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उत्तर प्रदेश की ऊर्जा परियोजनाओं, विद्युत उत्पादन निगमों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश में तापीय (Thermal) ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड' (UPRVUNL) जिम्मेदार है, जिसके अंतर्गत अनपरा, ओबरा, पनकी और हरदुएगंज जैसे प्रमुख ताप विद्युत गृह संचालित होते हैं। 2. रिहंद बांध परियोजना, जो सोनभद्र जिले के पिपरी नामक स्थान पर रिहंद नदी पर बनाई गई है, उत्तर प्रदेश की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है और इसी के पीछे बने कृत्रिम जलाशय को 'गोविन्द बल्लभ पंत सागर' के नाम से जाना जाता है, जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में से एक है। 3. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में स्थित 'माताटीला बांध परियोजना' बेतवा नदी पर निर्मित है, जिसका उपयोग केवल जल विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है और इससे मध्य प्रदेश राज्य का कोई संबंध नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश में सरकारी क्षेत्र के ताप विद्युत गृहों का संचालन 'उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड' द्वारा किया जाता है, जिसमें अनपरा, ओबरा, पनकी आदि प्रमुख हैं। कथन 2 सही है; रिहंद बांध सोनभद्र में रिहंद नदी पर स्थित है और इसके जलाशय का नाम 'गोविन्द बल्लभ पंत सागर' है जो भारत की बड़ी कृत्रिम झीलों में शामिल है। कथन 3 गलत है क्योंकि बेतवा नदी पर स्थित 'माताटीला बांध परियोजना' उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों की संयुक्त परियोजना है।
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उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों और उनकी उद्योग-वार उपलब्धता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर और सोनभद्र जिलों में देश का सबसे उच्च कोटि का 'नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले' (Non-plastic Fire Clay) पाया जाता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से रिफ्रैक्टरी (भट्ठा निर्माण) उद्योगों में किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश में 'डायमंड' (हीरा) के प्रमुख भंडार बांदा जिले की बहुरानपुर और मिर्ज़ापुर की कन्दवा पहाड़ियों के क्षेत्रों में खोजे गए हैं।
3. उत्तर प्रदेश राज्य खनिज विकास निगम की स्थापना वर्ष 1974 में की गई थी, और राज्य की वर्तमान 'खनन नीति' के तहत खनिज बाहुल्य जिलों में खनन पट्टों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-नीलामी (E-auction) प्रणाली अनिवार्य की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'हिंदी भाषा एवं व्याकरण' के अंतर्गत 'कारक और उनके विभक्तियों' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प 'अपादान कारक' (Apadan Karak - जहाँ अलगाव, डर, तुलना, या सीखने का भाव हो) के व्याकरणिक स्वरूप और उसके सबसे सटीक एवं प्रामाणिक उदाहरण को तार्किक रूप से प्रदर्शित करता है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया और पर्यावरण शिक्षा के उद्देश्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पर्यावरण अध्ययन में 'सतत विकास' (Sustainable Development) की अवधारणा का मूल उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की अपनी ज़रूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना है।
2. पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में 'इकोलॉजिकल फुटप्रिंट' (Ecological Footprint) किसी व्यक्ति, समुदाय या गतिविधि द्वारा पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को मापने का एक मानक है, जो यह गणना करता है कि उसकी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए कुल कितनी जैविक रूप से उत्पादक भूमि और जल की आवश्यकता है।
3. 'एजेंडा 21' (Agenda 21), जो 1992 के रियो डी जेनेरियो (पृथ्वी शिखर सम्मेलन) में पारित किया गया था, उसका मुख्य उद्देश्य केवल औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करना था और इसमें प्राथमिक या माध्यमिक स्तर की पर्यावरण शिक्षा तथा नागरिकों की भागीदारी का कोई उल्लेख नहीं किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (विशेष रूप से उत्तर-रूढ़िगत स्तर / Post-conventional Level के अंतर्गत सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'एंटिरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC), और 'इंसुला' (Insula) के बीच नैतिक दुविधा के समाधान, सहानुभूतिपूर्ण संवेग एकीकरण, और सामाजिक न्याय से जुड़े कार्यकारी निर्णयन की सक्रियण गतिकी, तथा कैरोल गिलीगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Moral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में न्यायपरक व संवेगात्मक रूप से संतुलित नैतिक तार्किकता, पारस्परिक सद्भाव व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम के अंतर्गत 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) और 'ऊर्जा प्रवाह' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कार्बन चक्र' एक संपूर्ण रूप से गैसीय चक्र है, जिसके अंतर्गत प्रकाश संश्लेषण द्वारा वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड पौधों में जाती है, और यह चक्र केवल स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र तक ही सीमित रहता है, जलीय तंत्र में इसकी कोई भूमिका नहीं होती।
2. 'फास्फोरस चक्र' एक 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका मुख्य भंडार चट्टानें, मिट्टी और महासागरीय तलछट होते हैं, और इसमें वायुमंडलीय परिसंचरण की कोई प्रमुख भूमिका नहीं होती है।
3. किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है (लिंeman के 10% के नियम के अनुसार), जबकि पोषक तत्वों का प्रवाह 'चक्रीय' (Cyclic) होता है, क्योंकि पोषक तत्व पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर बार-बार पुनर्चक्रित होते रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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