त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विकास की प्रक्रिया निरंतरता के सिद्धांत (Principle of Continuity) के अनुसार गर्भधारण से लेकर मृत्युपर्यंत तक बिना रुके क्रमिक रूप से चलती रहती है, यद्यपि विकास की गति सभी अवस्थाओं में एक जैसी तीव्र नहीं होती है। 2. 'समीप-दूराभिमुख विकास' (Proximodistal Trend) के नियम के अंतर्गत विकास का क्रम शरीर के केंद्र से शुरू होकर बाहर की ओर यानी सिर से पैर की दिशा (Cephalocaudal Trend) में अग्रसर होता है, जिसमें पहले रीढ़ की हड्डी और आंतरिक अंग विकसित होते हैं और बाद में हाथ-पैर की उंगलियां। 3. विकास की दर व्यक्तिगत भिन्नता (Individual Differences) के कारण प्रत्येक बालक में अलग-अलग हो सकती है, किंतु सामान्य रूप से विकास के सभी प्रतिमान (Patterns) और अनुक्रम (Sequences) मानव जाति के सभी बालकों में एक जैसे होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जो गर्भावस्था से शुरू होकर जीवनभर चलती है और इसकी गति अलग-अलग अवस्थाओं में भिन्न होती है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'समीप-दूराभिमुख विकास' (Proximodistal Trend) के अंतर्गत विकास शरीर के केंद्र से परिधि की ओर (Center to Periphery) होता है, जबकि सिर से पैर की ओर होने वाले विकास को 'मस्तकोधूममुखी विकास' (Cephalocaudal Trend) कहा जाता है, दोनों एक ही नियम के अंतर्गत नहीं आते बल्कि अलग-अलग दिशात्मक प्रवृत्तियां हैं। कथन 3 सही है क्योंकि बालकों में व्यक्तिगत भिन्नता के कारण विकास की गति और समय में अंतर हो सकता है, परंतु विकास का सामान्य क्रम और प्रतिमान सभी में समान रहता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालक' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अवधान न्यूनता अतिसक्रियता विकार' (Attention Deficit Hyperactivity Disorder - ADHD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia), और 'फ्रंटोसियाटाल सर्किट' (Fronto-striatal Circuit) के बीच डोपामिनर्जिक डिस्फंक्शन (Dopaminergic Dysfunction), कार्यकारी कार्य विफलता (Executive Function Deficits), और अवरोधक नियंत्रण की कमी (Impulse Inhibition Failure) की सक्रियण गतिकी, तथा रसेल बार्कले (Russell Barkley) के 'आत्म-नियमन का कार्यकारी मॉडल' (Executive Model of Self-Regulation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ADHD ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-ADHD Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-निगरानी (Self-monitoring), टोकन इकॉनमी, पर्यावरण अनुकूल संरचनात्मक समायोजन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत परियोजनाओं और प्रमुख बाँधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में 'ओबरा ताप विद्युत गृह' (Obra Thermal Power Station) सोनभद्र जिले में रिहन्द नदी की सहायक नदी ओबरा पर स्थित है, जिसकी स्थापना रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) के सहयोग से की गई थी और यह राज्य की प्रमुख विद्युत परियोजनाओं में शामिल है।
2. 'परीक्षा ताप विद्युत परियोजना' (Paricha Thermal Power Station) झाँसी जिले में बेतवा नदी के तट पर स्थित है, जो बुंदेलखंड क्षेत्र को मुख्य रूप से विद्युत आपूर्ति प्रदान करती है।
3. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में स्थित 'माताटीला बहुउद्देशीय परियोजना' बेतवा नदी पर निर्मित है, जिसका उपयोग केवल जलविद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है और इसका सिंचाई से कोई संबंध नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं संवेगात्मक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) द्वारा प्रतिपादित 'अनुलग्नक सिद्धांत' (Attachment Theory: सुरक्षित, असुरक्षित-चिंतित, और असुरक्षित-अवरुद्ध अनुलग्नक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (विशेषकर अमीगडाला और हिप्पोकैम्पस), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'हाइथैलैमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल एक्सिस' (HPA Axis) के बीच संवेगात्मक विनियमन, तनाव प्रतिक्रिया नियंत्रण (Stress Response Modulation), और सामाजिक बंधन की सक्रियण गतिकी, तथा मैरी एन्सवर्थ (Mary Ainsworth) के 'स्ट्रेंज सिचुएशन' (Strange Situation) अनुसंधान के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-अटैचमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Attachment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सुरक्षित भावनात्मक आधार, सहयोगात्मक अधिगम व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन, कृषि-जलवायु प्रदेशों और मृदा संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर कुल नौ (9) कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जिसमें सबसे बड़ा क्षेत्र 'मैदानी भाग' और सबसे छोटा 'बुंदेलखंड क्षेत्र' माना जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में पाई जाने वाली 'राड़' (Bhoor) या बलुई दोमट मृदा मूल रूप से पुरानी जलोढ़ (बांगर) मिट्टी का ही एक स्थानीय रूप है, जो अपेक्षाकृत अधिक उपजाऊ होती है और जिसमें नाइट्रोजन तथा फास्फोरस की प्रचुरता होती है।
3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड) में मिलने वाली 'मार' (Maar) और 'कावर' (Kabar) मृदाएँ प्रकारान्तर से काली कपासी मिट्टी (Black Cotton Soil) से मिलती-जुलती हैं, जो नमी पाकर अत्यधिक चिपचिपी और सूखने पर बड़ी-बड़ी दरारें बनाने वाली होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धिता के बहु-कारक सिद्धांत' और 'संरचनात्मक मॉडल' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना का मॉडल' (Structure of Intellect - SOI Model) के अंतर्गत तीन आयामों—'संक्रियाएँ' (Operations), 'विषय-वस्तु' (Contents), और 'उत्पाद' (Products)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existential Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.