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Indian Polity
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प्रथम लोकसभा चुनाव कब हुए थे?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रथम आम चुनाव 1951-52 में हुए।
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भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत 'राज्य में राष्ट्रपति शासन' (President's Rule) की उद्घोषणा और उसके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर साधारण बहुमत (Simple Majority) द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है।
2. राष्ट्रपति शासन लागू होने पर राष्ट्रपति राज्य सरकार की सभी या कोई भी कृत्य और राज्यपाल या राज्य के किसी निकाय या प्राधिकरण में निहित शक्तियों को अपने हाथ में ले सकता है।
3. 'एस.आर. बोम्मई मामला (1994)' में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से पूरी तरह बाहर है और अदालतें राष्ट्रपति के इस subjective satisfaction की जाँच नहीं कर सकतीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत भाग IV-A में वर्णित 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee) की संस्तुति पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, और मूलतः संविधान में 10 मूल कर्तव्य शामिल किए गए थे, जबकि 11वाँ मूल कर्तव्य 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा जोड़ा गया, जो छह से चौदह वर्ष की आयु के बच्चों के माता-पिता या संरक्षण को शिक्षा के अवसर प्रदान करने से संबंधित है।
2. ये सभी मूल कर्तव्य केवल भारत के नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं, तथा प्रकृति से ये न्यायोचित (Justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि यदि कोई नागरिक अपने किसी मूल कर्तव्य का पालन नहीं करता है, तो संसद विधि द्वारा उसके उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए कानून बना सकती है।
3. सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के अनुसार, यद्यपि मूल कर्तव्यों को मूल अधिकारों की तरह न्यायालय द्वारा सीधे प्रवर्तित नहीं कराया जा सकता है, किंतु संवैधानिक वैधता या कानूनों की व्याख्या के समय न्यायालय इन कर्तव्यों का उपयोग यह परीक्षण करने के लिए कर सकता है कि कोई कानून जनहित में है या नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के अंतर्गत 'चार्टर अधिनियम, 1793' (Charter Act of 1793) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक एकाधिकार को भारत में अगले बीस वर्षों के लिए पुनः बढ़ा दिया गया था, साथ ही कंपनी को यह अनुमति दी गई कि वह ब्रिटिश व्यापारियों और निर्माताओं को भारत में व्यापार करने के लिए लाइसेंस (लहसेंस प्रणाली) प्रदान कर सके।
2. इस अधिनियम के प्रावधान के अनुसार गवर्नर-जनरल को अपनी परिषद के अधिकांश सदस्यों के निर्णयों और मतों को अस्वीकार करने तथा किसी भी विशेष परिस्थिति में परिषद के निर्णय को पलटने की व्यापक शक्ति प्रदान की गई, तथा इस शक्ति का विस्तार भविष्य के सभी गवर्नर-जनरलों और गवर्नरों के लिए भी कर दिया गया।
3. इस अधिनियम के तहत यह व्यवस्था की गई कि बोर्ड ऑफ कंट्रोल (Board of Control) के सदस्यों और उनके कर्मचारियों का वेतन एवं भत्तों का भुगतान ब्रिटिश राजकोष (British Exchequer) से किया जाएगा, न कि भारतीय राजस्व से, ताकि ब्रिटिश सरकार पर वित्तीय बोझ न पड़े।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान में आपातकालीन उपबंधों (Emergency Provisions) और उनसे संबंधित संवैधानिक संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 38वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1975 द्वारा यह प्रावधान किया गया था कि राष्ट्रपति द्वारा आपातकाल की उद्घोषणा को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है, लेकिन इस प्रावधान को बाद में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।
2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के माध्यम से यह व्यवस्था की गई थी कि राष्ट्रीय आपातकाल संपूर्ण देश में या देश के किसी विशिष्ट हिस्से में एक साथ लागू किया जा सकता है।
3. राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह मूल अधिकारों का स्वतः निलंबन केवल 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर की गई आपातकाल की उद्घोषणा पर ही लागू होता है, 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर नहीं, और यह महत्वपूर्ण प्रावधान मूल संविधान में ही विद्यमान था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts) और अधीनस्थ न्यायालयों की शक्तियों, क्षेत्राधिकारों एवं संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए तथा किसी अन्य प्रयोजन के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, निषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और इस अनुच्छेद के अंतर्गत उच्च न्यायालय का रिट क्षेत्राधिकार (Writ Jurisdiction) उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट क्षेत्राधिकार की तुलना में अधिक विस्तृत है क्योंकि यह न केवल मूल अधिकारों बल्कि 'अन्य प्रयोजनों' (कानूनी अधिकारों) के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात की जाती है, किंतु न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों (जिला न्यायाधीशों से भिन्न) की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श करके नियमों के तहत की जाती है।
3. संविधान के अनुच्छेद 235 के तहत अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण, जिसमें जिला न्यायालयों के नीचे के न्यायालयों के अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रमोशन और उन्हें छुट्टी देने का अधिकार शामिल है, पूरी तरह से संबंधित राज्य के राज्यपाल के प्रशासनिक क्षेत्राधिकार के अंतर्गत निहित होता है, और इसमें उच्च न्यायालय की कोई भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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