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UPTET
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'क्षेत्र भ्रमण' (Field Trip) के उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. क्षेत्र भ्रमण बच्चों को प्रत्यक्ष अनुभव (Direct Experience) प्रदान करता है, जिससे वे पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान को वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों के साथ जोड़कर अमूर्त अवधारणाओं को आसानी से समझ पाते हैं।
- 2. पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम में क्षेत्र भ्रमण को केवल मनोरंजन और सामूहिक सौहार्द बढ़ाने के एक साधन के रूप में शामिल किया गया है, जिसका विषयवस्तु की अवधारणाओं या संज्ञानात्मक विकास से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता है।
- 3. सफल क्षेत्र भ्रमण के लिए यह आवश्यक है कि भ्रमण से पूर्व बच्चों के साथ अधिगम के स्पष्ट उद्देश्य तय किए जाएं और भ्रमण के पश्चात एकत्र किए गए डेटा या अनुभवों पर कक्षा में सार्थक चर्चा व विश्लेषण किया जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि क्षेत्र भ्रमण विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष और मूर्त अनुभव प्रदान करता है, जिससे पर्यावरण अध्ययन की अवधारणाओं को समझना सरल हो जाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि क्षेत्र भ्रमण केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह EVS शिक्षण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी शैक्षणिक उपकरण है जो बच्चों के अवलोकन, अन्वेषण और संज्ञानात्मक कौशल को विकसित करता है। कथन 3 सही है क्योंकि किसी भी क्षेत्र भ्रमण की सार्थकता इस बात पर निर्भर करती है कि उसके उद्देश्य पहले से निर्धारित हों और भ्रमण के उपरांत बच्चों के अनुभवों का कक्षा में समालोचनात्मक विश्लेषण किया जाए।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड और ई. टोरेंस द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: तरलता, मौलिकता, लचीलापन और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN: कल्पना और आंतरिक मानसिक सिमुलेशन), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN: विचारों के मूल्यांकन और चयनात्मक ध्यान) और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network - SN: नेटवर्क के बीच स्विचिंग) के बीच गतिशील अंतःक्रिया, तंत्रिका सह-सक्रियण (Neural Co-activation), और संज्ञानात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस के 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Preparation, Incubation, Illumination, Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, बहु-आयामी कल्पना शक्ति व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहार और जैव विविधता प्रबंधन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित 'पीलीभीत टाइगर रिजर्व' को वर्ष 2020 में 'TX2' अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, क्योंकि इस अभयारण्य ने निर्धारित समय से बहुत कम अवधि में बाघों की संख्या को दोगुना कर दिया था।
2. उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा वन्यजीव विहार 'महात्मा गांधी पक्षी विहार' है, जो राज्य के संत कबीर नगर जिले में स्थित है और इसे 'बखिरा पक्षी विहार' के नाम से भी जाना जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित 'कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार' दुधवा टाइगर रिजर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो घड़ियालों (Gavials), डॉल्फिन और दुर्लभ तराई पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु प्रदेशों और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के आधार पर कुल 9 प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया है, जो राज्य के भीतर वर्षा की मात्रा, तापमान और मिट्टी की भिन्नता को दर्शाते हैं।
2. राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ चिकनी मटियार प्रकार की मिट्टियाँ हैं, जिनमें नमी धारण करने की क्षमता बहुत अधिक होती है और इन्हें स्थानीय रूप से 'रेगुर' या काली मिट्टी के समान माना जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली 'नवीन जलोढ़ मृदा' को 'खादर' कहा जाता है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता होती है, जबकि पुरानी जलोढ़ मृदा को 'बांगर' कहा जाता है जो बाढ़ के मैदानों से दूर ऊँचे क्षेत्रों में पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'पारिस्थितिकीय पिरामिड' (Ecological Pyramids) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संख्या का पिरामिड (Pyramid of Numbers) अधिकांश जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में उलटा (Inverted) होता है, क्योंकि यहाँ प्राथमिक उत्पादकों (पादपप्लवक) की संख्या उपभोक्ताओं (मछलियों) की तुलना में बहुत कम होती है।
2. ऊर्जा का पिरामिड (Pyramid of Energy) सदैव सीधा (Upright) बनता है, क्योंकि ऊर्जा का प्रवाह एकपोषीय स्तर से दूसरे पोषक स्तर पर जाने पर हमेशा घटता जाता है और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार ऊर्जा का ह्रास होता है।
3. जैवभार का पिरामिड (Pyramid of Biomass) तालाब या जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में हमेशा सीधा होता है, क्योंकि जलीय जीवों का कुल शुष्क भार ऊपर के trophic levels की ओर बढ़ते हुए लगातार बढ़ता जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality) की आयु सीमा निम्नलिखित में से क्या है?
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