त्वरित लिंक्स
UPTET
13 views
उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) और फसल पैटर्न के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु की दृष्टि से कुल 9 विशिष्ट जोनों (Zones) में विभाजित किया गया है, जिसमें बुंदेलखंड क्षेत्र शुष्क कृषि और दलहन उत्पादन के लिए विशेष पहचान रखता है।
- 2. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) में पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है, किंतु इसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की सामान्यतः कमी पाई जाती है।
- 3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' प्रकार की भारी मृदाएँ होती हैं, जो अत्यधिक जल-धारण क्षमता रखती हैं और सूखने पर उनमें गहरी बड़ी दरारें पड़ जाती हैं, जिससे इनमें बिना सिंचाई के खेती करना असंभव होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु के आधार पर 9 प्रमुख क्षेत्रों में बांटा गया है और बुंदेलखंड क्षेत्र अपनी विशिष्ट मृदा और जलवायु के कारण दलहन, तिलहन व ज्वार-बाजरा के लिए प्रसिद्ध है। कथन 2 भी सही है; उत्तर प्रदेश के जलोढ़ मैदानों की मिट्टी में पोटाश और चूना प्रचुर मात्रा में होते हैं, लेकिन नाइट्रोजन और ह्यूमस/फास्फोरस की कमी होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'मार' और 'काबर' मृदाएँ तराई क्षेत्र में नहीं, बल्कि बुंदेलखंड के दक्षिणी पठारी क्षेत्र में पाई जाने वाली काली एवं चिकनी प्रकार की मिट्टियाँ हैं, जबकि तराई क्षेत्र में मुख्य रूप से नम, दलदली और हल्की दोमट मिट्टी पाई जाती है।
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) की अवधारणा के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
→
बच्चों के भाषा विकास, विचार और सामाजिक-सांस्कृतिक अधिगम के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांतों के बीच के मौलिक अंतरों और समानताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का परिणाम है और बच्चों में 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है, जो उम्र बढ़ने के साथ लुप्त हो जाता है। इसके विपरीत, लेव वाइगोत्स्की का मानना था कि भाषा शुरुआत से ही सामाजिक होती है और 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) बच्चों को अपने संज्ञानात्मक कार्यों और व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने में सहायता प्रदान करता है।
2. पियाजे के अनुसार 'विचार' (Thought) भाषा से पहले विकसित होते हैं और बच्चे अपने भौतिक पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण (Active Exploration) करके ज्ञान का निर्माण करते हैं, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार जीवन के शुरुआती वर्षों में अलग-अलग स्रोतों से उत्पन्न होते हैं और लगभग दो वर्ष की आयु के बाद आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं।
3. वाइगोत्स्की ने संज्ञानात्मक विकास में 'अधिक ज्ञानवान अन्य' (MKO) और 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (ZPD) की अवधारणा के माध्यम से संस्कृति और सामाजिक अंतःक्रिया को केंद्रीय स्थान दिया है, जबकि पियाजे ने बच्चों के विकास को सांस्कृतिक संदर्भों से पूरी तरह स्वतंत्र और सार्वभौमिक चरणों (Stages of Cognitive Development) में विभाजित माना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, 'योग दर्शन' और उसके प्रणेता महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित अष्टांग योग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. योग दर्शन सांख्य दर्शन का ही व्यावहारिक रूप माना जाता है, जिसके प्रवर्तक महर्षि पतंजलि हैं, और यह चित्त की वृत्तियों के निरोध (नियंत्रण) को ही योग मानता है।
2. इस दर्शन में प्रतिपादित 'अष्टांग योग' के आठ अंग क्रमशः इस प्रकार हैं: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि।
3. अष्टांग योग के पहले पाँच अंग (यम से प्रत्याहार तक) 'अंतरंग साधना' कहलाते हैं, जबकि अंतिम तीन अंग (धारणा, ध्यान और समाधि) 'बहिरंग साधना' के अंतर्गत आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्केलकुलिया (Dyscalculia - गणितीय वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, ब्रायन बटरवर्थ (Brian Butterworth) द्वारा प्रतिपादित 'कोर नंबर सेंस हाइपोथेसिस' (Core Number Sense Hypothesis) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'इंट्रापैरिएटल सर्कस' (Intraparietal Sulcus - IPS) और 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' के बीच संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण (Numerical Magnitude Processing), स्थानिक-अंकीय संगणना और ऑर्थोग्राफिक-संख्यात्मक एकीकरण की सक्रियण विसंगति, तथा स्टैनिस्लास डीहेन (Stanislas Dehaene) के 'ट्रिपल कोड मॉडल' (Triple Code Model: विजुअल अरेबिक नंबर फॉर्म, ऑडिटो-वर्बल वर्ड फॉर्म, और एनालॉग मैग्नीट्यूड रिप्रेजेंटेशन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मोंटेसरी और संख्या-आधारित मूर्त शिक्षाशास्त्र (Math-Manipulative Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्थानिक तार्किकता, संख्या पहचान व गणितीय समस्या-समाधान प्रवाह के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश की ऊर्जा संरचना, बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और जल विद्युत उत्पादन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में रिहंद नदी (सोन नदी की सहायक) पर बना 'रिहंद बांध' (गोविन्द बल्लभ पंत सागर) राज्य की पहली और सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है, जो सोनभद्र जिले में स्थित है और इससे प्राप्त जल विद्युत का उपयोग मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्रों एवं ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश में स्थित 'ओबरा जल विद्युत केंद्र' और 'माताटीला बांध परियोजना' (बेतवा नदी पर) राज्य के प्रमुख जल विद्युत उत्पादन केंद्र हैं, जो सिंचाई सुविधाओं के साथ-साथ बुंदेलखंड जैसे कम वर्षा वाले क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।
3. राज्य में कुल विद्युत उत्पादन में जल विद्युत (Hydro Power) का हिस्सा थर्मल पावर (कोयला आधारित) और सौर ऊर्जा की तुलना में सबसे अधिक है, क्योंकि उत्तर प्रदेश की नदियाँ बारहमासी होने के कारण वर्ष भर अधिकतम क्षमता से जल विद्युत का उत्पादन करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.