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लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित अवस्थाओं और उनके लक्षणों पर विचार कीजिए:
- 1. 'उत्कृष्ट नैतिकता का स्तर' (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले अनुबंध हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के बड़े हितों के विरुद्ध हो, तो उसमें परिवर्तन किया जा सकता है।
- 2. 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Boy-Good Girl) अभिविन्यास में बालक का मुख्य उद्देश्य दूसरों की नज़रों में aprobación (स्वीकृति) प्राप्त करना और सामाजिक रूप से 'अच्छा' दिखना होता है, ताकि वह दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतर सके।
- 3. कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार, सभी वयस्क और किशोर सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) के उच्चतम चरण तक अवश्य पहुँच जाते हैं, क्योंकि यह जैविक परिपक्वता का एक अनिवार्य और अंतिम परिणाम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: कोहलबर्ग के उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-conventional level) के 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' अभिविन्यास में व्यक्ति यह समझता है कि कानून सामाजिक भलाई के लिए बनाए गए हैं और यदि वे अन्यायपूर्ण हैं तो उन्हें बदला जाना चाहिए। कथन 2 सही है: पारंपरिक स्तर के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' चरण में व्यक्ति दूसरों से अनुमोदन पाने और सामाजिक अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रेरित होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि कोहलबर्ग के अनुसार सभी व्यक्ति सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (अंतिम चरण) तक नहीं पहुँच पाते हैं; यह चरण बहुत कम लोगों द्वारा ही प्राप्त किया जाता है।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) का गुण बच्चों के विकास की किस अवस्था में प्रकट होता है?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक और विधायी ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Uttar Pradesh Legislative Council) भारत की सबसे बड़ी द्विसदनीय व्यवस्थापिका की विधान परिषद है, जिसमें कुल सदस्यों की संख्या 100 है, और इसका गठन सर्वप्रथम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के प्रावधानों के तहत किया गया था।
2. उत्तर प्रदेश में कुल 18 मंडल (Divisions) हैं, और इनमें से 'अलीगढ़' मंडल राज्य का सबसे नवीनतम (18वां) मंडल है, जिसे वर्ष 2008 में एटा, कासगंज, अलीगढ़ और हाथरस जिलों को मिलाकर बनाया गया था।
3. राज्य में लोकायुक्त संस्था की स्थापना 'उत्तर प्रदेश लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1975' के तहत की गई थी, और उत्तर प्रदेश के पहले लोकायुक्त न्यायमूर्ति विशम्भर दयाल थे, जिनका कार्यकाल इस पद पर सबसे लंबा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम, 1857 के विद्रोह और उसके प्रमुख केंद्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर - नाना साहब और तात्या टोपे (इन्होंने पेशवा बाजीराव द्वितीय के उत्तराधिकारी के रूप में नेतृत्व किया और अंग्रेजों से भीषण संघर्ष किया।)
2. लखनऊ - बेगम हज़रत महल (इन्होंने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिनी कादिर को नवाब घोषित कर अवध के विद्रोह का नेतृत्व किया।)
3. बरेली - खान बहादुर खान (इन्होंने रुहेलखंड क्षेत्र में विद्रोह का नेतृत्व किया और बरेली में अपनी सरकार स्थापित की।)
4. फैजाबाद - लियाकत अली (इन्होंने मौलवी अहमदुल्लाह के साथ मिलकर विद्रोहियों का मार्गदर्शन किया और अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का नारा दिया।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन (Divergent Thinking)' के घटकों — यथा प्रवाहशीलता (Fluency), लचीलापन (Flexibility), मौलिकता (Originality), और विस्तारण (Elaboration) — के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network), और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच कार्यात्मक कनेक्टिविटी (Functional Connectivity), वैचारिक विचलन (Conceptual Divergence), और नवीन संयोजन निर्माण की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन (Lateral Thinking)' के सिद्धांत के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, क्रिएटिव-इन्नोवेटिव पेडागोजी (Creative-Innovative Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, कल्पनाशीलता व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के संरचनात्मक व पदानुक्रमित सिद्धांतों' के संदर्भ में, फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित मॉडल' (Hierarchical Model of Intelligence) के अंतर्गत 'सामान्य कारक (g)' और विशिष्ट समूहों जैसे 'मौखिक-शैक्षणिक' (Verbal-Educational) तथा 'व्यावहारिक-यांत्रिक' (Practical-Mechanical) कारकों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा सिरिल बर्ट (Cyril Burt) के पदानुक्रमित दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मानकीकृत मूल्यांकन (Standardized Assessment) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी योग्यताओं के वैज्ञानिक वर्गीकरण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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