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Indian Polity
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अनुच्छेद 32 को 'आत्मा' किसने कहा?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बी.आर. अंबेडकर।
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भारतीय संविधान सभा की निर्माण प्रक्रिया, विभिन्न समितियों और उसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा की कुल बैठकों में से अधिकांश महत्वपूर्ण कार्यों को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से संघ शक्ति समिति, संघीय संविधान समिति और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष क्रमशः पंडित जवाहरलाल नेहरू, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल थे।
2. प्रारूप समिति (Drafting Committee), जिसे 29 अगस्त 1947 को नियुक्त किया गया था, में अध्यक्ष सहित कुल सात सदस्य थे, और इस समिति का मुख्य कार्य संविधान के प्रारूप पर विचार करना था, किंतु इसके द्वारा तैयार किए गए पहले प्रारूप पर आम जनता, प्रेस और प्रांतीय विधानसभाओं से कोई सुझाव या टिप्पणियाँ आमंत्रित नहीं की गई थीं।
3. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण के दौरान कुल तीन वाचन (Readings) हुए थे, और अंततः 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया, जिसमें उस समय सभा के उपस्थित कुल 284 सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर किए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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उच्च न्यायालय (High Court) के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति की आयु क्या है?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की कार्यकारी, विधायी और क्षमादान शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 72 के अंतर्गत राष्ट्रपति को किसी भी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति के दंड को क्षमा करने, उसका प्रविलंबन, विराम या परिहार करने की शक्ति प्राप्त है, और यह शक्ति उन मामलों में भी लागू होती है जहाँ दंड या दंडादेश सेना न्यायालय (Court Martial) द्वारा दिया गया हो।
2. राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति (अनुच्छेद 123) एक विवेकीय शक्ति है, जिसका प्रयोग वह मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना कर सकता है यदि संसद के दोनों सदन सत्र में न हों और राष्ट्रपति का यह समाधान हो जाए कि ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण तुरंत कार्रवाई करना आवश्यक है।
3. संविधान के अनुच्छेद 78 के अनुसार प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य होगा कि वह संघ के प्रशासन के संबंधी और मंत्रिपरिषद के विनिश्चयों (Decisions) से संबंधित सभी संसूचियाँ राष्ट्रपति को संसूचित करे, और यदि राष्ट्रपति ऐसा अपेक्षा करे तो किसी ऐसे विषय को मंत्रिपरिषद के विचार के लिए प्रस्तुत करे जिस पर किसी मंत्री ने विनिश्चय कर लिया है किंतु मंत्रिपरिषद ने विचार नहीं किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, तथा आयोग के सदस्यों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि संघ या किसी राज्य के अधीन कम से कम दस वर्ष तक सरकारी सेवा का अनुभव होना चाहिए।
2. अनुच्छेद 317 के प्रावधानों के तहत संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के किसी भी सदस्य को उसके पद से केवल राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही हटाया जा सकता है, भले ही उसकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की गई हो, और राष्ट्रपति ऐसा तब कर सकता है जब उच्चतम न्यायालय द्वारा (अनुच्छेद 145 के अधीन विहित प्रक्रिया के अनुसार) अन्वेषण किए जाने पर उसे कदाचार का दोषी पाया जाए।
3. अनुच्छेद 319 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष अपने पद पर समाप्त होने के पश्चात् भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य रोजगार का पात्र नहीं होता है, किंतु राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष अपनी पदावधि की समाप्ति पर संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का पात्र होता है, लेकिन किसी अन्य सरकारी नियोजन का नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग IV-A के अंतर्गत वर्णित 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) और स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, किंतु सरदार स्वर्ण सिंह समिति ने करों का भुगतान (Payment of Taxes) करने को भी एक मूल कर्तव्य के रूप में शामिल करने की संस्तुति की थी, जिसे इंदिरा गांधी सरकार ने स्वीकार कर लिया था और मूल संविधान में इसे शामिल किया गया था।
2. मूल प्रकृति से ये कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं; तथा संविधान में इनका प्रवर्तन सीधे न्यायालयों के माध्यम से नहीं किया जा सकता है, किंतु संसद विधि द्वारा इनके क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त दंड या शास्ति का प्रावधान कर सकती है।
3. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से छह से चौदह वर्ष की आयु के बीच के अपने बच्चे या प्रतिपाल्य को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का कर्तव्य जोड़ा गया, जिससे मूल कर्तव्यों की कुल संख्या बढ़कर वर्तमान में ग्यारह हो गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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