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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries) और उनकी स्थापना वर्ष या अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश का सबसे पहला वन्यजीव विहार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में की गई थी और यह मुख्य रूप से एशियाई शेरों और काले हिरणों के संरक्षण के लिए जाना जाता था।
  2. 2. हस्तिनापुर वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जिसका विस्तार मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और अमरोहा जिलों तक फैला हुआ है।
  3. 3. रानीपुर वन्यजीव विहार चित्रकूट जिले में स्थित है, जिसे हाल ही में उत्तर प्रदेश के चौथे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया है।
  4. 4. किशनपुर वन्यजीव विहार लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है, जो दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और यहाँ दलदली हिरण (बारासिंगा) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार (चंदौली) की स्थापना 1957 में उत्तर प्रदेश के पहले वन्यजीव विहार के रूप में हुई थी, लेकिन यह एशियाई शेरों (जो यहाँ बाद में असफल रहे) और चीतल, सांभर, चिंकारा आदि के लिए प्रसिद्ध है, न कि 'एशियाई शेरों' के स्थायी निवास के लिए (एशियाई शेर अब केवल गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाते हैं)। इसके अलावा, कथन 2, 3 और 4 बिल्कुल सही हैं। हस्तिनापुर वन्यजीव विहार राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है; रानीपुर वन्यजीव विहार चित्रकूट में स्थित है जिसे राज्य का चौथा टाइगर रिजर्व बनाया गया है; और किशनपुर वन्यजीव विहार लखीमपुर खीरी में स्थित है जो दुधवा पारिस्थितिकी तंत्र का भाग है।
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