त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश की 'लोक कला, संस्कृति और मेलों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्रों में प्रसिद्ध 'कजरी' लोकगीत मुख्य रूप से वर्षा ऋतु (सावन के महीने) में गाया जाता है, जो प्रकृति के सौंदर्य और राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों से जुड़ा हुआ है।
- 2. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में लगने वाला 'देवा शरीफ का मेला' प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की याद में आयोजित किया जाता है, जो हिन्दू-मुस्लिम एकता और साप्रदायिक सौहार्द का एक अनूठा प्रतीक है।
- 3. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में किया जाने वाला 'राई नृत्य' महिलाओं द्वारा केवल विवाह उत्सव के अवसर पर मयूर की भांति पंख पहनकर किया जाने वाला एक शास्त्रीय नृत्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 'कजरी' मिर्जापुर, सोनभद्र और वाराणसी क्षेत्र का एक अत्यंत प्रसिद्ध वर्षाकालीन लोकगीत है, जो सावन के महीने में गाया जाता है। कथन 2 सही है क्योंकि बाराबंकी जिले में स्थित देवा शरीफ में सूफी संत हाजी वारिस अली शाह के उर्स पर प्रसिद्ध मेला लगता है जो सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है। कथन 3 गलत है क्योंकि बुंदेलखंड का 'राई नृत्य' मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा श्री कृष्ण जन्मोत्सव या मयूर नृत्य शैली में किया जाता है, लेकिन यह केवल विवाह उत्सव तक सीमित नहीं है और यह कोई 'शास्त्रीय नृत्य' (Classical Dance) नहीं बल्कि एक प्रमुख 'लोक नृत्य' (Folk Dance) है। उत्तर प्रदेश का एकमात्र शास्त्रीय नृत्य 'कथक' है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास एवं चिंतन' के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'विचार और भाषा' (Thought and Language) के सिद्धांतों के अनुसार, बाल्यावस्था में बच्चे द्वारा अपने ही व्यवहार को निर्देशित करने, विनियमित करने और नियंत्रित करने के लिए जो उच्च स्वर में स्वयं से बातचीत (Self-Talk) की जाती है, उसे वाइगोत्स्की ने क्या कहा है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण (Trait) सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) के 'व्यक्तिगत शील गुण' (Cardinals, Central, and Secondary Traits) तथा हंस आइजेंक (Hans Eysenck) के 'त्रि-आयामी व्यक्तित्व मॉडल' (PEN Model: Psychoticism, Extraversion, and Neuroticism) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एंसुलर कॉर्टेक्स' (Insular Cortex), 'असेंडिंग रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (ARAS), और 'लिम्बिक सिस्टम' के बीच संवेगात्मक उत्तेजना नियमन (Arousal Regulation), सामाजिक अनुकूलन (Social Adaptation), और व्यक्तिगत व्यवहार प्रतिरूपों की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट मैक्रे (Robert McCrae) और पॉल कोस्टा (Paul Costa) के 'बिग फाइव पर्सनालिटी मॉडल' (Big Five Personality Traits) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, ट्रेड-बेस्ड डिफरेंशिएटेड पेडागोजी (Trait-Based Differentiated Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तित्व विकास, संवेगात्मक स्थिरता व समग्र सामाजिक-बौद्धिक संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A (मौलिक कर्तव्य) और पर्यावरण शिक्षा के अंतर्संबंधों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर भारतीय संविधान में भाग IV-A और अनुच्छेद 51A जोड़ा गया, जिसके अंतर्गत वर्तमान में कुल 11 मौलिक कर्तव्य शामिल हैं।
2. अनुच्छेद 51A(g) के अनुसार, प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह वनों, झीलों, नदियों और वन्यजीवों सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करे और उसका संवर्धन करें तथा प्राणी मात्र के प्रति दया भाव रखे।
3. अनुच्छेद 51A(k), जिसे 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा जोड़ा गया, के तहत माता-पिता या संरक्षक का यह कर्तव्य है कि वह 6 से 14 वर्ष की आयु के अपने बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करें, जिसे पर्यावरण जागरूकता और सतत विकास का मूल आधार माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण शास्त्र में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) की अवधारणा के संदर्भ में, प्राथमिक स्तर पर EVS सीखने के आकलन के लिए निम्नलिखित में से कौन सी सबसे अधिक प्रभावी और प्रामाणिक तकनीक मानी जाती है?
→
हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य संरचना' (Syntax) तथा 'अर्थ के आधार पर वाक्य के भेदों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अर्थ के आधार पर वाक्य के कुल आठ भेद होते हैं, जिनमें 'विधानवाचक वाक्य', 'निषेधवाचक वाक्य', 'प्रश्नवाचक वाक्य', 'आज्ञावाचक वाक्य', 'इच्छावाचक वाक्य', 'संदिग्धवाचक वाक्य', 'संकेतवाचक वाक्य' और 'विस्मयादिबोधक वाक्य' शामिल हैं।
2. 'इच्छावाचक वाक्य' वे वाक्य होते हैं जिनसे वक्ता की किसी प्रकार की शुभकामना, आशीर्वाद या इच्छा का बोध होता है, जैसे: "भगवान तुम्हें लंबी आयु दे!"।
3. रचना या बनावट के आधार पर वाक्य के तीन प्रमुख भेद माने जाते हैं— सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य और मिश्र वाक्य; और मिश्र वाक्य में एक मुख्य (प्रधान) उपवाक्य होता है तथा अन्य आश्रित उपवाक्य होते हैं जो सामान्यतः 'कि', 'जो', 'चूँकि', 'यदि...तो', 'यद्यपि...तथापि' जैसे व्याधिकरण समुच्चयबोधक शब्दों से जुड़े होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.