BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
17 views

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पियाजे के अनुसार 'संरक्षण' (Conservation) का तात्पर्य यह समझने की क्षमता से है कि किसी वस्तु के भौतिक स्वरूप, आकार या रूप में परिवर्तन होने पर भी उसका द्रव्यमान, भार, आयतन या संख्या अपरिवर्तित रहती है, और यह क्षमता बच्चों में औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) में ही पहली बार विकसित होती है।
  2. 2. 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-deductive Reasoning) की क्षमता का पूर्ण विकास पियाजे के सिद्धांत की अंतिम अवस्था यानी 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) के दौरान होता है, जहाँ किशोर बिना किसी ठोस या मूर्त सहारे के केवल प्रतीकों और प्रस्तावों के आधार पर समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
  3. 3. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरणों की यह विशेषता है कि ये सभी संस्कृतियों और समाजों में एक निश्चित और सार्वभौमिक क्रम में आगे बढ़ते हैं, अर्थात् कोई भी बच्चा किसी पूर्ववर्ती चरण को छोड़े बिना क्रमबद्ध रूप से ही अगली अवस्था में प्रवेश करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि 'संरक्षण' (Conservation) का गुण बच्चों में 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - 7 से 11 वर्ष) के दौरान विकसित होता है, न कि औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था में। औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था में तो अमूर्त चिंतन का विकास होता है।कथन 2 बिल्कुल सही है; अमूर्त चिंतन और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क की क्षमता 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (11 वर्ष से आगे) की मुख्य विशेषता है।कथन 3 बिल्कुल सही है; पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास के चारों चरण सार्वभौमिक (Universal) और एक निश्चित क्रम (Invariant sequence) में होते हैं।
Share:

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश के भौगोलिक प्रदेशों और उनकी कृषि-जलवायु विशेषताओं के संदर्भ में, 'विंध्य क्षेत्र' और 'पूर्वी मैदान' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विंध्य पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र (जो मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और प्रयागराज के दक्षिणी भागों में फैला हुआ है) मुख्य रूप से प्राचीन विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और शेल चट्टानों से निर्मित है, जहाँ की मृदा मुख्य रूप से लाल और पतली होने के कारण कृत्रिम सिंचाई पर अत्यधिक निर्भर है। 2. उत्तर प्रदेश के पूर्वी मैदानी क्षेत्र (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में मुख्य रूप से प्राचीन और नवीन जलोढ़ मिट्टियाँ पाई जाती हैं, जिन्हें स्थानीय रूप से 'भाँगर' और 'खादर' कहा जाता है, तथा यहाँ की जलवायु उपोष्ण मानसूनी होने के कारण धान और गन्ने की खेती के लिए यह क्षेत्र अत्यधिक अनुकूल है। 3. विंध्य क्षेत्र की प्रमुख नदियों (जैसे- बेलन, कनहर, रिहंद और टोंस) द्वारा निर्मित घाटियों में पुरापाषाण काल से संबंधित महत्वपूर्ण मानव बस्तियों और जीवाश्मों के साक्ष्य मिले हैं, जो इस क्षेत्र के प्राचीन भौगोलिक महत्व को दर्शाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश निम्नलिखित में से किस स्थान पर दिया था? → पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया और पर्यावरण शिक्षा के उद्देश्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पर्यावरण अध्ययन में 'सतत विकास' (Sustainable Development) की अवधारणा का मूल उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की अपनी ज़रूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना है। 2. पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में 'इकोलॉजिकल फुटप्रिंट' (Ecological Footprint) किसी व्यक्ति, समुदाय या गतिविधि द्वारा पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को मापने का एक मानक है, जो यह गणना करता है कि उसकी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए कुल कितनी जैविक रूप से उत्पादक भूमि और जल की आवश्यकता है। 3. 'एजेंडा 21' (Agenda 21), जो 1992 के रियो डी जेनेरियो (पृथ्वी शिखर सम्मेलन) में पारित किया गया था, उसका मुख्य उद्देश्य केवल औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करना था और इसमें प्राथमिक या माध्यमिक स्तर की पर्यावरण शिक्षा तथा नागरिकों की भागीदारी का कोई उल्लेख नहीं किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, जिसमें सूर्य से प्राप्त सौर ऊर्जा का केवल 1 प्रतिशत भाग ही हरे पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है (लिंडेमैन का 10 प्रतिशत नियम ऊर्जा के हस्तांतरण को दर्शाता है)। 2. 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के अंतर्गत पोषक तत्वों का चक्रीकरण होता है, जिसमें 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) के प्रमुख उदाहरण नाइट्रोजन चक्र और कार्बन चक्र हैं, जबकि 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycle) के अंतर्गत फास्फोरस और गंधक (Sulfur) चक्र आते हैं। 3. पारिस्थितिक पिरामिडों में, तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र का 'जीवभार का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) सामान्यतः 'उल्टा' (Inverted) बनता है, क्योंकि इसमें प्राथमिक उत्पादकों (पादपप्लवक) का कुल भार उच्च पोषण स्तर के उपभोक्ताओं (मछलियों) की तुलना में बहुत कम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → समास की दृष्टि से 'त्रिभुज' शब्द में कौन सा समास है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.