त्वरित लिंक्स
Indian Polity
32 views
राज्यपाल किसके प्रसादपर्यंत पद पर रहते हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत।
Related Questions
→
राज्य विधानमंडल के गठन, उसकी प्रक्रिया और शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत संसद किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए कानून बना सकती है, बशर्ते संबंधित राज्य की विधानसभा कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से इस आशय का संकल्प पारित कर चुकी हो।
2. विधान परिषद की संरचना के संबंध में इसके कुल सदस्यों का एक-तिहाई भाग राज्य के स्थानीय निकायों (जैसे नगरपालिकाओं, जिला बोर्डों आदि) के निर्वाचक मंडल द्वारा चुना जाता है, और एक-तिहाई भाग राज्य की विधानसभा के सदस्यों द्वारा ऐसे व्यक्तियों में से चुना जाता है जो विधानसभा के सदस्य नहीं हैं।
3. धन विधेयक (Money Bill) के अतिरिक्त किसी साधारण विधेयक के मामले में यदि विधानसभा और विधान परिषद के बीच गतिरोध उत्पन्न हो जाता है, तो संविधान के अनुच्छेद 197 के तहत दोनों सदनों की संयुक्त बैठकों (Joint Sitting) का प्रावधान किया गया है जिसकी अध्यक्षता विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन कब हुआ था?
→
भारतीय संविधान के भाग IV में वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP - अनुच्छेद 36-51) की प्रकृति, संशोधनों तथा उनके न्यायिक प्रवर्तन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार नीति निर्देशक तत्व देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि बनाने में इन तत्वों को लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा, किंतु ये किसी भी न्यायालय द्वारा न्यायोचित (Justiciable) नहीं हैं।
2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा नीति निर्देशक तत्वों में तीन नए निदेशक तत्व जोड़े गए—बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए अवसरों को सुरक्षित करना (अनुच्छेद 39), समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता (अनुच्छेद 39A), तथा उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी (अनुच्छेद 43A)।
3. सर्वोच्च न्यायालय ने 'मिनर्वा मिल्स मामला' (1980) में यह स्पष्ट किया कि मौलिक अधिकारों और नीति निर्देशक तत्वों के बीच कोई सामंजस्य या संतुलन नहीं बनाया जा सकता है, क्योंकि मौलिक अधिकार हमेशा सर्वोच्च रहेंगे और निर्देशक तत्वों को लागू करने के लिए मौलिक अधिकारों को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
संसद की कोरम?
→
राज्य विधानमंडल के उच्च सदन यानी 'विधान परिषद' (Legislative Council) के गठन, उत्सादन और उसकी संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार संसद किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए विधि बना सकती है, बशर्ते संबंधित राज्य की विधानसभा कुल सदस्यों की संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई (2/3) बहुमत से इस आशय का संकल्प पारित कर दे।
2. अनुच्छेद 171 के प्रावधानों के अनुसार किसी राज्य की विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई (1/3) से अधिक हो सकती है, किंतु किसी भी स्थिति में इसकी न्यूनतम संख्या 40 से कम नहीं होनी चाहिए।
3. विधान परिषद के कुल सदस्यों का एक-तिहाई (1/3) भाग स्थानीय निकायों (जैसे नगरपालिकाओं, जिला बोर्डों) के निर्वाचक मंडल द्वारा, एक-तिहाई (1/3) भाग राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा, बारहवां हिस्सा (1/12) अध्यापन कार्य करने वाले स्नातकों द्वारा और शेष भाग राज्यपाल द्वारा कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा और सहकारिता आंदोलन के क्षेत्र से विशेष ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों में से मनोनीत किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.