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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का 'भावर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक दक्षिण में पश्चिम से पूर्व की ओर एक संकरी पट्टी के रूप में फैला है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे रेत के निक्षेपों के नीचे विलुप्त हो जाती हैं और धरातल पर प्रवाहित नहीं होती हैं। 2. 'तराई' क्षेत्र भावर के ठीक दक्षिण में स्थित एक नम एवं दलदली प्रदेश है, जहाँ विलुप्त हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं, और यह क्षेत्र प्रचुर वर्षा तथा सघन वनों के कारण गन्ने और धान की कृषि के लिए अत्यधिक उपयुक्त है। 3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र) की मृदा में नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की प्रचुरता पाई जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र राज्य का सर्वाधिक रासायनिक उर्वरक-मुक्त कृषि उत्पादन क्षेत्र माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि भावर क्षेत्र शिवालिक के तलहटी में स्थित है जहाँ नदियाँ भारी पत्थरों के नीचे विलुप्त हो जाती हैं। कथन 2 सही है क्योंकि तराई क्षेत्र दलदلی और नम है जो धान और गन्ने की खेती के लिए अनुकूल है। कथन 3 गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड) की मृदा में नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की भारी कमी होती है, न कि प्रचुरता।
Related Questions
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास उसके सामाजिक परिवेश, संस्कृति और भाषा के साथ अंतःक्रिया (Interaction) का परिणाम होता है, और अधिगम विकास से पहले होता है (अर्थात अधिगम विकास को गति प्रदान करता है)।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन और सहयोग से प्राप्त कर सकता है।
3. वायगोत्स्की द्वारा वर्णित 'निजी वाक्' (Private Speech) बालकों के संज्ञानात्मक विकास में एक बाधक कारक है, क्योंकि इसके माध्यम से बालक केवल अपनी भावनाओं को दूसरों पर थोपने का प्रयास करते हैं और इससे उनके विचारों का नियमन बाधित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'दुधवा राष्ट्रीय पार्क' (Dudhwa National Park) उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर स्थित है, जिसे वर्ष 1977 में राष्ट्रीय पार्क घोषित किया गया था और वर्ष 1987-88 में इसे 'प्रोजेक्ट टाइगर' के अंतर्गत शामिल किया गया था।
2. उत्तर प्रदेश का चौथा और नवीनतम टाइगर रिजर्व 'रानीपुर वन्यजीव विहार' (Ranipur Wildlife Sanctuary) है, जो चित्रकूट जिले में स्थित है और इसे उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया है।
3. 'पीलीभीत टाइगर रिजर्व' को वर्ष 2020 में ट्रांसबॉर्डर पुरस्कार (TX2 Award) से सम्मानित किया गया था, क्योंकि इस संरक्षित क्षेत्र में बाघों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से दोगुनी हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ' (Learning Styles) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, नील फ्लेming (Neil Fleming) द्वारा प्रतिपादित 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Writing, and Kinesthetic) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ऑसिपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Occipito-Temporal Cortex), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus) और 'प्रिमोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex) के बीच संवेदी प्रसंस्करण, बहुसंवेदी एकीकरण (Multisensory Integration) और दृश्य-श्रव्य-गतिकीय सूचना रूपांतरण की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी और अनुभवात्मक शिक्षाशास्त्र (Multisensory-Experiential Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत संवेदी प्राथमिकताओं, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र वैचारिक स्पष्टता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) और रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार बुद्धि कोई एक एकीकृत इकाई नहीं है, बल्कि स्वतंत्र प्रकार की बुद्धियों का एक समुच्चय है, जिसमें 'संगीतकीय बुद्धि' (Musical Intelligence) का प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति ताल, लय और ध्वनियों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं, जबकि 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) वाले व्यक्ति सूक्ष्म जीवों, वनस्पतियों और प्राकृतिक परिवेश की विशेषताओं को पहचानकर उनमें अंतर करने की क्षमता रखते हैं।
2. स्टर्नबर्ग के त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत के अंतर्गत 'घटकीय या विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Componential/Analytical Intelligence) वह क्षमता है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने पूर्व अनुभवों को नई समस्याओं को हल करने में लगाता है और अमूर्त चिंतन तथा तार्किक विश्लेषण करता है।
3. स्टर्नबर्ग के सिद्धांत के अनुसार 'व्यावहारिक बुद्धि' (Practical Intelligence) को अक्सर 'व्यावहारिक ज्ञान' या 'स्ट्रीट स्मार्टनेस' (Street Smarts) कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति अपने पर्यावरण या परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेता है (Adaptation), आवश्यकतानुसार पर्यावरण में बदलाव करता है (Shaping), या उस पर्यावरण का चयन करता है जहाँ वह सफल हो सके (Selection)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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थॉर्नाडाइक (Edward Thorndike) के सीखने के नियमों में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) शैक्षिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है, तथा यह कक्षा-कक्ष शिक्षण में किस मनोवैज्ञानिक अवधारणा का आधार बनता है?
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