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UPTET
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, भौगोलिक और ऐतिहासिक संस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण (Uttar Pradesh Public Services Tribunal) की स्थापना राज्य के कर्मचारियों के सेवा संबंधी विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए लखनऊ में की गई है, जिसकी मुख्य पीठ के साथ-साथ एक अन्य पीठ गोरखपुर में भी स्थित है।
  2. 2. उत्तर प्रदेश में 'राज्य मानवाधिकार आयोग' का गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत किया गया था, और यह आयोग राज्य सरकार के अधीन कार्यरत लोक सेवकों द्वारा मानवाधिकारों के हनन के मामलों की सीधी जाँच करने का पूर्ण अधिकार रखता है।
  3. 3. उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक निकाय है जिसका गठन अनुच्छेद 243K के तहत किया गया है, और यह पंचायत तथा नगरीय निकायों के अतिरिक्त राज्य विधानसभा और विधान परिषद के चुनावों का भी सफल संचालन व अधीक्षण करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण की मुख्य पीठ लखनऊ में है तथा इसकी अन्य पीठ (बेंच) गोरखपुर में नहीं बल्कि वाराणसी, मेरठ, आगरा, बरेली आदि स्थानों पर आवश्यकतानुसार सर्किट बेंच के रूप में संचालित होती हैं, जबकि मुख्य रूप से इसकी एक स्थायी अन्य पीठ इलाहाबाद (प्रयागराज) में स्थित है। कथन 2 असत्य है क्योंकि मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (संशोधित 2019) के प्रावधानों के अनुसार, राज्य मानवाधिकार आयोग सशस्त्र बलों (Armed Forces) के सदस्यों से संबंधित मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की सीधी जाँच करने के लिए अधिकृत नहीं है, बल्कि इस संबंध में वह केंद्र सरकार से रिपोर्ट मँगा सकता है या केवल अपनी संस्तुति दे सकता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) केवल त्रिस्तरीय पंचायतों (ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत) तथा नगरीय निकायों (नगर पालिका, नगर निगम और नगर पंचायत) के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करता है; राज्य विधानसभा (Vidhan Sabha) और विधान परिषद (Vidhan Council) के चुनावों का संचालन 'भारत निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) द्वारा किया जाता है। अतः उपर्युक्त में से कोई भी कथन सही नहीं है, इसलिए सही विकल्प (d) होगा।
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