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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और बौद्ध कालीन शिक्षण संस्थाओं तथा उनके स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में उच्च शिक्षा की शुरुआत 'उपनयन संस्कार' के माध्यम से होती थी, जिसके पश्चात छात्र को 'भिक्षु' कहा जाता था और वह मठ या विहार में रहकर कठिन नियमों का पालन करता था।
- 2. 'तक्षशिला विश्वविद्यालय' प्राचीन भारत में चिकित्सा और आयुर्वेद का एक प्रमुख केंद्र था, जो गांधार महाजनपद की राजधानी में स्थित था, और यहाँ चाणक्य, जीवक तथा पाणिनि जैसे महान विद्वानों ने अध्ययन किया था।
- 3. 'वल्लभी विश्वविद्यालय' पश्चिमी भारत (वर्तमान गुजरात) में बौद्ध धर्म की हीनयान शाखा का एक प्रमुख केंद्र था, जिसे मैत्रक वंश के राजाओं का संरक्षण प्राप्त था और जहाँ धार्मिक विषयों के साथ-साथ व्यावहारिक विषयों जैसे कृषि, प्रशासन और अर्थशास्त्र की भी शिक्षा दी जाती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में अध्ययन की शुरुआत 'प्रव्रज्या संस्कार' (Pravrajya Ritual) के साथ होती थी (न कि 'उपनयन संस्कार' से, जो वैदिक कालीन शिक्षा का हिस्सा है)। प्रव्रज्या के बाद छात्र 'सामणेर' (Novice) कहलाता था, जबकि उच्च शिक्षा के लिए 'उपसंपदा संस्कार' होता था जिसके बाद वह भिक्षु बनता था। कथन 2 बिल्कुल सही है; तक्षशिला प्राचीन भारत का विश्व प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान था जहाँ चिकित्सा (जीवक), अर्थशास्त्र (चाणक्य) और व्याकरण (पाणिनि) के आचार्य जुड़े रहे। कथन 3 भी सही है; वल्लभी विश्वविद्यालय (गुजरात) हीनयान बौद्ध शिक्षा का प्रमुख केंद्र था जिसे मैत्रक राजवंश का संरक्षण प्राप्त था और यहाँ बौद्ध दर्शन के साथ-साथ सेक्युलर और व्यावहारिक विषयों की शिक्षा भी दी जाती थी।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और बघेलखंड का भूभाग) प्रायद्वीपीय भारत के प्राचीनतम गोंडवाना लैंड का उत्तरी विस्तार है, जहाँ आर्कियन युग की नीस (Gneiss), ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थर (Sandstone) की चट्टानें पाई जाती हैं।
2. राज्य में बहने वाली 'बेतवा' और 'केन' नदियाँ दक्षिणी पठारी क्षेत्र से निकलकर उत्तर दिशा की ओर बहती हैं और यमुना नदी में मिलती हैं, तथा इस क्षेत्र में लाल एवं पैंडुवा (Parwa) मृदा की अधिकता पाई जाती है जो कृषि की दृष्टि से कम उपजाऊ होती है।
3. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर और लखीमपुर खीरी जिलों के उत्तरी छोर पर पाई जाने वाली 'भाबर एवं तराई' पेटी में नदियाँ अत्यधिक कंकड़-पत्थर और मोटे तलछट जमा करती हैं, जिससे तराई क्षेत्र में नदियाँ भूतल पर स्पष्ट रूप से बहती हैं और भाबर क्षेत्र में नदियाँ पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास, विधानसभा गठन और प्रमुख विधायी पदों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रान्त) में वर्ष 1937 में गठित पहली लोकप्रिय मंत्रिमंडल सरकार के प्रधानमंत्री (तत्कालीन मुख्यमंत्री पद का नाम) के रूप में 'गोविन्द वल्लभ पंत' ने कार्यभार संभाला था, जो बाद में राज्य के पहले मुख्यमंत्री भी बने।
2. स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश की विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष (Speaker) होने का गौरव 'श्रीमती सुचेता कृपलानी' को प्राप्त है, जिन्होंने राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में भी इतिहास रचा था।
3. उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Legislative Council), जो कि राज्य का उच्च सदन है, के पहले सभापति (Chairman) के रूप में 'श्री सरन बहादुर सक्सेना' ने कार्य किया था, और यह देश के सबसे बड़े द्विसदनीय विधानमंडलों में से एक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, राज्य को कुल कितने प्रमुख कृषि-जलवायु प्रदेशों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है तथा इनमें से किस क्षेत्र में सर्वाधिक वर्षा एवं तराई प्रकार की मृदा पाई जाती है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं प्राकृतिक संसाधनों के संदर्भ में, राज्य में 'सोनभद्र' जिला निम्नलिखित में से किस मुख्य खनिज के उत्पादन या प्रचुर भंडार के लिए पूरे राज्य में विशिष्ट पहचान रखता है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भौतिक विभाजनों और खनिज संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33% है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद) सबसे बड़ा राज्य है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (जिसे बुंदेलखंड और बघेलखंड का पठार भी कहा जाता है) प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है, और इस क्षेत्र में राज्य के प्रमुख खनिज जैसे डायमंड (बांदा/मिर्जापुर), नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले, पोटाश लवण और चूना पत्थर (सोनभद्र के कजरी और गुरमा क्षेत्र) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
3. राज्य में भूगर्भिक संरचना की दृष्टि से सबसे प्राचीन चट्टानें विंध्यन क्रम की हैं, और उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित 'भाबर और तराई' क्षेत्र में महीन जलोढ़ मृदा तथा दलदली भूमि पाई जाती है, जो जैव विविधता से समृद्ध है और जहाँ गन्ने की कृषि सर्वाधिक की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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