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UPTET
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक काल के संदर्भ में, 'ब्रह्मचर्य आश्रम' की समाप्ति पर होने वाले 'समावर्तन संस्कार' (Samavartana Sanskara) के उपरांत विद्यार्थी को क्या कहा जाता था और इस संस्कार का मुख्य अनुष्ठानिक कृत्य क्या था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वैदिक कालीन शिक्षा प्रणाली में जब छात्र अपनी गुरुकुल की शिक्षा लगभग 25 वर्ष की आयु में पूर्ण कर लेता था, तब उसका 'समावर्तन संस्कार' होता था, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'घर लौटना'। इस संस्कार के बाद छात्र को 'स्नातक' (जिसने स्नान कर लिया हो) कहा जाता था, क्योंकि इस अवसर पर वह गुरु के आदेश से अध्ययन समाप्ति पर पवित्र जल में 'अवभृथ स्नान' करता था। इसके पश्चात वह गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के योग्य बनता था। अतः विकल्प (a) पूर्णतः सत्य है।
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना और कृषि-जलवायु विशेषताओं के संदर्भ में 'लाल और सघन मृदा' (Red and Mixed Soils) तथा उनके क्षेत्रीय विस्तार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्रों (विशेषकर झाँसी, महोबा, ललितपुर, हमीरपुर और मिर्जापुर के कुछ भागों) में लाल मृदा मुख्य रूप से पाई जाती है, जिसका निर्माण प्राचीन गनीज़ और विंध्यन क्रम की लाल बलुआ पत्थरों के अपक्षय (Weathering) से हुआ है।
2. इस प्रकार की मृदा में नाइट्रोजन, ह्यूमस और फास्फोरस की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र गेहूँ और धान की अत्यधिक सघन खेती के लिए राज्य में सर्वाधिक उपजाऊ माना जाता है।
3. लाल मृदा सामान्यतः हल्की, अम्लीय प्रकृति की और जल धारण क्षमता में कम होती है, जिस कारण यहाँ चने, अरहर और तिलहन जैसी कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों का उत्पादन अधिक किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राज्यों में प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्रयास करने का प्रावधान किया गया है, जो UPTET परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, मेलों और सांस्कृतिक उत्सवों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ख्याल नृत्य' (Khayal Dance) उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रमुख लोक नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर रंग-बिरंगे कागजों और बांसों से बने मंदिरनुमा प्रतीकों को सिर पर रखकर नर्तकों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्रों में प्रसिद्ध 'ढमढिया' या 'ढरका' नृत्य के साथ-साथ कर्मा (Karma) और शैरा नृत्य विशेष रूप से खरवार तथा गोड़ जनजातियों द्वारा फसल कटाई के समय आयोजित किए जाते हैं।
3. प्रतिवर्ष बाराबंकी जिले में आयोजित होने वाला प्रसिद्ध 'देवा मेला' सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है, और यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पशु मेला है जो कार्तिक पूर्णिमा को लगता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus), 'अमिग्डाला' (Amygdala) और 'टेंपोरoparietal जंक्शन' (Temporoparietal Junction) के बीच अहंकेन्द्रिता (Egocentrism), प्रतीकात्मक चिंतन और विकेंद्रीकरण (Decentration) की कमी की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन फ्लेवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'दृश्य परिप्रेक्ष्य लेने की क्षमता' (Visual Perspective-Taking) के मॉडलों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, खेल-आधारित और विकेंद्रीकरण शिक्षाशास्त्र (Decentration-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-परिप्रेक्ष्य ग्रहण करने की क्षमता, तार्किक लचीलेपन व समग्र संज्ञानात्मक संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है, जिसमें गंभीर और बहु-विकलांगता (Severe and Multiple Disabilities) से ग्रसित बच्चों को घर आधारित शिक्षा (Home-based Education) प्रदान करने का विशेष प्रावधान भी शामिल है।
2. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF, 2005) 'समावेशी शिक्षा' की वकालत करती है जिसके अनुसार विशेष बच्चों के लिए अलग से विशेष विद्यालयों (Special Schools) की स्थापना करना ही प्राथमिक और अनिवार्य शर्त है ताकि सामान्य विद्यालय मुख्यधारा के शिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
3. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य और विशेष आवश्यकता वाले बालकों को एक ही छत के नीचे एक साथ बिना किसी भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, जिससे 'अधिगम की सार्वभौमिक रूपरेखा' (Universal Design for Learning - UDL) को बढ़ावा मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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