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UPTET
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'अनुभव आधारित अधिगम' (Experiential Learning) के उपागम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अनुभव आधारित अधिगम विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक अवधारणाओं को रटने के बजाय प्रत्यक्ष अनुभवों, वास्तविक जीवन की परिस्थितियों और पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करने का अवसर प्रदान करता है।
- 2. इस उपागम के अंतर्गत 'कोल की अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Kolb's Experiential Learning Cycle) में ठोस अनुभव (Concrete Experience), चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation), अमूर्त अवधारणा (Abstract Conceptualization) और सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) जैसे चरण क्रमिक रूप से शामिल होते हैं।
- 3. पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या में क्षेत्रीय भ्रमण (Field Trips) और सामुदायिक सर्वेक्षण (Community Surveys) को केवल मनोरंजक गतिविधियों के रूप में देखा जाना चाहिए, जिनका मूल्यांकन विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों से कोई सीधा संबंध नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि अनुभव आधारित अधिगम विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों और प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से सक्रिय रूप से ज्ञान निर्मित करने पर जोर देता है। कथन 2 सही है क्योंकि डेविड कोल (David Kolb) के अनुभवात्मक अधिगम चक्र में ठोस अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग महत्वपूर्ण चरण हैं, जो पर्यावरण शिक्षण में अत्यधिक प्रभावी हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि क्षेत्रीय भ्रमण और सामुदायिक सर्वेक्षण केवल मनोरंजक गतिविधियाँ नहीं हैं, बल्कि ये ईईएस (EVS) के महत्वपूर्ण शिक्षण-अधिगम उपकरण हैं जिनका सीधा संबंध विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों और सतत मूल्यांकन से होता है।
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1. उत्तर प्रदेश के सबसे उत्तरी भाग में स्थित 'भाबर' पेटी शिवालिक पहाड़ियों के पाद-प्रदेश में पश्चिम में सहारनपुर से लेकर पूर्व में कुशीनगर तक फैली हुई है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थरों के नीचे विलुप्त हो जाती हैं।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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