BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
1 views

बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत (Socio-Cultural Theory of Cognitive Development) के प्रतिपादक लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास में भाषा, संस्कृति और 'मोर नॉलेज्ड अदर' (MKO) की क्या भूमिका है? निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वायगोत्स्की के अनुसार, भाषा बालक के संज्ञानात्मक विकास में केवल एक संप्रेषण का साधन नहीं है, बल्कि यह वह प्राथमिक मनोवैज्ञानिक उपकरण (Psychological Tool) है जो बच्चे के विचारों को आकार देता है और स्व-विनियमन (Self-Regulation) को सुगम बनाता है। 2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) वह दायरा है जहाँ बच्चा स्वतंत्र रूप से बिना किसी वयस्क के सहयोग के अपनी क्षमता से अधिक कठिन समस्याओं को हल कर सकता है। 3. 'स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding) का तात्पर्य अधिगम प्रक्रिया के दौरान किसी शिक्षक, माता-पिता या अधिक ज्ञानी साथी (MKO) द्वारा बच्चे को प्रदान किया जाने वाला वह अस्थायी और लचीला सहयोग है, जिसे बच्चे की स्वतंत्रता बढ़ने के साथ धीरे-धीरे कम कर दिया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि लेव वायगोत्स्की के अनुसार भाषा संज्ञानात्मक विकास का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है जो बच्चे की सोच को निर्देशित और व्यवस्थित करती है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) वह अंतर है जो बालक किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी व्यक्ति (MKO) के 'मार्गदर्शन और सहयोग से' कर सकता है, और जो वह स्वतंत्र रूप से अकेले कर सकता है, उसके बीच का होता है; बिना सहयोग के स्वतंत्र रूप से हल करना ZPD के अंतर्गत नहीं आता। कथन 3 सही है क्योंकि 'स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding) एक अस्थायी सहायता है जो सीखने वाले को जटिल कार्य पूरा करने में मदद करती है और क्षमता विकसित होने पर हटा ली जाती है। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों, पक्षी विहारों और उनकी स्थापना तथा अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. बखीरा पक्षी विहार - संत कबीर नगर (स्थापना: 1990) 2. समसपुर पक्षी विहार - रायबरेली (स्थापना: 1987) 3. लाख बहोसी पक्षी विहार - कन्नौज (स्थापना: 1988) 4. पटना पक्षी विहार - एटा (स्थापना: 1991) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं? उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, उनकी उत्पत्ति से जुड़े क्षेत्रों और उनके विशेष अवसरों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'छपेली' नृत्य उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र का एक प्रमुख लोक नृत्य है, जिसमें नर्तक एक हाथ में रुमाल और दूसरे हाथ में शीशा लेकर राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों का प्रदर्शन करते हैं। 2. 'ख्याल' नृत्य उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष रूप से किया जाता है, जिसमें रंग-बिरंगे कागजों और बांस से बने मंदिरनुमा प्रतीकों को सिर पर रखकर नर्तक प्रदर्शन करते हैं। 3. 'धीवर' (धिवर) नृत्य कहार जाति के लोगों द्वारा शुभ अवसरों पर किया जाने वाला एक प्रमुख नृत्य है, जिसकी शैली मयूर नृत्य से मिलती-जुलती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम वक्रीयता' (Learning Curves) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉउस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा अध्ययन किए गए 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अलावा, जब हम अधिगम के दौरान 'पठार' (Plateau in Learning) की स्थिति का विश्लेषण करते हैं, तो फे (Faye) और अन्य मनोवैज्ञानिकों के अनुसार सीखने की प्रक्रिया में उत्पन्न होने वाले इस 'पठार' का मुख्य मनोवैज्ञानिक एवं तकनीकी कारण निम्नलिखित में से किसे माना जाता है? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा प्रकार और कृषि संबंधी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के उत्तरी पर्वतीय और भाभर-तराई क्षेत्रों में पाई जाने वाली मृदा में नाइट्रोजन और ह्यूमस की मात्रा प्रचुर होती है, जिससे यह क्षेत्र गन्ने और धान के उत्पादन के लिए अत्यधिक उपयुक्त माना जाता है। 2. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड) में पायी जाने वाली 'परवा' (Parwa) मृदा हलके लाल-भूरे रंग की होती है, जिसमें कंकड़ और बालू की अधिकता पाई जाती है, तथा यह मुख्य रूप से बाजरा और चने की खेती के लिए जानी जाती है। 3. उत्तर प्रदेश में कुल कृषि-जलवायु क्षेत्रों की संख्या नौ (9) है, और राज्य में सबसे अधिक सिंचित क्षेत्रफल नलकूपों (Tubewells) के माध्यम से सिंचित किया जाता है, जिसके बाद दूसरा प्रमुख साधन नहरें हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? प्राथमिक स्तर पर बाल विकास और शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—की सबसे सटीक और मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.