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उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों और उनकी प्राप्ति वाले प्रमुख जनपदों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. चूना पत्थर (Limestone) - मिर्जापुर (कजराहट क्षेत्र) और सोनभद्र (गुरमा क्षेत्र)
- 2. कोयला (Coal) - सोनभद्र (सिंगरौली क्षेत्र)
- 3. नॉन-प्लास्टिक फायरक्ले (Fireclay) - बांदा और ललितपुर
- 4.
ग्लास सैंड / शीशा बालू (Glass Sand) - इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) के शंकरगढ़ क्षेत्र और चित्रकूट उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों के संदर्भ में दिए गए सभी युग्म सही सुमेलित हैं। 1. चूना पत्थर मिर्जापुर के कजराहट और सोनभद्र के गुरमा क्षेत्रों में बहुतायत में पाया जाता है जो सीमेंट उद्योग का मुख्य आधार है। 2. राज्य में कोयले के एकमात्र भंडार सोनभद्र जिले के 'सिंगरौली कोयला क्षेत्र' में पाए जाते हैं। 3. नॉन-प्लास्टिक फायरक्ले बांदा, ललितपुर और मिर्जापुर जिलों में मिलता है। 4. ग्लास सैंड (शीशा बालू) के लिए प्रयागराज का शंकरगढ़ क्षेत्र और चित्रकूट जिला अत्यंत प्रसिद्ध है, जिसका उपयोग कांच उद्योग में किया जाता है। अतः सभी चारों युग्म सही हैं।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु प्रदेशों और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो राज्य की भिन्न-भिन्न मृदा, तापमान और वर्षा की मात्रा के आधार पर निर्धारित किए गए हैं।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र में मुख्य रूप से लाल और बँदुआ (या परुवा) मृदा पाई जाती है, जो कम उपजाऊ होती है और इसमें सिंचाई के कृत्रिम साधनों की अधिक आवश्यकता होती है।
3. राज्य में 'तराई क्षेत्र' की मृदा अत्यधिक उपजाऊ और महीन कणों वाली होती है, जो मुख्य रूप से धान और गन्ने की बंपर पैदावार के लिए अनुकूल मानी जाती है, जबकि यहाँ की मिट्टी में नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता तथा पोटाश की कमी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ में 'बुंदेलखंड पठार' की विशेषताओं और वहाँ की प्रमुख नदियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुंदेलखंड का पठारी क्षेत्र प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है, जो उत्तर में यमुना नदी, दक्षिण में विंध्य श्रेणी, पश्चिम में बेतवा नदी और पूर्व में केन नदी से घिरा हुआ है।
2. इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ जैसे चंबल, बेतवा, केन और टोंस नदियाँ उत्तर की ओर बहते हुए यमुना या गंगा में मिलती हैं, और ग्रीष्मकाल में इनमें जल की भारी कमी हो जाती है क्योंकि ये मौसमी (Non-perennial) नदियाँ हैं।
3. बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख मिट्टियों में 'मार', 'भाबर', 'रड़ुआ' और 'पैंडुआ' शामिल हैं, जो कृषि की दृष्टि से अत्यधिक उपजाऊ होती हैं और यहाँ बिना किसी सिंचाई के धान की सघन खेती की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रमुख खनिज संसाधनों और उनकी उत्खनन पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्रों (विशेषकर मिर्जापुर, सोनभद्र और ललितपुर) में खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, और राज्य में खनिज नीति की घोषणा पहली बार वर्ष 1998 में की गई थी।
2. सोनभद्र जिले के कजराहट और गुरमा क्षेत्रों में देश के उच्च कोटि के 'चूना पत्थर' (Limestone) के विशाल भंडार पाए जाते हैं, जिसका उपयोग मुख्य रूप से सीमेंट उद्योग में किया जाता है।
3. ललितपुर जिला उत्तर प्रदेश में यूरेनियम, रॉक फॉस्फेट, तांबा और डायमंड (हीरा) के महत्वपूर्ण भंडारों के लिए जाना जाता है, जिसमें 'सोनरई' क्षेत्र तांबे के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
4. उत्तर प्रदेश में 'कोयला' का एकमात्र प्रमुख उत्पादक क्षेत्र सोनभद्र जिले की 'सिंगरौली कोयला घाटी' है, जहाँ गोंडवाना क्रम की चट्टानों से कोयला निकाला जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश की लोक कला, संस्कृति, मेलों और उत्सवों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्रों में प्रसिद्ध 'ढमढिया' और 'सोनझरी' नृत्य मुख्य रूप से कर्मा और जनजातीय उत्सवों के दौरान मयूर पंख के साथ किए जाते हैं, जो राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति के प्रतीक हैं।
2. प्रसिद्ध 'बटेश्वर मेला' आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर आयोजित किया जाने वाला एक प्रसिद्ध ऊँट और पशु मेला है, जो मुख्य रूप से भदौरिया राजपूतों और स्थानीय संस्कृति से जुड़ा हुआ है।
3. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में आल्हा गायन के माध्यम से आल्हा और ऊदल की वीरता का बखान किया जाता है, जिसे वर्षा ऋतु के दौरान विशेष रूप से गाया जाता है।
4. प्रसिद्ध 'शकुंभरी देवी मेला' सहारनपुर जिले में आयोजित किया जाता है, जो शक्तिपीठों में से एक है और यहाँ प्रतिवर्ष शाकुंभरी देवी के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय इतिहास के संदर्भ में, राज्य के प्राचीनतम 'बुंदेलखंडी नीस' (Bundelkhand Gneiss) चट्टानें मुख्य रूप से किस भू-आकृतिक क्षेत्र के अंतर्गत पाई जाती हैं और उनकी मुख्य विशेषता क्या है?
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