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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भिक संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का सम्पूर्ण मैदानी भाग गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ (Alluvial) निक्षेपों से निर्मित है, जिसकी गहराई दक्षिण के पठारी भाग की ओर बढ़ने पर निरंतर बढ़ती जाती है। 2. उत्तर प्रदेश के बिजनौर से लेकर देवरिया तक फैले 'तराई' क्षेत्र में महीन कणों वाली उपजाऊ मृदा पाई जाती है, जो भूमिगत जलस्तर के ऊपर होने के कारण अत्यधिक शुष्क होती है और यहाँ वनों का पूर्ण अभाव पाया जाता है। 3. राज्य के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड) में प्राचीनतम आग्नेय और कायांतरित चट्टानें पाई जाती हैं, जो प्रायद्वीपीय भारत के पठार का उत्तर की ओर फैला हुआ हिस्सा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि उत्तर प्रदेश के मैदानी भाग की गहराई दक्षिण के पठारी भाग की ओर जाने पर कम (यानी उत्तर से दक्षिण की ओर घटती) होती है, क्योंकि दक्षिण में प्रायद्वीपीय पठार की चट्टानें सतह के करीब हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि तराई क्षेत्र अत्यधिक नम, दलदली और सघन वनों से आच्छादित होता है, न कि शुष्क। कथन 3 सत्य है, उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड) प्राचीनतम गोंडवाना, विंध्ययन और प्रायद्वीपीय पठार की आग्नेय/कायांतरित चट्टानों से निर्मित है।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक तंत्र' (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह (Energy Flow) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होता है, जो सूर्य से शुरू होकर उत्पादकों, शाकाहारी जीवों और अंततः मांसाहारी जीवों से होता हुआ अपघटक (Decomposers) तक जाता है और यह कभी उलटता नहीं है। 2. लिंडमैन का 'दस प्रतिशत का नियम' (10% Law) यह बताता है कि एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरित होने वाली ऊर्जा का मात्र 10 प्रतिशत भाग ही अगली पोषी स्तर के जीवों के शरीर में संचित हो पाता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ऊष्मा और उपापचय क्रियाओं के दौरान वातावरण में क्षय हो जाती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) एवं समावेशी शिक्षा' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities जैसे डिस्लेक्सिया, डिसकैल्कुलिया और डिसग्राफिया) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ऑक्सिपिटो-टेम्पोरल जंक्शन' (Occipitotemporal Junction - Visual Word Form Area), 'इंट्रापैरिएटल सर्कस' (Intraparietal Sulcus - Numerosity Processing), और 'मोटर कॉर्टेक्स व सेरिबेलम' के बीच दृश्य-श्रव्य एकीकरण, संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण, और सूक्ष्म मोटर समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्कार्स और सैम्युअल किर्क के उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-समावेशी अनुकूलित शिक्षाशास्त्र' (Neuro-Inclusive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी रणनीतियों (Multi-sensory Structured Language/Math Approach), अनुकूलित मूल्यांकन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति के प्रकार एवं सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model of Memory) के संदर्भ में, रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'त्रि-स्तरीय स्मृति मॉडल' (Three-Stage Model of Memory)—जिसके अंतर्गत 'संवेदी रजिस्टर' (Sensory Register), 'अल्पकालिक स्मृति' (Short-Term Memory - STM), और 'दीर्घकालिक स्मृति' (Long-Term Memory - LTM) आते हैं—के वैज्ञानिक स्वरूप, सूचना के प्रतिधारण (Retention) तथा 'विस्मरण के व्यतिकरण सिद्धांत' (Interference Theory of Forgetting) के अंतर्गत 'पूर्ववर्ती व्यतिकरण' (Proactive Interference) और 'परवर्ती व्यतिकरण' (Retroactive Interference) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन तथा समाज सुधार के इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा वर्ष 1828 में स्थापित 'ब्रह्म समाज' का मुख्य उद्देश्य मूर्तिपूजा का विरोध करना, एक ईश्वरवाद का प्रचार करना और हिंदू समाज में व्याप्त कुप्रथाओं जैसे सती प्रथा (जिसे 1829 में विलियम बेंटिक द्वारा कानून बनाकर अवैध घोषित किया गया था) का उन्मूलन करना था।
2. वर्ष 1867 में केशव चंद्र सेन की प्रेरणा से बंबई में आत्माराम पांडुरंग द्वारा 'प्रार्थना समाज' की स्थापना की गई थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देना, विधवा पुनर्विवाह का समर्थन करना और महिलाओं की शिक्षा तथा सामाजिक स्थिति में सुधार करना था।
3. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया था, और उन्होंने पाखंड खंडिनी पताका फहराते हुए मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, अवतारवाद और जन्म आधारित जाति व्यवस्था का पुरजोर खंडन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, संस्कृतियों और मेलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'धुरिया नृत्य' उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रमुख लोक नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से प्रजापति (कुम्हार) समुदाय के लोगों द्वारा विशेष अवसरों और मंगलिक उत्सवों पर स्त्री वेश धारण करके किया जाता है।
2. 'सैला नृत्य' भी बुंदेलखंड क्षेत्र की एक प्रमुख सांस्कृतिक विधा है, जिसे विशेष रूप से किसानों द्वारा फसल कटाई के समय खेतों में उल्लास व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध 'बटेश्वर मेला' का आयोजन आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर किया जाता है, जो मुख्य रूप से एक प्रसिद्ध ऊँट और पशु व्यापार मेला है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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