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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय लवणीयता' (Ocean Salinity) के वितरण तथा इसे प्रभावित करने वाले कारकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. महासागरों की सतह पर लवणीयता का मुख्य निर्धारण वाष्पीकरण (Evaporation) और वर्षण (Precipitation) के शुद्ध अंतर द्वारा होता है, यही कारण है कि भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में उच्च तापमान और भारी वाष्पीकरण के बावजूद वार्षिक भारी वर्षा के कारण कर्क और मकर रेखाओं की तुलना में सतह की लवणीयता कम पाई जाती है।
  2. 2. उच्च अक्षांशों (High Latitudes) में महासागरीय लवणीयता मुख्य रूप से समुद्र के जल के जमने (Freezing) और बर्फ के पिघलने (Melting of ice) की प्रक्रियाओं से अत्यधिक प्रभावित होती है, जहाँ सर्दियों में समुद्री बर्फ के निर्माण के कारण शेष जल में लवण की मात्रा बढ़ जाती है और लवणीयता उच्च हो जाती है।
  3. 3. अंतर्देशीय समुद्रों और झीलों (जैसे मृत सागर या वान झील) में यदि जल का बहिर्वाह (Outflow) पूरी तरह से अनुपस्थित हो और वाष्पीकरण की दर अत्यधिक उच्च हो, तो उनमें लवणीयता का स्तर सामान्य महासागरों की तुलना में कई गुना अधिक हो जाता है, जिससे वे अति-लवणीय (Hypersaline) प्रकृति के हो जाते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: भूमध्यरेखीय क्षेत्र में तापमान बहुत अधिक होता है जिससे वाष्पीकरण भी अधिक होता है, किंतु यहाँ प्रतिदिन होने वाली संवहनी वर्षा (Convectional Rainfall) के कारण ताजे पानी की आपूर्ति प्रचुर मात्रा में होती है। इस उच्च वर्षण के कारण भूमध्य रेखा पर सतह की लवणीयता (लगभग 34-35‰), उप-उष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटियों यानी कर्क और मकर रेखाओं (लगभग 36‰) की तुलना में कम होती है। कथन 2 सही है: उच्च अक्षांशों (ध्रुवीय क्षेत्रों) में लवणीयता का नियंत्रण मुख्य रूप से हिमपात, बर्फ के पिघलने और समुद्री बर्फ के जमने की क्रियाओं पर निर्भर करता है। जब समुद्र का पानी जमता है (Freezing), तो लवण पीछे छूट जाते हैं और आसपास के पानी की लवणीयता बढ़ जाती है; इसके विपरीत, बर्फ के पिघलने से ताजा पानी मिलने पर लवणीयता कम हो जाती है। कथन 3 सही है: अंतर्देशीय समुद्रों और झीलों (जैसे मृत सागर, ग्रेट साल्ट लेक या वान झील) में जहाँ नदियों का जल तो आता है किंतु समुद्र तक कोई बहिर्वाह (Outflow) नहीं होता और शुष्क जलवायु के कारण तीव्र वाष्पीकरण होता है, वहाँ खनिजों और लवणों का संचय निरंतर होता रहता है, जिससे उनकी लवणीयता अत्यधिक उच्च (Hypersaline) हो जाती है। अतः तीनों कथन सही हैं।
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