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प्राचीन भारतीय इतिहास के महाजनपद काल के संदर्भ में, उत्तर प्रदेश के वर्तमान भौगोलिक क्षेत्र में स्थित महाजनपद और उनकी राजधानियों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. 'चेदि महाजनपद' - इसकी राजधानी 'सुक्तिमती' (या शोथिवती) थी, जो वर्तमान उत्तर प्रदेश के बांदा और चित्रकूट (बुंदेलखंड) के क्षेत्रों में विस्तृत था।
- 2. 'वत्स महाजनपद' - इसकी राजधानी 'कौशाम्बी' थी, जो यमुना नदी के तट पर स्थित था और यहाँ के प्रसिद्ध राजा उदयन थे।
- 3. 'मल्ल महाजनपद' - इसकी राजधानी 'कुशीनगर' और 'पावा' थी, जो वर्तमान गोरखपुर और देवरिया के तराई क्षेत्र में स्थित था और यहीं महात्मा बुद्ध को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था।
- 4. 'पंचाल महाजनपद' - इसे उत्तर और दक्षिण पंचाल में विभाजित किया गया था, जिसकी उत्तरी राजधानी 'अहिच्छत्र' (वर्तमान बरेली जिला) और दक्षिणी राजधानी 'काम्पिल्य' (वर्तमान फर्रुखाबाद जिला) थी।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों का उल्लेख मिलता है, जिनमें से 8 महाजनपद वर्तमान उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में स्थित थे। दिए गए सभी युग्म पूरी तरह सही सुमेलित हैं:
1. चेदि महाजनपद का विस्तार बुंदेलखंड क्षेत्र में था और इसकी राजधानी सुक्तिमती थी।
2. वत्स महाजनपद की राजधानी कौशाम्बी थी, जिसका वर्णन बौद्ध साहित्य में राजा उदयन के संदर्भ में मिलता है।
3. मल्ल महाजनपद की दो राजधानियाँ कुशीनगर और पावा थीं, जहाँ बुद्ध और महावीर से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएँ हुईं।
4. पंचाल महाजनपद की उत्तरी राजधानी अहिच्छत्र (बरेली के पास) तथा दक्षिणी राजधानी काम्पिल्य (फर्रुखाबाद के पास) थी। अतः सभी कथन सही हैं।
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों और फसल प्रारूप (Crop Pattern) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु की दृष्टि से कुल 9 (नौ) विशिष्ट जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की वर्षा, तापमान, भू-आकृति और मृदा भिन्नताओं पर आधारित हैं।
2. राज्य के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में मुख्य रूप से बलुई-दोमट और जलोढ़ मृदा पाई जाती है, जो गन्ने और गेहूँ की सघन खेती के लिए अत्यधिक उपयुक्त है, जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र में मिलने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और काली प्रकृति की होती हैं जो नमी को लंबे समय तक बनाए रखती हैं।
3. उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तराई क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'भूर' (Bhoor) मृदा अत्यधिक उपजाऊ और महीन कणों वाली चिकनी मिट्टी होती है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता के कारण धान की खेती बिना किसी रासायनिक उर्वरक के बंपर मात्रा में होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में, 'महोदा' या 'महोदयेनगर' निम्नलिखित में से किस ऐतिहासिक नगर का प्राचीन नाम है, जो प्रतिहार शासकों के काल में उनकी राजधानी रहा था और जिसे 'शिरोमणि' नगर भी कहा जाता था?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक कालीन शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों को उनकी अध्ययन अवधि के आधार पर तीन श्रेणियों - 'विद्यार्थी', 'स्नातक' और 'वसु' में विभाजित किया जाता था, तथा इस काल में महिलाओं को उपनयन संस्कार का अधिकार था और उन्हें 'ब्रह्मवादिनी' या 'सद्योवधू' के रूप में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की स्वतंत्रता थी।
2. गुरुकुल में शिक्षा की समाप्ति पर छात्र के घर लौटने से पूर्व 'समावर्तन संस्कार' का आयोजन किया जाता था, जिसके संपन्न होने के बाद छात्र को 'स्नातक' कहा जाता था और वह समाज में प्रवेश करने के लिए योग्य माना जाता था।
3. वैदिक कालीन शिक्षा प्रणाली का मुख्य उद्देश्य केवल भौतिक संपदा और व्यावसायिक कौशल अर्जित करना था, और इसमें नैतिक तथा आध्यात्मिक विकास को कोई विशेष स्थान नहीं दिया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) और 'गांधी-इरविन समझौते' (Gandhi-Irwin Pact) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी द्वारा 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से प्रसिद्ध 'दांडी मार्च' (Salt March) के साथ की गई थी, जिसके तहत 6 अप्रैल 1930 को दांडी में नमक कानून तोड़कर इस आंदोलन का देशव्यापी विस्तार किया गया था।
2. 5 मार्च 1931 को हस्ताक्षरित 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी राजनीतिक बंदियों (हिंसक अपराधों में लिप्त व्यक्तियों को छोड़कर) को रिहा करने और समुद्र तट के किनारे बसे लोगों को बिना कर के अपने घरेलू उपयोग के लिए नमक बनाने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की थी।
3. कांग्रेस की ओर से महात्मा गांधी ने इस समझौते के बाद कांग्रेस के कराची अधिवेशन (1931) की अध्यक्षता की थी और प्रथम गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए लंदन गए थे, जहाँ उन्होंने सांप्रदायिक पंचाट (Communal Award) के मुद्दे पर दलितों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की मांग का पूर्ण समर्थन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage) जन्म से लगभग 2 वर्ष तक होती है, जिसमें बच्चा वस्तु स्थायित्व (Object Permanence) और लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार को सीखता है।
2. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) 2 से 7 वर्ष की आयु तक होती है, जिसमें बालक जीववाद (Animism), अहंप्रेम (Egocentrism) और केंद्रीयकरण (Centration) जैसी विशेषताओं को प्रदर्शित करता है।
3. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) 7 से 11 वर्ष की आयु होती है, जिसमें बच्चा अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-Deductive Reasoning) करने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है।
4. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) 11 वर्ष से वयस्कता तक चलती है, जिसमें व्यक्ति वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उच्च कोटि के तार्किक विचारों को विकसित कर लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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