती के लिए प्रसिद्ध है; जबकि 'बाजरे' की खेती के लिए उत्तर प्रदेश का शुष्क और अर्ध-शुष्क 'बुंदेलखंड तथा पश्चिमी मैदानी क्षेत्र' प्रसिद्ध है, न कि तराई क्षेत्र।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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