त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समावेशी शिक्षा का अभिप्राय यह है कि विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) को सामान्य बालकों से पूर्ण रूप से पृथक करके एक विशेष आवासीय विद्यालय में रखा जाए, ताकि वे अपनी गति से सीख सकें। 2. 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act 2009) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) दोनों ही इस बात पर बल देते हैं कि कक्षा-कक्ष में विविधता का सम्मान किया जाना चाहिए तथा किसी भी बालक को उसकी शारीरिक या मानसिक अक्षमता के आधार पर विद्यालय में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। 3. सार्वभौमिक डिजाइन (Universal Design for Learning - UDL) का सिद्धांत समावेशी कक्षाओं में शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) और मूल्यांकन प्रणालियों में लचीलापन लाने की वकालत करता है ताकि सभी प्रकार के अधिगमकर्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) विशेष आवश्यकता वाले बालकों को सामान्य बालकों से पृथक करने के बजाय सामान्य विद्यालयों में एक साथ (बिना किसी भेदभाव के) शिक्षा देने पर जोर देती है। कथन 2 सही है, RTE Act 2009 और NCF-2005 दोनों ही कक्षाओं में विविधता का स्वागत करते हैं और समावेशी परिवेश को अनिवार्य बनाते हैं। कथन 3 सही है, सार्वभौमिक डिजाइन (UDL) का उद्देश्य सभी छात्रों के लिए सीखने की बाधाओं को दूर करना और लचीली शिक्षण पद्धतियाँ अपनाना है।
Related Questions
→
हिंदी भाषा शिक्षण में 'मौखिक अभिव्यक्ति' (Oral Expression) की कुशलता के विकास के लिए, प्राथमिक स्तर पर निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण युक्ति या गतिविधि सबसे अधिक प्रभावी और तार्किक मानी जाती है?
→
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक और विधायी ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Uttar Pradesh Legislative Council) भारत की सबसे बड़ी द्विसदनीय व्यवस्थापिका की विधान परिषद है, जिसमें कुल सदस्यों की संख्या 100 है, और इसका गठन सर्वप्रथम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के प्रावधानों के तहत किया गया था।
2. उत्तर प्रदेश में कुल 18 मंडल (Divisions) हैं, और इनमें से 'अलीगढ़' मंडल राज्य का सबसे नवीनतम (18वां) मंडल है, जिसे वर्ष 2008 में एटा, कासगंज, अलीगढ़ और हाथरस जिलों को मिलाकर बनाया गया था।
3. राज्य में लोकायुक्त संस्था की स्थापना 'उत्तर प्रदेश लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1975' के तहत की गई थी, और उत्तर प्रदेश के पहले लोकायुक्त न्यायमूर्ति विशम्भर दयाल थे, जिनका कार्यकाल इस पद पर सबसे लंबा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'तराई क्षेत्र' (Tarai Region) की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. तराई क्षेत्र भाबर पेटी के ठीक दक्षिण में एक संकीर्ण (लगभग 15 से 30 किमी चौड़ी) पट्टी के रूप में स्थित है, जहाँ भाबर क्षेत्र में विलुप्त होने वाली छोटी नदियाँ धरातल पर पुनः प्रकट होकर प्रवाहित होती हैं।
2. यहाँ अत्यधिक नमी, सघन जंगलों और दलदली भूमि की उपस्थिति के कारण प्राकृतिक रूप से जैव विविधता प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, और वर्तमान में इस क्षेत्र की भूमि को उपजाऊ बनाकर गन्ने और धान की कृषि के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।
3. तराई क्षेत्र की मृदा अत्यधिक सूखी, बंजर और कंटीली झाड़ियों से युक्त होती है, जिसके कारण यह क्षेत्र कृषि कार्य के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त माना जाता है और यहाँ किसी भी प्रकार की फसल का उत्पादन नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) की प्रमुख अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास एक सामाजिक रूप से मध्यस्थता वाली प्रक्रिया है, जिसमें संस्कृति, भाषा और सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction) बालकों के मानसिक विकास में केंद्रीय भूमिका निभाती है, और भाषा केवल संवाद का साधन नहीं बल्कि चिंतन को आकार देने का मुख्य उपकरण है।
2. समीपस्थ विकास का क्षेत्र (Zone of Proximal Development - ZPD) वास्तविक विकास स्तर (स्वयं समस्या हल करने की क्षमता) और संभावित विकास स्तर (वयस्क या अधिक कुशल साथी के मार्गदर्शन में समस्या हल करने की क्षमता) के बीच का अंतर है।
3. 'मचान' या 'पाड़' (Scaffolding) एक ऐसी शिक्षण तकनीक है जिसमें शिक्षक या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) द्वारा बालक को शुरुआती सहायता या निर्देश दिए जाते हैं, जिसे बालक की स्वतंत्रता बढ़ने पर धीरे-धीरे कम या समाप्त कर दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (Moral Development Stages: पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक, और उत्तर-पारंपरिक स्तर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'अमिकडाला' (Amygdala) के बीच नैतिक दुविधा प्रसंस्करण (Moral Dilemma Processing), सहानुभूतिपूर्ण निर्णय, और आवेग नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल के नैतिकता सिद्धांत' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मॉरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Moral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में न्यायपरक तर्क, सामाजिक-संवेगात्मक न्याय व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.