BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
1 views

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के योजना आयोग (अब नीति आयोग) द्वारा उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य के तापमान, वर्षा, मृदा प्रकार और स्थलाकृति की भिन्नता को दर्शाते हैं। 2. उत्तर प्रदेश के 'बुंदेलखंड क्षेत्र' में सिंचित क्षेत्र की कमी और कम वर्षा के कारण चना, मटर, मसूर और तिलहन (जैसे सरसों व अलसी) जैसी कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों का उत्पादन प्रमुखता से किया जाता है। 3. राज्य के 'पश्चिमी मैदानी क्षेत्र' (Western Plain Zone) में गन्ने का उत्पादन सबसे अधिक होता है, और इसी क्षेत्र में देश की पहली आधुनिक चीनी मिल की स्थापना वर्ष 1903 में प्रतापपुर (देवरिया) में की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: योजना आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश को 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में बांटा गया है। कथन 2 सही है: बुंदेलखंड क्षेत्र में शुष्क जलवायु और जल की कमी के कारण दलहन और तिलहन की खेती बहुतायत में होती है। कथन 3 गलत है: पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में गन्ना उत्पादन सर्वाधिक होता है, किंतु देश और राज्य की पहली आधुनिक चीनी मिल की स्थापना वर्ष 1903 में देवरिया जिले के 'प्रतापपुर' में की गई थी, जो उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र (North-Eastern Plain Zone) के अंतर्गत आता है, न कि पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
Share:

Related Questions

कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, वह स्तर जिसमें बालक के नैतिक निर्णय इस बात पर आधारित होते हैं कि समाज के नियम क्या हैं, कानून व्यवस्था बनाए रखना और सामाजिक कर्तव्यों का पालन करना कितना आवश्यक है, निम्नलिखित में से किस चरण या स्तर के अंतर्गत आता है? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत सह-शैक्षणिक क्षेत्रों (Co-scholastic Areas) के मूल्यांकन के लिए निम्नलिखित में से किस पोर्टफोलियो तकनीक को सबसे अधिक विश्वसनीय और वैध उपकरण माना जाता है? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, भारतीय पुनर्वास परिषद अधिनियम (RCI Act, 1992) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'भारतीय पुनर्वास परिषद' (RCI) की स्थापना एक सांविधिक निकाय के रूप में दिव्यांगजन (PwD) के शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास कार्यक्रमों के मानकीकरण और विनियमन के लिए की गई थी। 2. NCF 2005 इस बात की वकालत करता है कि समावेशी शिक्षा कोई अलग पाठ्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामान्य विद्यालयों की उस प्रणाली का विस्तार है जो सभी बच्चों, चाहे वे शारीरिक रूप से अक्षम हों या सामाजिक रूप से वंचित, को एक साथ सीखने का अवसर प्रदान करती है। 3. NCF 2005 के अनुसार, विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CwSN) के लिए 'विशेष विद्यालयों' की स्थापना करना ही एकमात्र आदर्श विकल्प है, और सामान्य कक्षाओं में उनका समावेशन उनके अधिगम स्तर को गिरा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धिमत्ता के द्वि-कारक और बहु-कारक सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'जी-फैक्टर और एस-फैक्टर' (General and Specific Intelligence Factors) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Parietal Cortex), और 'फ्रंटोपैराइटल नेटवर्क' (Frontoparietal Network - P-FIT Model) के बीच सामान्य संज्ञानात्मक प्रसंस्करण दक्षता, तंत्रिका कुचालकता/दक्षता (Neural Efficiency), और विशिष्ट कौशल सिमेंटिक नेटवर्किंग की सक्रियण गतिकी, तथा लुईस थर्स्टेन (Louis Thurstone) के 'प्राथमिक मानसिक योग्यताओं के सिद्धांत' (Primary Mental Abilities) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, समस्या-समाधान क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना और कृषि-जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'रूर' या 'रेह' मृदा की समस्या मुख्य रूप से अत्यधिक सिंचाई और जलभराव के कारण उत्पन्न होती है, जिसमें भूमि की सतह पर सोडियम लवणों की एक सफेद परत जम जाती है जिससे मृदा की उर्वरता नष्ट हो जाती है। 2. 'राँड़' (Raad) या 'रकार' मृदा बुंदेलखंड के ढलान वाले और पथरीले क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक पतली, कम उपजाऊ और कंकरयुक्त मिट्टी है, जिसमें कृषि कार्यों के लिए अत्यधिक मात्रा में जैविक खादों और विशेष सिंचाई प्रणालियों की आवश्यकता होती है। 3. उत्तर प्रदेश के पूर्वी मैदानी भागों में पाई जाने वाली 'धूसर दोमट' मृदा नाइट्रोजन और फास्फोरस तत्वों से भरपूर होती है, जिसके कारण इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग के बिना ही दलहनी फसलों का बंपर उत्पादन स्वतः होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.