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Indian Polity
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राज्यसभा का पदेन अध्यक्ष?

Detailed Explanation

उपराष्ट्रपति।
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→ भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य विधानमंडल के उच्च सदन यानी 'विधान परिषद' (Legislative Council) के गठन, उत्सादन (Abolition) और उसकी संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार संसद, किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए विधि बना सकती है, बशर्ते कि संबंधित राज्य की विधानसभा ने इस आशय का एक प्रस्ताव सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित कर दिया हो। 2. विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है, और किसी भी स्थिति में विधान परिषद के सदस्यों की कुल संख्या 40 से कम नहीं होनी चाहिए, सिवाय उस अपवाद के जहाँ संसद विधि द्वारा कोई विशेष उपबंध करे। 3. विधान परिषद के कुल सदस्यों का एक-तिहाई भाग स्थानीय संस्थाओं (जैसे नगरपालिकाओं, जिला बोर्डों) के निर्वाचक मंडल द्वारा, एक-तिहाई भाग राज्य की विधानसभा के सदस्यों द्वारा (जो विधानसभा के सदस्यों में से नहीं हैं), एक-छठा भाग राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन और समाज सेवा के क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों में से मनोनीत किया जाता है, तथा शेष सदस्य स्नातकों और अध्यापकों के अलग-अलग निर्वाचक मंडलों द्वारा चुने जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं के प्रावधानों और उनकी संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के भाग-IX के अनुच्छेद 243घ (Article 243D) के अनुसार पंचायतों के सभी स्तरों पर महिलाओं के लिए कुल सीटों के कम से कम एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित होना अनिवार्य है, तथा यह आरक्षण प्रत्यक्ष रूप से चुने जाने वाले अध्यक्षों (Chairpersons) के पदों पर भी लागू होता है। 2. 73वें संविधान संशोधन के द्वारा प्रत्येक राज्य में पंचायतों के वित्तीय स्वास्थ्य की समीक्षा के लिए एक 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) के गठन का प्रावधान अनुच्छेद 243झ (Article 243I) के तहत किया गया है, जिसके सदस्यों की योग्यता और उनके चयन की पद्धति का निर्धारण राज्य के राज्यपाल द्वारा किया जाता है। 3. इस संशोधन अधिनियम के लागू होने के पश्चात गठित ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों की कार्यक्षमता के लिए कुल 29 विषयों को सूचीबद्ध किया गया है, और इन सभी 29 विषयों पर विधि बनाकर कार्य करने का अधिकार राज्यों के लिए अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है, जिसे राज्य सरकारें अपनी इच्छा से अस्वीकार नहीं कर सकतीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → मौलिक कर्तव्य किस भाग में हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों की स्वतंत्रता, उनके अधिकार क्षेत्र तथा अधीनस्थ न्यायपालिका के नियंत्रण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 227 के अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर आने वाले सभी न्यायालयों और अधिकरणों (Tribunals) पर अधीक्षण (Superintendence) करने की शक्ति प्राप्त है, और यह अधीक्षण शक्ति केवल प्रशासनिक मामलों तक सीमित है, न्यायिक निर्णयों की समीक्षा या पुनरीक्षण के लिए इस शक्ति का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। 2. संविधान के अनुच्छेद 233 के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात् की जाती है, तथा जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने वाले व्यक्ति के लिए कम से कम सात वर्ष का अधिवक्ता या प्लीडर के रूप में अनुभव होना और संघ या राज्य की सेवा में पहले से सेवारत न होना आवश्यक है। 3. संविधान के अनुच्छेद 236 के निर्वचन और अनुच्छेद 235 के अंतर्गत राज्य के अधीनस्थ न्यायपालिका पर नियंत्रण की शक्ति, जिसमें जिला न्यायालयों से नीचे के न्यायिक सेवा के अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रमोशन और छुट्टी से जुड़े प्रशासनिक मामले शामिल हैं, पूर्ण रूप से संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में निहित होती है, न कि राज्य के राज्यपाल के पास। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कैबिनेट मिशन योजना (1946) के प्रावधानों के तहत संविधान सभा में कुल 389 सदस्यों का निर्धारण किया गया था, जिसमें ब्रिटिश भारत के प्रांतों को 292 सीटें, देशी रियासतें को 93 सीटें और मुख्य आयुक्त के चार प्रांतों को 4 सीटें आवंटित की गई थीं, तथा प्रत्येक प्रांत और रियासत की सीटों का आबंटन उनकी कुल जनसंख्या के अनुपात में मोटे तौर पर प्रति दस लाख की आबादी पर एक सीट के आधार पर किया गया था। 2. संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में ब्रिटिश प्रांतों के लिए निर्धारित 296 सीटों में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 208 सीटें जीतीं, मुस्लिम लीग ने 73 सीटें प्राप्त कीं, और शेष सीटें छोटे समूहों और निर्दलीय उम्मीदवारों द्वारा जीती गईं, जबकि देशी रियासतें संविधान सभा से पूरी तरह अलग रहीं और उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को सभा में नहीं भेजा। 3. संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई, जिसमें मुस्लिम लीग ने बैठक का पूर्ण बहिष्कार किया और पाकिस्तान के लिए एक अलग संविधान सभा की मांग दोहराई, जिसके कारण इस पहली बैठक में केवल 211 सदस्य ही उपस्थित हुए, और इसी सत्र में फ़्रेंच पद्धति का अनुसरण करते हुए संविधान सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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