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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भीय संरचना और भौतिक विभाजनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को मुख्य रूप से तीन प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित किया जाता है: भावर एवं तराई क्षेत्र, मध्य का मैदानी भाग (गंगा-यमुना का दोआब), और दक्षिण का पठारी एवं पहाड़ी क्षेत्र। 2. 'भावर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक नीचे कंकड़-पत्थर और मोटे बालू से निर्मित एक संकीर्ण पट्टी है, जहाँ नियाँ प्रायः धरातल पर लुप्त (अदृश्य) होकर प्रवाहित होती हैं, जबकि इसके दक्षिण में 'तराई' क्षेत्र स्थित है जो नम, दलदली और घने जंगलों से युक्त भूमि है। 3. दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तर-पूर्वी विस्तार है, जिसके अंतर्गत बुंदेलखंड और बघेलखंड के पठारी भाग आते हैं, और यहाँ की मुख्य नदियाँ बेतवा, केन, चंबल और सोन हैं जो उत्तर की ओर बहकर यमुना या गंगा में मिलती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश के भौतिक या भौगोलिक विभाजन के संदर्भ में दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. उत्तर प्रदेश को धरातलीय और भूगर्भीय संरचना के आधार पर तीन प्रमुख प्राकृतिक भागों—(i) उत्तर का भावर एवं तराई क्षेत्र, (ii) मध्य का मैदानी भाग (गंगा-यमुना का दोआब), तथा (iii) दक्षिण का पठारी क्षेत्र—में विभाजित किया गया है। 2. भावर प्रदेश शिवालिक श्रेणियों के पाद-प्रदेश (Foot-hills) में पश्चिम में सहारनपुर से लेकर पूर्व में कुशीनगर तक फैला हुआ है, जहाँ नदियाँ अत्यधिक कंकड़-पत्थर होने के कारण भूमिगत हो जाती हैं। इसके दक्षिण में तराई क्षेत्र है जो उपजाऊ, नम और गन्ने तथा धान की खेती के लिए प्रसिद्ध है। 3. दक्षिण का पठारी भाग प्रागैतिहासिक भारतीय प्रायद्वीप (Gondwana Land) का उत्तरी विस्तार है, जिसके अंतर्गत बुंदेलखंड के जिले (झाँसी, ललितपुर, महोबा, बांदा, हमीरपुर आदि) आते हैं, और यहाँ की प्रमुख नदियाँ चंबल, बेतवा, केन तथा सोन हैं जो पठारी ढाल का अनुसरण करती हैं।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालकों में 'जीववाद' (Animism) की प्रवृत्ति पाई जाती है, जिसके तहत वे निर्जीव वस्तुओं (जैसे खिलौने, गुड़िया या बादल) को भी सजीव मानकर उनमें मानवीय भावनाएं और चेतना होने की कल्पना करते हैं।
2. बालक 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) से ग्रसित होता है, जिसका अर्थ है कि वह केवल अपने दृष्टिकोण से ही दुनिया को देखता है और यह मान कर चलता है कि दूसरे लोग भी ठीक वैसे ही सोचते और महसूस करते हैं जैसा वह स्वयं करता है।
3. इस चरण के दौरान बालकों में 'पलटावी गुण' या उत्क्रमणीयता (Reversibility) की पूर्ण क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वे आसानी से यह समझ लेते हैं कि यदि पानी को बर्फ में बदला जा सकता है, तो बर्फ को पुनः पानी में भी परिवर्तित किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) की विभिन्न बुद्धियों और उनके लक्षणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गार्डनर ने वर्ष 1983 में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'फ्रेम्स ऑफ़ माइंड: द थ्योरी ऑफ़ मल्टीपल इंटेलिजेंस' में बुद्धि को एक एकल इकाई मानने के पारंपरिक दृष्टिकोण को खारिज करते हुए शुरुआत में सात प्रकार की बुद्धियों का प्रतिपादन किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर नौ प्रकार का कर दिया गया।
2. 'स्थानिक बुद्धि' (Spatial Intelligence) से युक्त व्यक्ति अपने शरीर की गतियों पर सूक्ष्म नियंत्रण और वस्तुओं का कुशलतापूर्वक उपयोग करने की क्षमता रखते हैं, जिसके उत्कृष्ट उदाहरण नर्तक, एथलीट, सर्जन और मूर्तिकार होते हैं।
3. 'संगीतकीय बुद्धि' (Musical Intelligence) वाले व्यक्तियों में लय, ताल, सुर और ध्वनियों के प्रति गहरी संवेदनशीलता होती है, और ऐसे व्यक्ति संगीतकार, गायक या वादक के रूप में अपनी उच्च क्षमता प्रदर्शित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को तीन स्वतंत्र विमाओं (Dimensions)—संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और उत्पादों (Products)—में वर्गीकृत किया गया है। प्रारंभिक मॉडल में कुल 120कोष्ठ (Cells) थे, जिन्हें बाद में संशोधित करके 150 और अंततः 180 कर दिया गया। इस त्रिआयामी मॉडल के 'विषय-वस्तु' (Contents) विमा के अंतर्गत निम्नलिखित में से किस एक श्रेणी को सम्मिलित नहीं किया जाता है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाली अंतिम अवस्था यानी 'विवेक की सार्वभौमिक नीतिपरक अवस्था' (Universal Ethical Principle Orientation) की सबसे मुख्य और विशिष्ट मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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उत्तर प्रदेश की कृषि, मृदा प्रकार और जलवायु व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में पाए जाने वाले पठारी और पहाड़ी क्षेत्रों की मृदा को 'बंडुआ' या 'मार' मृदा कहा जाता है, जो मुख्य रूप से कम उपजाऊ होती है और इसमें नाइट्रोजन एवं ह्यूमस की प्रचुर मात्रा पाई जाती है।
2. राज्य में 'तराई क्षेत्र' (Tarai Region) उत्तर प्रदेश के उत्तर में शिवालिक पहाड़ियों के ठीक नीचे एक संकीर्ण पट्टी के रूप में फैला हुआ है, जहाँ भारी वर्षा और घने जंगलों के कारण मृदा में नमी अधिक होती है तथा यहाँ धान और गन्ने की खेती प्रमुखता से की जाती है।
3. उत्तर प्रदेश में 'लाल मृदा' (Red Soil) मुख्य रूप से मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों के पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती है, जिसका निर्माण लाल बलुआ पत्थर और ग्रेनाइट चट्टानों के अपक्षय से हुआ है और इसमें लौह तत्वों की अधिकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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