त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश की प्रमुख झीलों, कृत्रिम जलाशयों और उनकी अवस्थिति (जनपदों) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. राधा कुंड - मथुरा 2. राजा का बंध ताल - सुल्तानपुर 3. बखिरा पक्षी विहार झील - संत कबीर नगर 4. औंधी ताल - वाराणसी उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी युग्म सही सुमेलित हैं। 1. 'राधा कुंड' मथुरा जनपद में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक कुंड/झील है। 2. 'राजा का बंध ताल' सुल्तानपुर जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण कृत्रिम जलाशय/झील है। 3. 'बखिरा पक्षी विहार झील' (जिसे संत कबीर नगर जिले में स्थित बखिरा झील के रूप में जाना जाता है) राज्य की एक प्रमुख आर्द्रभूमि एवं रामसर स्थल है। 4. 'औंधी ताल' उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में स्थित है। अतः सभी चारों विकल्प सही हैं।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्कैलकुलिया' (Dyscalculia - गणितीय और संख्यात्मक प्रसंस्करण अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'इंट्रापैरिएटल सल्कास' (Intraparietal Sulcus - IPS: संख्यात्मक परिमाण और स्थानिक-संख्यात्मक प्रतिनिधित्व का मुख्य केंद्र), 'बाएँ गोलार्ध का एंगुलर गाइरस' (Left Angular Gyrus - मौखिक गणितीय तथ्यों और प्रतीकों का पुनर्प्राप्ति), तथा 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - कार्यकारी कार्य, कार्यशील स्मृति और गणितीय रणनीतियों का चयन) के बीच दोषपूर्ण न्यूरोनल कनेक्टिविटी, संख्यात्मक प्रसंस्करण में बाधा, और व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स के कम माइलिनेशन की सक्रियण गतिकी, तथा मारिया मोंटेसरी के 'मल्टीसेंसरी मैथमैटिकल मैटेरियल्स' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्कैलकुलिया ऑप्टिमाइज्ड म्यूटसेंसरी न्यूमेरिक पेडागोजी' (Neuro-Dyscalculia Optimized Multisensory Numeric Pedagogy) और विद्यार्थियों में संख्यात्मक प्रवाह, तार्किक-गणितीय समझ व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) का विचार यानी यह समझ कि किसी वस्तु के रूप, आकार या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है, किस अवस्था की मुख्य विशेषता है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक परिदृश्य के संदर्भ में, राज्य के किस जिले में भारत की स्वतंत्रता के समय हुए 'छतरपुर कांड' या राज्य के स्वाधीनता संग्राम से जुड़े 'महुवा बांध संग्राम' की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के अलावा, प्रसिद्ध 'ढहवा झील' (Dhhawa Lake) स्थित है जो प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख संरक्षित स्थल है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: आत्मकेन्द्रितता, संरक्षण की कमी और अनुत्क्रमणीयता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'ेंट्रल इंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच कार्यकारी कार्यप्रणाली (Executive Function), कार्यशील स्मृति (Working Memory) सीमा, और विकेंद्रीकरण (Decentration) की कमी की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक संज्ञानात्मक विकास' दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी अनुभव, दृश्य-स्थानिक स्कैफोल्डिंग व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास निरंतर न होकर अवस्थाओं (Stages) के क्रम में होता है, जिनमें प्रत्येक अवस्था गुणात्मक रूप से भिन्न होती है और सभी बालकों में इन अवस्थाओं का क्रम सार्वभौमिक तथा अपरिवर्तनीय होता है।
2. 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने पर भी उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) में बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक समस्याओं को हल करने की क्षमता अर्जित कर लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.