त्वरित लिंक्स
UPTET
17 views
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
- 1. इस अवस्था में बालकों में 'जीववाद' (Animism) की प्रवृत्ति पाई जाती है, जिसके तहत वे निर्जीव वस्तुओं (जैसे खिलौने, गुड़िया या बादल) को भी सजीव मानकर उनमें मानवीय भावनाएं और चेतना होने की कल्पना करते हैं।
- 2. बालक 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) से ग्रसित होता है, जिसका अर्थ है कि वह केवल अपने दृष्टिकोण से ही दुनिया को देखता है और यह मान कर चलता है कि दूसरे लोग भी ठीक वैसे ही सोचते और महसूस करते हैं जैसा वह स्वयं करता है।
- 3. इस चरण के दौरान बालकों में 'पलटावी गुण' या उत्क्रमणीयता (Reversibility) की पूर्ण क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वे आसानी से यह समझ लेते हैं कि यदि पानी को बर्फ में बदला जा सकता है, तो बर्फ को पुनः पानी में भी परिवर्तित किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) लगभग 2 से 7 वर्ष तक की आयु होती है। इस अवस्था की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
1. जीववाद (Animism): इस उम्र के बच्चे निर्जीव वस्तुओं को भी सजीव मानते हैं (जैसे यह सोचना कि गुड़िया को भी भूख लगती है)। कथन 1 बिल्कुल सही है।
2. अहमकेंद्रिता (Egocentrism): बच्चा यह समझ पाने में असमर्थ होता है कि दूसरे व्यक्ति का दृष्टिकोण उससे अलग हो सकता है। वह संसार को केवल अपने दृष्टिकोण से देखता है। कथन 2 भी सही है।
3. उत्क्रमणीयता का अभाव (Lack of Reversibility): पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था के बालकों में 'पलटावी गुण' (Reversibility) यानी मानसिक रूप से किसी प्रक्रिया को उल्टा चलाने की क्षमता का अभाव होता है। वे यह नहीं समझ पाते कि यदि 2 + 3 = 5 होता है, तो 5 - 3 = 2 भी होगा। अतः कथन 3 गलत है क्योंकि उत्क्रमणीयता का गुण इस अवस्था में नहीं, बल्कि इसके बाद की 'मूर्त्त संक्रियात्मक अवस्था' (7 से 11 वर्ष) में विकसित होता है।
इसलिए, केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और विशिष्ट बालकों के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकी मॉडल' (Ecological Model) या 'प्रोजेक्ट रीच आउट' (Project Re-Ed) की मूल अवधारणा के अनुसार, गंभीर रूप से भावनात्मक और व्यवहारिक रूप से विचलित (Emotionally and Behaviorally Disturbed) बालकों के पुनर्वास के लिए निम्नलिखित में से किस मुख्य दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण को सबसे अधिक प्रभावी माना गया है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु क्षेत्रों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की मृदा, तापमान और वर्षा की भिन्नता पर आधारित हैं।
2. उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ग्रीष्मकाल में बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा और हमीरपुर जिलों में दर्ज किया जाता है, जिसका मुख्य कारण कर्क रेखा का राज्य के अत्यधिक निकट होना है।
3. राज्य में 'उष्णकटिबंधीय मानसूनी' प्रकार की जलवायु पाई जाती है, जिसमें बंगाल की खाड़ी की मानसून शाखा से सर्वाधिक वर्षा होती है।
4. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में पूर्वी भाग की तुलना में वार्षिक वर्षा की मात्रा अधिक होती है क्योंकि पश्चिमी जिले हिमालय के अधिक समीप स्थित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक, प्रशासनिक एवं आर्थिक परिदृश्य के संदर्भ में, राज्य में 'विशेष आर्थिक क्षेत्र' (SEZ) की नीति के अंतर्गत कौन सा जिला 'इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर' और सॉफ्टवेयर पार्क के रूप में प्रमुख रूप से विकसित किया गया है, जहाँ 'टोटलॉजिस्टिक' और आईटी हब की स्थापना की गई है?
→
बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रमुख लोकनृत्य 'आल्हा' मूल रूप से किससे संबंधित है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजनों, खनिज संपदा और उद्योग-धंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पाई जाने वाली 'कोयला' की प्राप्ति मुख्य रूप से विंध्यन क्रम की चट्टानों से होती है, जिनका उपयोग सिंगरौली और ओबरा तापीय विद्युत गृहों में विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में देश के प्रमुख यूरेनियम (Uranium) भंडारों के साथ-साथ तांबा, डायस्पोर और रॉक फॉस्फेट जैसे खनिज भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।
3. कांच बालू (Silica Sand) के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का देश में प्रमुख स्थान है, और इसके सबसे बड़े भंडार शंकरगढ़ (प्रयागराज) तथा चित्रकूट और बांदा जिलों में पाए जाते हैं, जो कांच उद्योग को कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.